सतर्कता शिकायतों के लिए CPCB ने जारी किए नए नियम, पारदर्शिता बढ़ाने और भ्रष्टाचार रोकने पर खास जोर
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने सतर्कता शिकायत निवारण तंत्र के लिए नए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनका उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और ...और पढ़ें

सीपीसीबी ने जारी किए नए नियम। (AI Generated Image)
HighLights
गुमनाम शिकायतों पर अब नहीं होगा विचार।
शिकायतकर्ता को देनी होगी पूरी जानकारी व सबूत।
भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग पर ही होगी जांच।
संजीव गुप्ता, नई दिल्ली। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए सतर्कता शिकायत निवारण तंत्र के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ये नियम केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) के नवीनतम आदेशों के अनुरूप तैयार किए गए हैं।
सीपीसीबी द्वारा जारी गाइडलाइंस के अनुसार अब गुमनाम या छद्म नाम से भेजी गई शिकायतों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा। लिखित शिकायत में शिकायतकर्ता का पूरा नाम, पता और मोबाइल नंबर होना अनिवार्य है। ईमेल से भेजी जाने वाली शिकायतों में भी डाक का पता होना जरूरी है।
पुख्ता सबूतों के साथ होनी चाहिए शिकायत
बोर्ड केवल उन्हीं शिकायतों की जांच करेगा जिनमें भ्रष्टाचार, पद का दुरुपयोग, अवैध उगाही, जालसाजी, जानबूझकर की गई लापरवाही अथवा नियमों का उल्लंघन शामिल हो। व्यक्तिगत शिकायतों या अदालत में विचाराधीन मामलों पर भी विचार नहीं होगा। शिकायत संक्षिप्त और पुख्ता सबूतों के साथ होनी चाहिए। अस्पष्ट या बार-बार एक ही विषय पर भेजी जाने वाली शिकायतों को रद किया जा सकता है।
यदि कोई शिकायतकर्ता अपनी पहचान गुप्त रखना चाहता है, तो उसे जनहित प्रकटीकरण और मुखबिरों का संरक्षण (पीआइडीपीआइ) संकल्प के तहत शिकायत दर्ज करनी होगी। शिकायतकर्ता अपनी शिकायत सीलबंद लिफाफे में (गोपनीय) लिखकर सीधे सीपीसीबी के अध्यक्ष, सदस्य सचिव या मुख्य सतर्कता अधिकारी को भेज सकते हैं। इसके अलावा निर्धारित ईमेल आईडी के माध्यम से भी संपर्क किया जा सकता है।
सीपीसीबी ने स्पष्ट किया है कि व्हिसलब्लोअर शिकायतें, जो किसी कर्मचारी, पूर्व-कर्मचारी या बाहरी व्यक्ति द्वारा संगठन (निजी/
सरकारी) के भीतर हो रहे भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी, अनैतिक व्यवहार या अवैध गतिविधियों के खिलाफ की जाती हैं, या तो सीधे केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) को भेजी जानी चाहिए या पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के मुख्य सतर्कता अधिकारी को, जो इसके लिए नामित प्राधिकारी हैं।
पुराने और नए दिशा निर्देशों में क्या बदलाव
- पहले कई बार गुमनाम शिकायतों पर भी प्रारंभिक जांच शुरू कर दी जाती थी, यदि उनमें आरोप गंभीर होते थे। लेकिन अब नाम, पता और हस्ताक्षर के बिना मिली शिकायतों को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
- पहले अक्सर लोग व्हिसलब्लोअर शिकायतें सीधे विभाग के सीवीओ को भेज देते थे, जिससे पहचान उजागर होने का डर रहता था। नए नियमों में स्पष्ट कर दिया गया है कि सीपीसीबी का सीवीओ ऐसी शिकायतें लेने के लिए अधिकृत नहीं है।
- पहले प्रशासनिक कमियों या व्यक्तिगत विवादों को भी सतर्कता शिकायतों में शामिल कर लिया जाता था। अब केवल भ्रष्टाचार, जालसाजी, अवैध उगाही और पद के दुरुपयोग जैसे मामलों को ही सतर्कता का मामला माना जाएगा।
- पहले केवल आरोपों के आधार पर शिकायतें स्वीकार कर ली जाती थीं। अब शिकायत में तथ्यात्मक और सत्यापन योग्य विवरण के साथ पर्याप्त साक्ष्य देना अनिवार्य कर दिया गया है।
- एक ही विषय पर बार-बार शिकायत भेजने को प्रक्रिया में बाधा माना जाएगा जबकि पहले ऐसी शिकायतों पर भी खुल जाती थीं।

