दिल्ली विधानसभा के ई-विधान पोर्टल में जोड़ा गया विधान साथी टैब, विधायकों को तुरंत मिलेगी जानकारी
दिल्ली विधानसभा ने ई-विधान पोर्टल में 'विधान साथी' नामक नया टैब जोड़ा है। यह सुविधा विधायकों को क्यूआर कोड स्कैन कर सदन की कार्यवाही, प्रश्नों के उत्त ...और पढ़ें

दिल्ली विधानसभा की फाइल फोटो।

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राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र 23 मार्च से शुरू होगा और 25 मार्च तक चलेगा। इसके संदर्भ में विस्तृत जानकारी देते हुए विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने गुरुवार को पत्रकार वार्ता में बताया कि इस बार के सत्र में हमने विधायकों के लिए ई-विधान पोर्टल में एक नया टैब जोड़ा है।
यह नया टैब विधान साथी के नाम से होगा। इसमें दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन करके विधायक सदन की कार्रवाई से संबंधित जानकारी, पूछे गए प्रश्नों के उत्तर, विधानसभा में हुई चर्चा से संबंधित सभी सामग्री हासिल कर सकेंगे। बहुत ही आसान तरीके से विधायक अपने मोबाइल से क्यूआर कोड को स्कैन करके जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
दिल्ली विधानसभा को पेपर लेस रखने पर फोकस
विधानसभा अध्यक्ष ने आगे बताया कि दिल्ली विधानसभा देश की पहली ऐसी विधानसभा है जिसमें विधान साथी की सुविधा विधायकों को उपलब्ध कराई जाएगी। इस बार के विधानसभा सत्र में यह नई सुविधा होगी। उन्होंने बताया कि हमारा पूरा प्रयास दिल्ली विधानसभा को पूरी तरह पेपर लेस रखने पर है। हमने पिछले सत्र में किसी भी विधायक को कोई भी जानकारी हार्ड कापी या पेपर के माध्यम से उपलब्ध नहीं कराई। सारी जानकारी उन्हें आनलाइन ही उपलब्ध कराई गई।
उन्होंने बताया कि ई विधान पोर्टल पर पहले से ही अधिकतर जानकारी अपलोड होती रही है। इस बार से विधान साथी के रूप में एक यह नई सुविधा विधायकों के लिए आसान विकल्प के रूप में उपलब्ध होगी। संक्षिप्त बजट सत्र बुलाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी तीन दिन के लिए सत्र बुलाया गया है। अगर जरूरत पड़ी तो इसे आगे भी बढ़ाया जा सकेगा। बढ़ाने में किसी भी तरह की कोई समस्या नहीं है।
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कब पेश होगा दिल्ली का बजट?
बता दें कि तीन दिवसीय विधानसभा के बजट सत्र में 24 मार्च को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा दिल्ली का बजट पेश किया जाएगा। इसके लिए दिल्ली सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है। अब तक सरकार हेल्थ सेक्टर से जुड़े हुए प्रतिनिधियों, डॉक्टर और महिला संगठनों से जुड़े हुए प्रतिनिधियों से बजट को लेकर सुझाव ले चुकी है।
पिछले साल दिल्ली सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा एक लाख करोड रुपए का बजट पेश किया था, लेकिन सरकार एक साल पूरा से पहले जनवरी माह तक बजट का मात्र 42 प्रतिशत पैसा ही विकास योजनाओं में खर्च कर पाई थी। अब देखना होगा कि सरकार इस बार बजट का क्या साइज रखती है और पिछले बचे हुए पैसे का इस्तेमाल कब तक हो पता है।