वीजा शर्तों की जांच में खुली पोल, तय अवधि से ज्यादा रुके दो बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार
दिल्ली के नबी करीम इलाके में वीजा नियमों का उल्लंघन कर तय समय से अधिक रुकने के आरोप में दो बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। उन्हें सेवा धाम डिटेंशन सेंटर भेजकर देश से वापस भेजने (डिपोर्टेशन) की कार्रवाई शुरू की गई है।

नबी करीम होटल से दो बांग्लादेशी नागरिक पकड़े गए।
HighLights
नबी करीम होटल से दो बांग्लादेशी नागरिक पकड़े गए।
वीजा नियमों का उल्लंघन कर तय समय से अधिक रुके।
डिटेंशन सेंटर भेजकर डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। वीजा नियमों का उल्लंघन कर अवैध रूप से नबी करीम इलाके के होटल में रह रहे दो विदेशी नागरिकों को मध्य जिले की स्पेशल स्टाफ की टीम ने पकड़ा है। दोनों विदेशी नागरिक हर विजिट पर तय 15 दिन की समय-सीमा से अधिक समय तक रुके हुए थे।
इनकी पहचान अनहारुल इस्लाम सौरब खान और तारिकुल इस्लाम सुजान के रूप में हुई है। इनके कब्जे से पासपोर्ट, वीजा और यात्रा से जुड़े अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं। आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए दोनों को सेवा धाम डिटेंशन सेंटर में रखा गया है और उन्हें देश से वापस भेजने (डिपोर्टेशन) की कार्रवाई शुरू की गई है।
मध्य जिला उपायुक्त रोहित राजबीर सिंह के मुताबिक, आपरेशन विस्टा 1.0 के तहत वीजा शर्तों का उल्लंघन करने वाले और दिल्ली में तय समय से अधिक रुकने वाले विदेशी नागरिकों की पहचान करने, उनकी जांच करने और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए शुरू किए गए अभियान के तहत मध्य जिले के होटलों और गेस्ट हाउसों में एक विशेष जांच अभियान चलाया गया है।
जांच अभियान के दौरान, टीम दिल्ली के नबी करीम इलाके में आराकशां रोड पर स्थित एक होटल में पहुंची, जहां दो बांग्लादेशी नागरिक रुके हुए पाए गए।
दोनों 23 जून को डबल एंट्री वीजा पर भारत आए थे। उनके पासपोर्ट तीन सितंबर तक वैध थे। उनके पासपोर्ट और वीजा शर्तों की जांच करने पर पता चला कि उन्हें हर विजिट पर 15 दिनों तक भारत में रहने की अनुमति थी। हालांकि, दोनों तय समय-सीमा से अधिक समय तक भारत में रुके हुए पाए गए। पुलिस टीम ने दोनों को होटल से पकड़ लिया।
जांच-पड़ताल और आगे की कार्रवाई के दौरान, दोनों विदेशी नागरिकों से भारत में उनके प्रवेश, यात्रा के उद्देश्य, वीजा की शर्तों और यहां रहने की अवधि के बारे में पूछताछ की गई। आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए दोनों विदेशी नागरिकों को एफआरआरओ के सामने पेश किया गया। इसके बाद एफआरआरओ ने उन्हें डिटेंशन सेंटर में रखने का आदेश जारी किया।

