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    दिल्ली में 650 करोड़ के स्वास्थ्य घोटाले में एक्शन, डाटा असिस्टेंट सुमित सिंह बर्खास्त; दो जूनियर असिस्टेंट सस्पेंड

    Updated: Wed, 01 Jul 2026 12:15 PM (IST)

    दिल्ली के 650 करोड़ रुपये के स्वास्थ्य घोटाले की जांच के बीच, स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। डाटा असिस्टेंट सुमित सिंह को बर्खास्त कर दिया गय ...और पढ़ें

    सांकेतिक तस्वीर। सौजन्य- ai generated

    सांकेतिक तस्वीर। सौजन्य- ai generated

    HighLights

    1. 650 करोड़ के दिल्ली स्वास्थ्य घोटाले में पहली बड़ी कार्रवाई

    2. घोटाले में पहले भी कई अधिकारी-कर्मचारी कार्रवाई की जद में आए

    3. दो जूनियर असिस्टेंट भी निलंबित, सप्लायरों से नजदीकी की जांच जारी

    अनूप कुमार सिंह, नई दिल्ली। 650 करोड़ रुपये के स्वास्थ्य घोटाले की जांच के बीच स्वास्थ्य विभाग में एक और बड़ी कार्रवाई की गई है। महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं (डीजीएचएस) डॉ. सुषमा जैन ने डाटा असिस्टेंट सुमित सिंह की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी।

    इसके साथ ही डीजीएचएस कार्यालय में तैनात दो जूनियर असिस्टेंट को भी निलंबित कर दिया गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई केंद्रीय खरीद एजेंसी (सीपीए) से जुड़े मामलों और निजी दवा सप्लायरों से नजदीकी के आरोपों की जांच के बीच की गई है।

    सप्लायरों से नजदीकी और खरीद प्रक्रिया में भूमिका की जांच

    आदेश के अनुसार सुमित सिंह को सभी सरकारी फाइलें, दस्तावेज, लैपटॉप, पहचान पत्र और अन्य विभागीय सामग्री तत्काल जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। सूत्रों का कहना है कि सुमित सिंह लंबे समय से खरीद और सप्लाई से जुड़े कार्यों में तैनात थे।

    जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि दवा और चिकित्सा सामग्री की खरीद से जुड़े कुछ सप्लायरों के साथ उनके संबंधों की प्रकृति क्या थी और खरीद प्रक्रिया में उनकी क्या भूमिका रही।

    दो जूनियर असिस्टेंट पर हुई थी कार्रवाई

    इसी मामले में दो जूनियर असिस्टेंट को भी निलंबित किया गया है। हालांकि विभाग ने जांच में उनकी भूमिका को देखते हुए उनके नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं। माना जा रहा है कि खरीद प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों, रेकार्ड और फाइल मूवमेंट की जांच के बाद यह कार्रवाई की गई है।

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    इससे पहले सीपीए स्टोर से जुड़े पांच फार्मासिस्ट और दो अधिकारियों को भी निलंबित किया जा चुका है। वहीं पूर्व डीजीएचएस डा. वत्सला अग्रवाल समेत दो अधिकारियों को जेल भेजा जा चुका है। कई वरिष्ठ अधिकारी एंटी करप्शन ब्रांच (एसीबी) की कार्रवाई का सामना कर रहे हैं। जांच एजेंसियां दवाओं, सर्जिकल सामान और चिकित्सा उपकरणों की खरीद से जुड़े रिकॉर्ड की गहन जांच कर रही हैं।

    40 से ज्यादा अधिकारियों-कर्मचारियों का तबादला

    सूत्रों के अनुसार सरकार स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है। हाल के दिनों में सीपीए और उससे जुड़े विभिन्न कार्यालयों में तैनात 40 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों का तबादला भी किया गया है। एसीबी, विजिलेंस और अन्य एजेंसियों की जांच जारी है। माना जा रहा है कि जांच आगे बढ़ने के साथ कुछ और अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका भी सामने आ सकती है।