दिल्ली में लगातार चौथे दिन हवा बेहद खराब, 22 इलाकों में AQI 400 के पार; जहांगीरपुरी सबसे प्रदूषित
दिल्ली की हवा लगातार चौथे दिन 'बहुत खराब' श्रेणी में रही, गुरुवार को औसत एक्यूआई 369 दर्ज किया गया। दिवाली ...और पढ़ें

वायु प्रदूषण को कम करने के लिए लाल किला के पास एंटी स्माॅग गन से किया जा रहा छिड़काव। हरीश कुमार
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली की हवा लगातार चौथे दिन बहुत खराब श्रेणी में रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, गुरुवार शाम चार बजे राजधानी का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 369 दर्ज किया गया।
बुधवार को यह 377, मंगलवार को 350 और सोमवार को 324 था। दिवाली से पहले शुक्रवार से रविवार तक हवा के गंभीर श्रेणी में पहुंचने का अनुमान है।
18 निगरानी केंद्रों पर गंभीर श्रेणी में प्रदूषण
राजधानी के 59 सक्रिय निगरानी केंद्रों में से 18 पर एक्यूआई गंभीर श्रेणी में दर्ज किया गया। जहांगीरपुरी में सबसे अधिक 456 एक्यूआई रहा।
वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली के अनुसार, शुक्रवार से रविवार तक हवा गंभीर श्रेणी में रह सकती है। अगले छह दिनों में भी प्रदूषण का स्तर गंभीर से बहुत खराब श्रेणी में रहने की आशंका है।
400 से अधिक AQI वाले इलाके
क्रम | इलाका / मॉनिटरिंग स्टेशन | AQI |
|---|---|---|
1 | जहांगीरपुरी | 456 |
2 | पंजाबी बाग | 456 |
3 | रोहिणी | 450 |
4 | आईआईटी दिल्ली | 449 |
5 | डीटीयू | 440 |
6 | नरेला | 434 |
7 | विवेक विहार | 431 |
8 | अलीपुर | 426 |
9 | आरके पुरम | 426 |
10 | मुंडका | 420 |
11 | सोनिया विहार | 419 |
12 | बवाना | 415 |
13 | पूसा (आईआईटीएम) | 413 |
14 | सिरी फोर्ट | 412 |
15 | डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज | 412 |
16 | नॉर्थ कैंपस, डीयू | 411 |
17 | ओखला फेज-2 | 411 |
18 | पटपड़गंज | 408 |
19 | आईटीओ | 407 |
20 | द्वारका सेक्टर-8 | 405 |
21 | जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम | 405 |
22 | एनआईएच नरेला | 404 |
पराली जलाने का योगदान 15.6 प्रतिशत
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के निर्णय सहायता प्रणाली (डीएसएस) के पूर्वानुमान के मुताबिक, दिल्ली के पीएम 2.5 प्रदूषण में पराली जलाने का योगदान गुरुवार को 15.6 प्रतिशत था।
शुक्रवार को इसके 19.2 प्रतिशत तक पहुंचने और शनिवार को घटकर 1.5 प्रतिशत रह जाने का अनुमान है। इसके विपरीत, वाहनों से होने वाले प्रदूषण का हिस्सा गुरुवार के 17.9 प्रतिशत से बढ़कर शनिवार को 21.1 प्रतिशत हो सकता है।
धीमी हवाओं से प्रदूषण बढ़ने की आशंका
एनवायरोकैटेलिस्ट्स के संस्थापक और प्रमुख विश्लेषक सुनील दहिया के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर-पश्चिमी हवाएं कमजोर होकर दिवाली के आसपास पूर्वी हवाओं में बदल सकती हैं।
इससे पंजाब और हरियाणा से धुआं दिल्ली पहुंचने की रफ्तार घट सकती है। उन्होंने चेताया कि हवाएं धीमी पड़ने और सुबह धुंध बढ़ने से वाहनों, उद्योगों, कचरा जलाने और पटाखों का प्रदूषण हवा में फंस सकता है।
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