11 से 13 सितंबर तक सील रहेगा नई दिल्ली जिला, चप्पे-चप्पे पर स्नाइपर्स की निगाहों के बीच जानें कहां-कहां है पाबंदी?
दिल्ली में 12-13 सितंबर को होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए 11 से 13 सितंबर तक नई दिल्ली ...और पढ़ें

ब्रिक्स सम्मेलन के मद्देनजर भारत मंडपम के बाहर सजाया गया फूलों से लिखा ब्रिक्स इंडिया 2026 व उसके साथ तैनात दिल्ली पुलिस के जवान। हरीश कुमार
HighLights
नई दिल्ली जिला 11 से 13 सितंबर तक पूरी तरह सील रहेगा।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए 17,000 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात।
एंटी-ड्रोन तकनीक और स्नाइपर्स से चप्पे-चप्पे पर कड़ी निगरानी।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को आयोजित होने वाले 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन को लेकर सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा कारणों से 11 सितंबर से 13 सितंबर तक नई दिल्ली जिला पूरी तरह सील रहेगा। इस दौरान क्षेत्र में केवल स्थानीय निवासियों और अधिकृत कार्य से आने वाले लोगों को ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
17 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात
प्रोटेक्टिव सिक्युरिटी डिवीजन के विशेष आयुक्त मनीष अग्रवाल के अनुसार, सम्मेलन की सुरक्षा में 15,000 पुलिसकर्मियों और 2,000 से अधिक अर्धसैनिक बलों सहित 17,000 से ज्यादा जवानों को तैनात किया गया है। मुख्य आयोजन स्थल 'भारत मंडपम', एयरपोर्ट और मेहमानों के ठहरने वाले होटलों की सुरक्षा का जिम्मा डीसीपी स्तर के अधिकारियों को सौंपा गया है। विदेशी और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है।
एंटी-ड्रोन तकनीक और स्नाइपर्स चप्पे-चप्पे पर
आयोजन के दौरान वीवीआईपी मूवमेंट और सुरक्षा के मद्देनजर संबंधित इलाकों में ड्रोन या किसी भी तरह के अनधिकृत फ्लाइंग ऑब्जेक्ट उड़ाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। ऊंची इमारतों पर तैनात कमांडो दूरबीन के जरिए निगरानी रखेंगे। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए विशेष इमरजेंसी रिस्पांस टीमें मुस्तैद रहेंगी और कमांड एंड कंट्रोल रूम से आधुनिक सर्विलांस सिस्टम द्वारा चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जाएगी।
ट्रैफिक एडवाइजरी और मेट्रो सेवाओं को लेकर निर्देश
वीवीआईपी मूवमेंट के समय यातायात को अस्थायी रूप से रोका या डायवर्ट किया जा सकता है, इसलिए दिल्ली पुलिस ने आम जनता से ट्रैफिक एडवाइजरी देखकर ही निकलने की अपील की है। वहीं, मेट्रो सेवाएं सामान्य रूप से संचालित होंगी, हालांकि सुरक्षा कारणों से कुछ चुनिंदा स्टेशनों पर निकास को लेकर अस्थायी दिशानिर्देश लागू हो सकते हैं, जिनकी घोषणा मेट्रो के भीतर की जाएगी।
