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IND vs SL: भारतीय गेंदबाज सॉफ्ट बॉल से नहीं कर सके कमाल, श्रीलंका फॉलोऑन बचाने में हुआ कामयाब

By Abhishek TripathiEdited By: Abhishek Nigam
Updated: Mon, 17 Aug 2026 09:00 PM (IST)

2837 रन टेस्ट रन बना चुके हैं निरोशन डिकवेला, लेकिन अब तक उनके नाम एक भी शतक नहीं है। बिना शतक के सबसे ज्यादा 3154 रन बनाने का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलयाई दिग्गज शेन वॉर्न के नाम है।

मानव सुथार और सोनल दिनुशा

मानव सुथार और सोनल दिनुशा

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संक्षेप में पढ़ें

अभिषेक त्रिपाठी, जागरण गॉल। पहले टेस्ट के तीसरे दिन सुबह चार गेंदों पर दो रन जोड़कर जब भारतीय टीम ऑलआउट हुई तो लगा कि भारतीय टीम गॉल अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम की पिच पर श्रीलंकाई बल्लेबाजों को परेशान करेगी और ऐसा हुआ भी।

पहली पारी में 462 रन बनाने वाली भारतीय टीम ने श्रीलंका के पांच बल्लेबाजों को कुल 90 रनों के स्कोर पर पवेलियन भेज दिया। ऐसा लगने लगा कि डब्ल्यूटीसी फाइनल में जगह बनाने के लिए हर हालत में जीत की तलाश में जुटी भारतीय टीम के सामने श्रीलंकाई टीम को फॉलोऑन झेलना होगा, लेकिन उनके दो बाएं हाथ के बल्लेबाजों निरोशन डिकवेला (80) और सोनल दिनुशा (100) ने छठे विकेट के लिए 146 रनों की साझेदारी करके मेजबान टीम को झंझावतों से बाहर निकाल दिया।

दूसरे सत्र में श्रीलंका की वापसी

दिनुशा ने अपने करियर का पहला टेस्ट शतक लगाया। भारत के तीन बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार, कुलदीप यादव और रवींद्र जडेजा तीसरे दिन के दूसरे सत्र में एक भी विकेट नहीं ले पाए। श्रीलंका ने दूसरे सत्र में 116 रन बटोरे। 90 रन पर पांच विकेट गंवाने वाली श्रीलंकाई टीम आखिरी सत्र में 284 रन बनाकर ऑलआउट हुई।

कूकाबुरा गेंद का बुरा असर

कूकाबुरा की लाल गेंद 30-35 ओवर के बाद सॉफ्ट हो जाती है और उसके बाद उस पर विकेट लेना मुश्किल हो जाता है। यहां भी ऐसा ही हुआ। ड्यूक और एसजी गेंद की तरह उसकी सीम उभरी हुई नहीं होती है, जिससे गेंदबाजों और खासकर स्पिनरों को विकेट लेने में मुश्किल होती है।

पिच पर मदद के बावजूद भारतीय गेंदबाज 26.2 से 61.3 के बीच कोई विकेट नहीं ले पाए। प्रसिद्ध कृष्णा ने डिकवेला को आउट करके इस साझेदारी को तोड़ा। विकेटकीपर कुशल मेंडिस के चोटिल होने के कारण तीन साल बाद टेस्ट टीम में आए डिकवेला के चयन पर बहुत सवाल उठ रहे थे लेकिन उन्होंने सबको गलत साबित कर दिया।

सुथार ने लिए चार विकेट

अफगानिस्तान के विरुद्ध अपने एकमात्र टेस्ट में सात विकेट लेने वाले मानव सुथार श्रीलंका दौरे पर बड़े वादे के साथ आए थे और उन्होंने यहां पर अपने पहली ही गेंद पर विकेट लेकर उसकी तरफ कदम भी बढ़ाए। उन्होंने श्रीलंका की पहली पारी में सबसे ज्यादा चार विकेट भी लिए।

तीन विकेट लेकर रवींद्र जडेजा ने भी उनकी अच्छी मदद की। बाकी तीन गेंदबाजों को सिर्फ एक-एक विकेट मिला। कुलदीप यादव की गेंदबाजी ज्यादा अच्छी नहीं रही। मोहम्मद सिराज ने निशान मदुष्का को आउट करके भारत को पहला विकेट दिलाया।

सुथार का हल्‍ला बोल

इसके बाद सुथार ने नई गेंद से स्पिन और शार्प टर्न के जरिये श्रीलंका को हिला दिया। उनकी पहली गेंद मिडिल और ऑफ स्टंप के बीच गुड लेंथ पर गिरी। गेंद बाउंस के साथ टर्न हुई और अनुभवी दिनेश चांदीमल विकेटकीपर पंत को कैच देकर चलते बने। उनकी ही गेंद पर लाहिरू उदारा कट शॉट खेलने के चक्कर में बैकवर्ड पाइंट पर आसान कैच दे बैठे।

गिल का अविश्‍वसनीय कैच

इसके बाद कुलदीप यादव की गेंद पर शुभमन गिल ने कभी न भुला पाने वाले कैच को लेकर कामिंडु मेंडिस को चलता कर दिया। शॉर्ट कवर पर खड़े गिल ने अपनी बाईं ओर फुल डाइव लगाई और गेंद को एक हाथ से जमीन से कुछ इंच ऊपर पकड़ लिया।

इसके बाद रवींद्र जडेजा भी विकेट पार्टी में शामिल हो गए। उनकी गेंद बहुत ज्यादा घूम रही थी। यही कारण था कि श्रीलंकाई कप्तान धनंजय डिसिल्वा अपने पैड और ऑफ स्टंप को कवर करके उम्मीद कर रहे थे कि गेंद ज्यादा टर्न लेकर बाहर निकल जाए, लेकिन जडेजा की एक गेंद सामान्य से कम टर्न हुई और धनंजय के बल्ले का किनारा छूते हुए स्लिप में खड़े राहुल के हाथों में चली गई।

लंच के बाद बदला गेम

लंच के बाद डिकवेला और दिनुशा ने साझेदारी करना जारी रखा। हालांकि उन्हें किस्मत का भी साथ मिला। कुछ गेंद उनके बल्ले के बिलकुल बगल से निकलीं तो कुछ स्वीप पर उछले कैच ऐसी जगह पर गिरे जहां क्षेत्ररक्षक नहीं था। इसके बाद कूकाबुरा गेंद नरम हो गई और डिकवेला ने लगातार स्वीप शाट खेलकर रन बनाए।

दिनुशा ने रिवर्स स्वीप के साथ स्लाग शॉट लगाए। उन्होंने जडेजा को भी स्लाग स्वीप पर छक्का मारा, जो सबसे मुश्किल कामों में से एक है। दूसरे सत्र में तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने रिवर्स स्विंग भी हासिल की, लेकिन ये दोनों बल्लेबाज उसे भी झेलने में सक्षम साबित हुए।

कृष्‍णा बने जोड़ी ब्रेकर

चायकाल के बाद प्रसिद्ध ने एक सीम गेंद फेंकी जो टिप्पा खाकर दूर चली गई। गेंद ने डिकवेला के बल्ले का बाहरी किनार लिया और विकेट के लिए तरस रही भारतीय टीम को राहत मिली। डिकवेला 21 टेस्ट पारियों में पहली बार 100 या उससे ज्यादा गेंद खेल पाए।

इसके बाद राहुल ने एक कैच छोड़ा। हालांकि भारत की किस्मत अच्छी रही, जब केशर नुवांथा ने शानदार कवर ड्राइव मारी और गेंद सिली पाइंट पर खड़े यशस्वी जायसवाल के घुटने से टकराकर आसान कैच के लिए ऊपर उछल गई। पास में खड़े गिल ने कैच पकड़ लिया और जडेजा 350 विकेट लेने वाले दुनिया के नौवें स्पिनर बन गए।

श्रीलंका को फॉलोऑन पार करने के लिए 20 रन चाहिए थे और दिनुशा भी शतक के करीब थे। वह शतक पूरा करने के बाद जडेजा का शिकार बने। सुथार ने पहले जयसूर्या और फिर लाहिरू कुमारा को स्टंप आउट कराकर श्रीलंकाई पारी का अंत किया। सुथार के चारों विकेट चार-पांच मीटर के लेंथ जोन पर फेंकी गेंदों पर मिले।

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