IPL पास की कालाबाजारी... क्राइम ब्रांच ने DDCA के 3 पदाधिकारियों को किया तलब, आज होगी पूछताछ
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने आईपीएल मैचों के पास ब्लैक करने के मामले में डीडीसीए सचिव अशोक शर्मा, सीईओ आरआर सिंह और उनके पीए राकेश को नोटिस भेजा ह ...और पढ़ें
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पुलिस आईपीएल पास वितरण प्रक्रिया की जांच कर रही। इमेज एआई
HighLights
डीडीसीए सचिव अशोक शर्मा को कानूनी नोटिस।
सीईओ आरआर सिंह और पीए राकेश को पूछताछ के लिए बुलाया।
पुलिस आईपीएल पास वितरण प्रक्रिया की जांच कर रही।
राकेश कुमार सिंह, नई दिल्ली। आइपीएल मैचों के काम्प्लीमेंट्री पासों और टिकटों को ब्लैक करने के मामले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने डीडीसीए के सचिव अशोक शर्मा समेत तीन पदाधिकारियों को कानूनी नोटिस भेजा है। इसमें डीडीसीए के सीईओ आरआर सिंह और उनके पीए राकेश को बृहस्पतिवार को जांच में शामिल होने को कहा गया है।
इन्हें सुबह 10 बजे हर हाल में क्राइम ब्रांच के शकरपुर स्थित दफ्तर में उपस्थित होने को कहा गया है। वहां इन दोनों से लंबी पूछताछ की जाएगी। इन दोनों से पहले अलग अलग पूछताछ की जाएगी और फिर एक साथ आमने सामने बैठाकर भी पूछताछ की जाएगी। डीडीसीए के सचिव अशोक शर्मा को जनरल नोटिस भेजा गया है।
डीसीपी क्राइम ब्रांच संजीव कुमार यादव ने इन तीनों को नोटिस भेजनी की पुष्टि की है। इंस्पेक्टर मान सिंह की टीम को जांच में पता चला है कि इस मामले में डीडीसीए के कुछ पदाधिकारी मुख्य सूत्रधार हो सकते हैं, जो कॉम्प्लीमेंट्री पास का वितरण करने के लिए अधिकृत हैं।
नोटिस में पूछा गया है कि पास के वितरण की पूरी प्रक्रिया क्या है, पास किन-किन के पास आते हैं, आरोपितों के पास मौजूद 34 काम्प्लीमेंट्री पास किन-किन के नाम पर जारी हुआ था। ये पास आरोपितों के तक कैसे पहुंचा। इन्हें बृहस्पतिवार सुबह तक जवाब देने को कहा गया है। डीसीपी का कहना है जवाब से संतुष्ट न होने पर दोबारा जांच में शामिल होने के लिए नोटिस भेजा जाएगा। इन तीनों से पूछताछ के बाद क्राइम ब्रांच डीडीसीए के अन्य पदाधिकारियों से भी पूछताछ करने के लिए आगे का निर्णय लेगी।
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डीसीपी का कहना है कि जांच में एक इलेक्ट्रिक वेंडर के बारे में भी पता चला है, जिसका अवैध तरीके से हर मैच में एक्रीडिटेशन पास बनवा दिया जाता था। वह हर मैच में अकाउंट सेक्शन में जाकर सैकड़ों पास लेकर उन्हें इस गिरोह के सदस्यों को बेच देता था। पास बेचने से मिली मोटी रकम कई अधिकारियों में बांटे जाते थे। इस तथ्य की जांच की जा रही है। अभी फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
बीते आठ मई को क्राइम ब्रांच ने इस मामले में पहले मुरादनगर के रहने वाले मुकीम, जामिया नगर के रहने वाले गुफरान उर्फ साजिद और सीलमपुर के रहने वाले मोहम्मद फैसल को गिरफ्तार किया था। उनसे पूछताछ के बाद 11 मई को स्टेडियम के पास स्थित पेट्रोल पंप पर बतौर सुपरवाइजर काम करने वाले पंकज यादव को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
पंकज बागपत का रहने वाला है। उसे अभी रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। यह भी इस रैकेट का अहम कड़ी था। पुलिस अधिकारी के मुताबिक यह भी डीडीसीए से पास लेकर गिरोह के सदस्यों को सौंप देता था। इनसे पूछताछ के बाद ही ये नोटिस जारी किए गए हैं।