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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 20, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    World Cup 2023: साल 2013 के बाद ICC ट्रॉफी के लिए तरस रही टीम इंडिया, पिछले दस सालों में भारत के साथ क्या-कुछ हुआ?

    By Jagran NewsEdited By: Mohammad Sameer
    Updated: Mon, 20 Nov 2023 05:00 AM (IST)

    विश्व कप में मिली हार की वजह कुछ लोग खराब रणनीति को भी मान रहे हैं। भारतीय कोच राहुल द्रविड़ पूरे विश्व कप के दौरान हर आयोजन स्थल में पहुंचते ही सीधे ...और पढ़ें

    साल 2013 के बाद ICC ट्रॉफी के लिए तरस रही टीम इंडिया
    साल 2013 के बाद ICC ट्रॉफी के लिए तरस रही टीम इंडिया

    HighLights

    1. 10 साल से आईसीसी ट्राफी का सूखा अब भी जारी
    2. भारत की खराब रणनीति भी मानी जा रही जिम्मेदार

    अभिषेक त्रिपाठी,अहमदाबाद। भारतीय टीम ने इस्तेमाल की हुई धीमी पिच का जाल आस्ट्रेलियाई टीम के लिए बुना लेकिन वह खुद ही उसमें फंसकर अपने ही घर में वनडे विश्व कप का फाइनल जीतने से चूक गई। ट्रेविस हेड की 137 रनों की पारी से आस्ट्रेलियाई टीम छठी बार विश्व चैंपियन बनी जबकि दो बार वनडे विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का 10 साल से आईसीसी ट्राफी का सूखा अब भी जारी है।

    आस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के सामने लोकेश राहुल (66) और विराट कोहली (54) ही अर्धशतक बना सके और पूरी टीम 50 ओवर में 240 रनों पर सिमट गई। आस्ट्रेलिया ने 43 ओवरों में चार विकेट के नुकसान पर ही जीत हासिल कर ली।

    भारत की खराब रणनीति 

    भारतीय कोच राहुल द्रविड़ पूरे विश्व कप के दौरान हर आयोजन स्थल में पहुंचते ही सीधे मैदान पर पिच देखने पहुंचते थे। शुरुआती 10 मैचों में उन्हें इसका फायदा मिला, लेकिन महामुकाबले में यह दांव फेल हो गया। फाइनल से पहले अहमदाबाद में पहुंचते ही उन्होंने नरेन्द्र मोदी स्टेडियम में भी ऐसा ही किया। इसके बाद भारत और पाकिस्तान मैच में इस्तेमाल हुई पिच पर फाइनल कराने का निर्णय हुआ।

    शुक्रवार, शनिवार को पिच पर बहुत कम पानी डाला गया और हैवी रोलर चलाया गया। इससे पिच सूख गई और धीमी हो गई। भारत की बल्लेबाजी जब अच्छी चल रही थी तो बल्लेबाजों के मुफीद पिच पर खेलने की जगह धीमी पिच पर खेलने का दांव उल्टा पड़ गया। टीम प्रबंधन की रक्षात्मक रणनीति भारत के विश्व चैंपियन बनने की राह में रोड़ा साबित हुई।

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    भारतीय टीम इससे पहले चिन्नास्वामी और वानखेड़े स्टेडियम जैसे बड़े स्कोर वाले मैदान पर खेलकर आई थी, लेकिन शायद टीम प्रबंधन के दिमाग में सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी चल रही थी। सेमीफाइनल में 398 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड ने एक समय 32.3 ओवर में तीन विकेट पर 220 रन बना लिए थे।

    यही सोचकर शायद यहां मैच धीमी पिच पर कराने का निर्णय लिया गया, लेकिन आस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस ने शनिवार की सुबह नरेन्द्र मोदी स्टेडियम पहुंचते ही पिच की फोटो खींची। उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा था कि मुझे पिच की उतनी समझ नहीं है, लेकिन उन्होंने जो फोटो ली उस पर टीम ने रणनीति बनाई।

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    पिच पर जो पैच स्पिनरों के टर्न के लिए दिखाई दे रहे थे उन पर आस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों ने गेंद को पटका। इससे भारतीय बल्लेबाजों को असामान्य उछाल का सामना करना पड़ा। कंगारुओं ने अंतिम के ओवर में उन्हीं पैचों से गेंद को रिवर्स भी कराया।

    2013 केे बाद आईसीसी खिताब नहीं जीत पाई है भारतीय टीम

    आईसीसी टूर्नामेंट्स में भारत का प्रदर्शन (2013 के बाद) 

    2014- टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में हार

    2015- क्रिकेट वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में हार

    2016- टी20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में हार गया

    2017- चैम्पियंस ट्रॉफी फाइनल में मिली हार

    2019- क्रिकेट वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में हार

    2021- वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल हारे

    2022- टी20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में मिली हार

    2023- वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल हारे

    2023- क्रिकेट वर्ल्ड कप फाइनल में हुई हार

    भारत ने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल के दौरान इंग्लैंड में बादल देखते हुए पहले गेंदबाजी करने का निर्णय लिया था, जबकि मौसम विभाग कह रहा था कि 45 मिनट बाद धूप खिल जाएगी। वहां पर भी वह दांव उल्टा पड़ा था। ट्रेविस हेड ने शतक ठोका था। यहां पर भी कुछ वैसा ही हुआ। भारत जब जब अपने बल्लेबाजों और गेंदबाजों की जगह पिच पर भरोसा करता है तब तब उसे मात खानी होती है।