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    दिल्ली एम्स में देश का पहला पोर्टेबल बेडसाइड MRI, अब बिस्तर पर हो सकेगा गंभीर मरीजों का ब्रेन स्कैन

    Updated: Sun, 03 May 2026 07:30 AM (IST)

    एम्स दिल्ली ने देश में पहली बार पोर्टेबल बेडसाइड एमआरआई प्रणाली शुरू की है। इससे अब आईसीयू और इमरजेंसी में भर्ती गंभीर मरीजों का ब्रेन स्कैन सीधे उनके ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. एम्स दिल्ली ने पोर्टेबल बेडसाइड एमआरआई प्रणाली शुरू की।

    2. आईसीयू मरीजों का ब्रेन स्कैन अब सीधे बिस्तर पर संभव।

    3. यह तकनीक उपचार में देरी और स्थानांतरण जोखिम कम करेगी।

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) नई दिल्ली ने देश में पहली बार पोर्टेबल बेडसाइड एमआरआई प्रणाली को नियमित क्लिनिकल उपयोग के लिए आरंभ कर दिया है। इस तकनीक से अब आइसीयू, इमरजेंसी और ट्रामा वार्ड में भर्ती गंभीर मरीजों का ब्रेन स्कैन सीधे उनके बेड पर ही किया जा सकेगा। उन्हें इसके लिए वार्ड से इधर-उधर ले जाने की आवश्यकता समाप्त हो गई है।

    यह पोर्टेबल एमआरआई प्रणाली स्वूप पोर्टेबल एमआरआई सिस्टम (हाइपरफाइन) पर आधारित है, जिसे पहियों की मदद से आसानी से एक वार्ड से दूसरे वार्ड तक ले जाया जा सकता है। इसकी विशेषता यह है कि इसके लिए अलग एमआरआई कक्ष, शील्डिंग या उच्च विद्युत क्षमता की आवश्यकता नहीं होती, जिससे अस्पतालों में जांच प्रक्रिया अधिक तेज, सुरक्षित और सुलभ बनती है।

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    किन मरीजों को मिलेगा लाभ?

    एम्स के न्यूरोइमेजिंग एवं इंटरवेंशनल न्यूरोरेडियोलाजी विभाग के प्रमुख प्रो. डॉ. शैलेश गायकवाड़ ने बताया कि ‘यह तकनीक इमरजेंसी में तुरंत और सटीक ब्रेन इमेजिंग संभव बनाती है। इससे उपचार में देरी नहीं होगी और गंभीर मरीजों की देखभाल अधिक सुरक्षित तरीके से की जा सकेगी।

    यह स्ट्रोक, सिर की चोट, आईसीयू मॉनिटरिंग और न्यूरोसर्जरी के मामलों में त्वरित व सटीक निदान में मददगार साबित होगी।’ साथ ही, मरीजों को पारंपरिक एमआरआई कक्ष तक ले जाने की जरूरत कम होने से स्थानांतरण से जुड़ा खतरा भी घटेगा।

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    प्रो. डॉ. शैलेश गायकवाड़ ने बताया कि यह प्रणाली एम्स के सेंटर फार न्यूरोलाजिकल कंडीशंस में सक्रिय रूप से उपयोग में लाई जा रही है, जो बच्चों सहित गंभीर अवस्था के मरीजों के लिए विशेष रूप से उपयोगी साबित हो रही है।

    एम्स चिकित्सकों का मानना है कि यह पहल न केवल दिल्ली बल्कि देशभर में ब्रेन इमेजिंग सेवाओं की पहुंच को नई दिशा देगी और भविष्य में अन्य अस्पतालों के लिए भी एक मॉडल साबित हो सकती है।