यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 26, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
PSL 2025 Final: सिकंदर का राज… लाहौर कलंदर्स ने तीसरी बार जीता PSL खिताब; क्वेटा को फाइनल में मिली करारी हार
शाहीन शाह अफरीदी की लाहौर कलंदर्स ने सऊद शकील की क्वेटा ग्लेडिएटरस को एक गेंद बाकी रहते हुए 6 विकेट से हराकर पाकिस्तान सुपर लीग का फाइनल जीत लिया। रवि ...और पढ़ें

HighLights
- PSL 2025 Final: लाहौर कलंदर्स ने जीता पीएसएल 2025 का टाइटल
- PSL 2025 Final में लाहौर कलंदर्स ने क्वेटा ग्लेडिएटर्स को 6 विकेट से दी मात
- PSL 2025 Final: सिकंदर रजा रहे जीत के रियल हीरो
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। ट्रेंट ब्रिज में इंग्लैंड-जिम्बाब्वे टेस्ट मैच के तीसरे दिन 68 गेंदों में 60 रन बनाने वाले सिकंदर रजा काफी सुर्खियों में रहे। ऐसा इसलिए, क्योंकि इंग्लैंड-जिम्बाब्वे टेस्ट मैच खेलने के बाद सिकंदर सीधा पीएसएल फाइनल में खेलने के लिए रवाना हुए।
रिपोर्टों के अनुसार, जिम्बाब्वे के ऑलराउंडर टॉस से केवल दस मिनट पहले पाकिस्तान में उतरे । हवाई अड्डे से सीधे मैदान पर जाकर, रजा ने पहली पारी में 43 रन देकर 1 विकेट लिया। सिर्फ विकेट ही नहीं उन्होंने मैच विनिंग पारी खेली और लाहौर कलंदर्स को क्वेटा ग्लेडिएटर्स के खिलाफ पीएसएल 2025 का खिताब जिताया। ये तीसरी बार रहा जब लाहौर कलंदर्स की टीम ने पीएसएल का फाइनल जीता।
सिकंदर रजा बने लाहौर कलंदर्स के रियल हीरो
दरअसल, इंग्लैंड-जिम्बाब्वे टेस्ट मैच खेलने के बाद सिकंदर रजा ने चमत्कारिक प्रदर्शन पीएसएल 2025 फाइनल में दिखाया। उन्होंने न केवल क्वेटा ग्लेडिएटर्स के खिलाफ फाइनल में अपनी पीएसएल टीम के लिए खेला, बल्कि उन्हें जीत भी दिलाई।
202 रनों का पीछा करते हुए, लाहौर कलंदर्स की टीम 13वें ओवर में 115-2 पर अच्छी स्थिति में दिख रही थी, जब अब्दुल्ला शफीक 28 गेंदों में 41 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद अगले चार ओवर में 25 गेंदों में केवल 30 रन बने। रजा नंबर 6 पर बल्लेबाजी करने आए, जब लाहौर को 3.2 ओवर में 57 रनों की जरूरत थी और उन्होंने धमाकेदार शुरुआत की।
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3 गेंद पर लाहौर कलंदर्स को चाहिए थे 8 रन
सिकंदर सजा ने मोहम्मद आमिर की पहली गेंद पर चौका और दूसरी गेंद पर छक्का लगाकर मैच को रोमांचक मोड पर पहुंचाया। आखिरी तीन ओवरों में अब टीम को 47 रन की दरकार थी। कुसल परेरा ने अगले ओवर में दो छक्के और 19वें ओवर की पहली गेंद पर चौका लगाया। जब रजा अगली बार स्ट्राइक पर आए, तो लाहौर को 10 गेंदों में 25 रनों की दरकार थी। अब आखिरी ओवर में 13 रन की जरूरत थी।
आखिरी ओवर में एक वाइड, दो सिंगल और एक डबल रन के बाद, लाहौर को तीन गेंद में 8 रन चाहिए थे। फिर रजा ने फहीम की गेंद पर सिक्स लगाया और चौका लगाकर एक गेंद बाकी रहते हुए अपनी टीम को ये खिताब जिताया। 7 गेंद में 22 रन बनाने के बाद वह नाबाद रहे। ये पीएसएल फाइनल में सफल रन चेज में 7 गेंद की सबसे तेज पारी भी बनी।
ट्रेंट ब्रिज से सीधे गद्दाफी स्टेडियम पहुंचे सिकंदर
PSL फाइनल में सिकंदर रजा का सफर कमाल का रहा। 24 मई को ट्रेंट ब्रिज में इंग्लैंड-जिम्बाब्वे टेस्ट के तीसरे दिन 68 गेंदों में 60 रन बनाने के बाद, रजा ने रविवार यानी 25 मई को PSL फाइनल में चमक बिखेरी।
रिपोर्टों के अनुसार, जिम्बाब्वे के ऑलराउंडर सिकंदर टॉस से ठीक दस मिनट पहले पाकिस्तान में उतरे। अगर वह समय पर नहीं पहुंच पाते, तो टीम को उनकी कमी जरूर खलती। सीधे हवाई अड्डे से मैदान तक पहुंचने के बाद रजा ने पहली पारी में 43-1 रन देकर चार ओवर फेंके। उन्होंने मैच में 7 गेंदों पर नाबाद 22 रन की मैच विनिंग पारी खेली।