Air Pollution: जनवरी में गाजियाबाद बना देश का सबसे प्रदूषित शहर, दूसरे और तीसरे नंबर पर कौन?
CREA की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी में दिल्ली भारत का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा, जहां PM2.5 का स्तर राष्ट्रीय मानक से लगभग तीन गुना अधिक था। गाजियाबाद ...और पढ़ें

जनवरी में दिल्ली भारत का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा। फाइल फोटो
HighLights
जनवरी में दिल्ली दूसरा सबसे प्रदूषित शहर बना।
गाजियाबाद देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा।
CREA रिपोर्ट ने NCAP की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए।
स्टेट ब्यूरो, नई दिल्ली। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी में दिल्ली भारत का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर था। रिपोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़े भी सामने आए हैं, जिससे पता चलता है कि दिल्ली के लोगों ने साल की शुरुआत "बहुत खराब" हवा में सांस लेकर की।
एनालिसिस के अनुसार, जनवरी में दिल्ली में PM2.5 की मासिक औसत सांद्रता 169 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर दर्ज की गई। यह आंकड़ा भारत के राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानक सीमा 60 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर से लगभग तीन गुना ज़्यादा है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जनवरी में दिल्ली में 24 दिन "बहुत खराब" वायु गुणवत्ता रही, तीन दिन "गंभीर" और सिर्फ चार दिन "मध्यम" रही।
हालांकि, पड़ोसी शहर गाजियाबाद में स्थिति और भी खराब थी, जो इस लिस्ट में सबसे ऊपर था। गाजियाबाद में PM2.5 की मासिक औसत सांद्रता 184 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर दर्ज की गई। पूरे महीने में एक भी दिन ऐसा नहीं था जब दैनिक राष्ट्रीय मानक का उल्लंघन न हुआ हो।
CREA की रिपोर्ट सिर्फ दिल्ली और NCR तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह देशव्यापी संकट की ओर इशारा करती है। देश भर के 248 शहरों में से 123 शहरों में PM2.5 की मासिक औसत सांद्रता राष्ट्रीय मानकों से ज़्यादा दर्ज की गई। चिंता की बात यह है कि इनमें से कोई भी शहर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के 15 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर के दैनिक सुरक्षित दिशानिर्देश को पूरा नहीं कर पाया।
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यह रिपोर्ट राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठाती है। आंकड़ों के अनुसार, NCAP के तहत शामिल 97 शहरों में से 46 शहरों ने भारत के दैनिक PM2.5 मानक का उल्लंघन किया, जबकि सभी 97 शहरों ने WHO के दिशानिर्देशों का उल्लंघन किया।
NCR सबसे ज़्यादा प्रदूषित 10 शहरों की लिस्ट में सबसे ऊपर था, जिसमें नोएडा, गुरुग्राम, ग्रेटर नोएडा, धारूहेड़ा और भिवाड़ी भी शामिल थे। CREA इंडिया के एक एनालिस्ट मनोज कुमार ने कहा कि वायु प्रदूषण से निपटने के लिए उद्योगों और पावर प्लांट के लिए सख्त उत्सर्जन मानकों को लागू करना और एयर शेड-आधारित दृष्टिकोण अपनाना जरूरी है।