DDA के 17 स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में फिर शुरू होगी प्रोफेशनल कोचिंग, गैर सदस्य भी ले सकेंगे ट्रेनिंग
दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने अपने 17 खेल परिसरों में पेशेवर खेल प्रशिक्षण फिर से शुरू किया है, जिसमें गैर-सदस्य भी 25% अधिक शुल्क देकर भाग ले सकत ...और पढ़ें

डीडीए खेल परिसरों में शुरू होगा पेशेवर प्रशिक्षण। (AI Generated Image)
HighLights
डीडीए के 17 खेल परिसरों में प्रशिक्षण फिर से शुरू।
गैर-सदस्य 25% अधिक शुल्क देकर प्रशिक्षण ले सकेंगे।
कोचिंग 'रेवेन्यू शेयरिंग' मॉडल पर आधारित होगी।
संजीव गुप्ता, नई दिल्ली। दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने अपने सभी 17 खेल परिसरों में विभिन्न खेल सुविधाओं का पेशेवर प्रशिक्षण फिर से शुरू करने का फैसला लिया है। खास बात यह है कि अब गैर सदस्य भी इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। इतना जरूर है कि उन्हें सदस्यों के मुकाबले 25 प्रतिशत अधिक फीस देनी होगी।
गौरतलब है कि वर्तमान में डीडीए के पास इन खेल परिसरों में 57 हजार से अधिक सदस्य हैं। हर महीने लगभग 3.64 लाख लोग इन सुविधाओं का इस्तेमाल करते हैं। यहां पर अभी 169 कोचिंग स्कीमें चल रही हैं। इनमें 11 हजार से ज्यादा खिलाड़ी प्रशिक्षण ले रहे हैं।
डीडीए के अनुबंध के मुख्य बिंदु
- कोचिंग का आधार : यह कोचिंग ''रेवेन्यू शेयरिंग'' माडल पर होगी। इसके लिए डीडीए ने प्रोफेशनल कोच व एजेंसियों से आवेदन मांगे हैं।
- कमाई का बंटवारा : आउटडोर खेलों में होने वाली कमाई का 60 प्रतिशत हिस्सा कोच/एजेंसी को और 40 प्रतिशत डीडीए को मिलेगा। इंडोर खेलों के लिए यह बंटवारा 50-50 प्रतिशत तय किया गया है।
- गैर सदस्यों के लिए नियम : कोचिंग के लिए कोई अतिरिक्त प्रवेश शुल्क नहीं लिया जाएगा, सिर्फ मासिक कोचिंग शुल्क देना होगा।
- प्राथमिकता : सुबह छह से आठ और शाम छह से आठ बजे तक का समय मुख्य रूप से सदस्यों के लिए सुरक्षित रहेगा। जगह खाली होने पर ही इस दौरान कोचिंग दी जा सकेगी।
- गरीब खिलाड़ियों को मौका : अनिवार्य नियम के तहत कोचिंग एजेंसियों को 10 प्रतिशत गरीब और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को मुफ्त ट्रेनिंग देनी होगी।
इन खेल परिसरों की है सबसे ज्यादा मांग
- सीरी फोर्ट स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स
- यमुना स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स
- द्वारका स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स
- रोहिणी स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स
- साकेत स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स
कोचिंग एजेंसियों के लिए शर्तें
आवेदन करने वाली एजेंसियों के पास कम से कम पांच साल का अनुभव होना अनिवार्य है। उन्हें अपने कोचों के अनुभव और खिलाड़ियों की उपलब्धियों का पूरा ब्योरा डीडीए को सौंपना होगा। नियमों का पालन नहीं करने पर अनुबंध रद किया जा सकता है।