ब्रिक्स सम्मेलन का असर: दिल्ली के 5-स्टार होटलों का किराया 14 लाख के पार, पहाड़गंज के 80% कमरे भी फुल
दिल्ली में 18वें ब्रिक्स सम्मेलन के कारण होटलों की मांग में भारी वृद्धि हुई है, जिससे किराए आसमान छू रहे हैं।

सांकेतिक तस्वीर एआई जनरेटेड
HighLights
ब्रिक्स सम्मेलन से दिल्ली के होटलों में मांग बढ़ी।
पंचतारा सुइट्स का किराया 14 लाख रुपये के पार।
पहाड़गंज के 80% कमरे भी पूरी तरह बुक।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली में आयोजित होने जा रहे 18वें ब्रिक्स सम्मेलन के मद्देनजर देश- दुनिया की निगाहें एक बार फिर दिल्ली पर टिकी हैं।
इस वैश्विक महासम्मेलन के कारण राजधानी के आतिथ्य सत्कार क्षेत्र में हलचल देखने को मिल रही है। खासकर होटल के कमरों की मांग में कई गुना की वृद्धि देखने को मिल रही है, जिसका असर कमरों के किराये पर पड़ा है।
स्थिति यह कि कुछ पंचतारा होटलों के प्रेसिडेंशियल और सुपर-लग्जरी सुइट्स का किराया 14 लाख से भी अधिक पहुंच गया है।
मांग के चलते कीमतों में भारी उछाल
प्रमुख होटल बुकिंग पोर्टल्स व एप्स के आंकड़ों के अनुसार, वीवीआईपी मेहमानों और विदेशी प्रतिनिधिमंडलों की आमद के चलते दिल्ली के तमाम बड़े लग्जरी होटलों में कमरों की मांग रिकार्ड स्तर पर पहुंच गई है, जिसके कारण किराए में भारी उछाल दर्ज किया गया है।
सम्मेलन की मुख्य तिथियों यानी 12 और 13 सितंबर के लिए राजधानी के अधिकांश नामचीन होटलों में कमरे पूरी तरह फुल हो चुके हैं। स्थिति यह है कि होटलों ने अपने ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल्स पर इन तारीखों के लिए या तो बुकिंग बंद कर दी है या फिर उपलब्धता बेहद सीमित कर दी है।
डायनेमिक प्राइसिंग का फॉर्मूला हुआ एक्टिव
विदेशी राष्ट्राध्यक्षों, राजनयिकों और हाई-प्रोफाइल ग्लोबल डेलीगेट्स की सुरक्षा व आवाजाही के बीच होटलों की मांग बढ़ने से डायनेमिक प्राइसिंग का फॉर्मूला एक्टिव हो गया है।
मसलन, होटल ताज महल में जहां आम दिनों में कमरे का शुरुआती किराया 71 हजार से डेढ़ लाख रुपये के आसपास रहता था, वहीं मांग अधिक होने पर सबसे प्रीमियम सुइट्स की बुकिंग प्रति रात्रि किराया बढ़कर 14 लाख से 14.45 लाख रुपये तक दर्ज किया गया।
सिर्फ ताज ही नहीं, बल्कि लुटियंस दिल्ली और चाणक्यपुरी के अन्य प्रतिष्ठित होटलों में भी नो-रूम की स्थिति बन चुकी है। साथ ही किराया बढ़कर पांच लाख के करीब तक पहुंच गया है।
11-13 सितंबर के बीच के लिए बचे चुनिंदा कमरे
होटल ताज महल, द लीला पैलेस, द ओबेराय और द इंपीरियल जैसे प्रमुख होटलों ने 11 से 13 सितंबर के बीच के लिए अपनी ऑनलाइन बुकिंग या तो बंद कर दी है या चुनिंदा श्रेणियों में ही कमरे बचे हैं।
यहीं नहीं, पहाड़गंज, करोलबाग जैसे होटल हब में कमरों की मांग में जबरदस्त तेजी है। होटल महासंघ के अध्यक्ष अशोक अग्रवाल के अनुसार, ब्रिक्स सम्मेलन में बड़े स्तर पर विदेशी व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल भी आ रहा है, जिसके चलते कमरों की मांग जबरदस्त है।
स्थिति यह कि 800 से अधिक होटलों वाले पहाड़गंज व आराकशां में 15 हजार से अधिक कमरों में 80 प्रतिशत की बुकिंग हो चुकी है।
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