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15 अगस्त 2026: अतिरिक्त आयुक्त दिनेश गुप्ता समेत 17 अधिकारी-जवानों को राष्ट्रपति व मेधावी सेवा पदक, देखें लिस्ट

Updated: Fri, 14 Aug 2026 07:33 PM (IST)

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिल्ली पुलिस के 17 अधिकारियों और जवानों को राष्ट्रपति व मेधावी सेवा पदक से सम्मानित किया जाएगा। इनमें अतिरिक्त पुलिस आयुक्त दिनेश कुमार गुप्ता और एसआई राजेश कुमार को राष्ट्रपति पदक मिलेगा।

दिल्ली पुलिसकर्मियों को मिला मेधावी सेवा पदक। फाइल फोटो

दिल्ली पुलिसकर्मियों को मिला मेधावी सेवा पदक। फाइल फोटो

HighLights

  1. दिल्ली पुलिस के 17 अधिकारियों को स्वतंत्रता दिवस पर सम्मान।

  2. दो को राष्ट्रपति, 15 को मेधावी सेवा पदक से नवाजा जाएगा।

  3. उत्कृष्ट सेवाओं, अपराध नियंत्रण और जनसेवा में योगदान।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इस बार उत्कृष्ट सेवाओं के लिए दिल्ली पुलिस के 17 अधिकारियों और जवानों को राष्ट्रपति पदक व मेधावी सेवा पदक से सम्मानित किया जाएगा। उनमें से दो को राष्ट्रपति पदक और 15 को मेधावी सेवा पदक से सम्मानित होंगे।

राष्ट्रपति पदक पाने वालों में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त दिनेश कुमार गुप्ता और एसआइ राजेश कुमार शामिल हैं। दिनेश कुमार गुप्ता ने दिल्ली पुलिस में फील्ड आपरेशन से लेकर ट्रैफिक और विशेष विभागों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं।

वह पूर्वी, दक्षिण- पश्चिम, उत्तर और नई दिल्ली जिले में एडीसीपी तथा रेलवे, आईजीआई एयरपोर्ट, ट्रैफिक, भर्ती सेल और शाहदरा में डीसीपी के पद पर रहे हैं।

2018 में भी मिला मेधावी सेवा पदक

वर्तमान में वह यातायात अतिरिक्त पुलिस आयुक्त के रूप में बड़े राष्ट्रीय समारोहों, धार्मिक आयोजनों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में यातायात प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उन्हें 2018 में भी मेधावी सेवा पदक मिल चुका है।

एसआई राजेश कुमार 1988 में कांस्टेबल के रूप में दिल्ली पुलिस में शामिल हुए थे। उन्होंने क्वार्टर अलॉटमेंट सेल की वेबसाइट को पारदर्शी बनाने और डायरेक्टरेट आफ एस्टेट्स में दिल्ली पुलिस के नोडल अधिकारी के रूप में महत्वपूर्ण कार्य किया। उन्हें 2005 में मेधावी सेवा पदक से सम्मानित किया गया।

सुरेंदर कुमार की क्या रही भूमिका

मेधावी सेवा पदक पाने वालों में संयुक्त पुलिस आयुक्त सुरेंदर कुमार और नूपुर प्रसाद समेत 15 अधिकारी-जवान शामिल हैं।

सुरेंदर कुमार ने ई-बीट बुक, ई-साइन, साइबर फ्राड ई-एफआइआर, मेडलीप्र और जिपनेट जैसी तकनीकी व्यवस्थाओं को मजबूत करने में भूमिका निभाई। वह वर्तमान में क्राइम ब्रांच में संयुक्त पुलिस आयुक्त हैं।

नूपुर प्रसाद का योगदान

नूपुर प्रसाद ने शाहदरा की पहली डीसीपी के रूप में जिला ढांचा तैयार करने के साथ सीबीआइ में अगस्ता वेस्टलैंड और सुशांत सिंह राजपूत मृत्यु मामले की जांच की निगरानी की।

अन्य पदक विजेताओं के नाम

अन्य पदक पाने वालों में निरीक्षक राकेश कुमार भट्ट, निरीक्षक तारा दत्त, एएसआइ कैलाश चंद, अंजना कुमारी, सतीश पाटिल, आनंद बल्लभ, प्रदीप कुमार शर्मा, बिंदु, तथा एएसआइ दिनेश कुमारी शामिल हैं।

इसी तरह, महिला हेड कांस्टेबल ललिता, शर्मिला, पुष्पा रानी और हेड कांस्टेबल विजय सिंह शामिल हैं। इन अधिकारियों और जवानों ने आतंकियों व गैंगस्टरों की गिरफ्तारी, जघन्य अपराधों के पर्दाफाश, अवैध शराब व मादक पदार्थों की तस्करी पर कार्रवाई, सुरक्षा व्यवस्था, जनसेवा, रिकार्ड डिजिटाइजेशन और विभागीय प्रशासन में उल्लेखनीय योगदान दिया है।

ललिता ने गुमशुदा बच्चों को उनके परिवारों तक पहुंचाने और महिलाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण देने में योगदान दिया, जबकि शर्मिला ने ई-एचआरएमएस के माध्यम से मेडिकल बिलों के ई-भुगतान की व्यवस्था को प्रभावी बनाने में भूमिका निभाई है।