Delhi Budget 2026: रिकॉर्ड ₹1,03,700 करोड़ का बजट, ग्रीन दिल्ली पर सबसे ज्यादा जोर, सीएम रेखा गुप्ता की बड़ी घोषणाएं
दिल्ली विधानसभा में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 2026 का रिकॉर्ड ₹1,03,700 करोड़ का बजट पेश किया। उन्होंने पिछली सरकारों की आलोचना करते हुए अपनी सरकार क ...और पढ़ें
HighLights
रिकॉर्ड ₹1,03,700 करोड़ का दिल्ली बजट पेश।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ग्रीन बजट पर विशेष जोर दिया।
21% बजट ग्रीन पहलों के लिए निर्धारित किया गया।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा में मंगलवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने कार्यकाल का दूसरा एवं एक लाख तीन हजार 700 करोड़ का रिकॉर्ड बजट पेश किया। उन्होंने बजट प्रस्तुत करने से पूर्व देवी-देवताओं को प्रणाम किया। साथ ही, पिछली सरकारों पर हमला करते हुए कहा कि पिछली सरकारों ने केवल घोषणाएं कीं और काम नहीं किया। इससे दिल्ली की जनता को परेशान किया गया। खास बात यह है कि इस बजट का 21 प्रतिशत हिस्सा ग्रीन बजट के लिए निर्धारित है। वहीं, दावा किया गया है कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में राजधानी की प्रति व्यक्ति आय 5 लाख रुपये प्रतिवर्ष से ऊपर पहुंच चुकी है।
रेवेन्यू सरप्लस 9,000 करोड़ रुपये का अनुमान
सरकार ने बताया कि पिछले साल के बजट में कैपिटल एक्सपेंडिचर में 145 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई थी। इस बार भी कैपिटल एक्सपेंडिचर पिछले साल से ज्यादा रखा गया है। दिल्ली में इस साल रेवेन्यू सरप्लस लगभग 9,000 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। सरकार इस साल बाजार से 16,000 करोड़ रुपये बहुत कम ब्याज दर पर उधार लेगी।
बजट की प्रमुख बातें...
- कुल बजट में 10 फोकस एरिया निर्धारित किए गए हैं, जिनमें इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर विशेष जोर है।
- एमसीडी (Municipal Corporation of Delhi) को पहली बार 11,600 करोड़ रुपये (कुछ जगहों पर 11,666 करोड़ का उल्लेख) का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा सड़कों के विकास के लिए अतिरिक्त 1,000 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
- लोग निर्माण विभाग को 5,921 करोड़ रुपये और शहरी विकास विभाग को 7,000 करोड़ रुपये से अधिक आवंटित किए गए हैं।
- यमुना विकास बोर्ड को 300 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
- अनधिकृत कालोनियों के विकास के लिए 800 करोड़ रुपये और विकास विभाग के लिए 900 करोड़ रुपये का प्रावधान है।
- दिल्ली को विकसित और हरित बनाने की दिशा में कई बड़े कदम उठाए गए हैं।
सड़कें और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस:
- दिल्ली की सड़कों को धूल मुक्त बनाने के लिए 1,392 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया है। इस राशि से 700 किलोमीटर से अधिक सड़कें बनाई जाएंगी।
- विभिन्न स्थानों पर फुट ओवर ब्रिज बनाने के लिए 25 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
- बारापूला एलिवेटेड कॉरिडोर फेस-3 के लिए गैप फंडिंग पूरी करते हुए 200 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इस परियोजना को जून तक पूरा कर लिया जाएगा।
- लोनी रोड अंडरपास के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है।
- आजादपुर से त्रिपोलिया गेट तक एलिवेटेड कॉरिडोर, भजनपुरा से यमुना विहार तक डबल डेकर फ्लाईओवर और मां आनंदमई मार्ग पर फ्लाईओवर जैसी प्रमुख परियोजनाओं को गति दी जाएगी।
- टिकरी, खानपुर, गाज़ीपुर मंडी का विकास किया जाएगा।
बिजली और पर्यावरण
- बिजली पर 3,942 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
- दिल्ली सौर ऊर्जा की ओर तेजी से बढ़ेगी। नालों पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे।
- बिजली के तारों को अंडरग्राउंड करने के कई प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं, जिनमें चांदनी चौक भी शामिल है। इससे सुरक्षा बढ़ेगी, दुर्घटनाएं कम होंगी और दिल्ली की सुंदरता निखरेगी।
अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं
- दिल्ली के अन्य हिस्सों को नई दिल्ली की तरह विकसित करने की योजना है।
- सरकारी फ्लैटों की समस्या को दूर करने के लिए नई कॉलोनियां बनाई जाएंगी।
- सरकार नया सचिवालय बनाने पर भी काम करेगी।
जलापूर्ति और सीवरेज पर बड़ा फोकस
- दिल्ली जल बोर्ड के लिए कुल 9000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
- जल आपूर्ति क्षमता में 10 एमजीडी (मिलियन गैलन प्रतिदिन) की बढ़ोतरी की गई है।
- कई नई पानी की लाइनें बिछाई जा रही हैं। सरकार का संकल्प है कि हर घर में नल के माध्यम से शुद्ध पानी पहुंचे।
- पिछले साल 172 किलोमीटर पानी की लाइन बिछाई जा चुकी है।
- चंद्रावल वॉटर प्लांट में पाइपलाइन विस्तार का काम चल रहा है, जिससे लगभग 9 विधानसभा क्षेत्रों को लाभ मिलेगा।
सीवर सिस्टम में सुधार
- इस साल 180 किलोमीटर नई सीवर लाइन बिछाई गई है।
- 110 किलोमीटर पुरानी सीवर लाइन को बदला गया है।
- सीवर सिस्टम को और बेहतर बनाने पर लगातार काम जारी है।
स्वास्थ्य बजट की प्रमुख घोषणाएं
- आयुष्मान आरोग्य मंदिर के तहत ददिल्ली में पहले से 370 आरोग्य मंदिर चल रहे हैं। इस साल अतिरिक्त 770 नए आरोग्य मंदिर खोले जाएंगे। इस योजना के लिए 1,500 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है।
- 9 क्रिटिकल केयर ब्लॉक बनाने का एलान किया गया।
- जीटीबी अस्पताल में 200 करोड़ रुपये की लागत से नया ट्रॉमा सेंटर बनेगा।
- मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ाई जाएगी और एमबीबीएस सीटों में भी वृद्धि की जाएगी।
- ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को भी आयुष्मान योजना में शामिल किया गया है।
- अनमोल योजना के तहत नवजात शिशु की एक बूंद खून से 56 प्रकार की जांच निशुल्क की जाएगी। यह सुविधा सरकारी या निजी किसी भी अस्पताल में जन्म लेने वाले हर बच्चे को उपलब्ध होगी।
- डिजिटल ब्लड बैंक स्थापित किया जाएगा, जिसमें रक्तदाताओं का पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा।
- रियल टाइम वेंटिलेटर वैकेंसी सिस्टम विकसित किया जाएगा, जिससे पता चल सकेगा कि किस अस्पताल में कितने वेंटिलेटर उपलब्ध हैं और कितने खाली हैं।
मुख्यमंत्री ने बजट पेश करते हुए कहा कि यह बजट विकसित दिल्ली, हरित दिल्ली के संकल्प को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता दे रही है।