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    ठगी के पैसों से भरते थे बिजली बिल, पूर्वी दिल्ली में साइबर गिरोह का पर्दाफाश; दो गिरफ्तार

    Updated: Sat, 08 Aug 2026 04:02 AM (GMT+05:30)

    साइबर ठग ठगी की रकम से साइबर कैफे संचालकों के माध्यम से उपभोक्ताओं के बिजली-गैस बिल भर रहे थे। पूर्वी दिल्ली पुलिस ने इस गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो ...और पढ़ें

    फूल सिंह और सुशील कुमार को गिरफ्तार

     फूल सिंह और सुशील कुमार को गिरफ्तार

    जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। अगर आप बिजली व गैस का बिल साइबर कैफे संचालकों से भरवाते हैं तो सावधान होने की जरूरत है। साइबर ठगों ने ठगी का नया तरीका अपना है। ठगी की रकम को पुलिस बैंक खातों में फ्रीज करने लगी है। ठगी की रकम बैंक खाते में आते ही ठग उससे कैफे संचालकों काे कमीशन देकर उपभोक्ताओं के आनलाइन बिल भर रहे हैं।

    इसके बदले में नकद रकम वसूल रहे हैं। पूर्वी जिले के साइबर थाना ने ऐसे ही गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है। उनकी पहचान अमर कालोनी निवासी फूल सिंह व बक्करवाला निवासी सुशील कुमार के रूप में हुई है।
    जिला पुलिस उपायुक्त राजीव कुमार ने बताया कि शकरपुर निवासी शैलेंद्र कुमार नाम के व्यक्ति ने साइबर थाने में ठगी की शिकायत दी।

    पीड़ित ने बताया कि उनके वाट्सएप पर अज्ञात नंबर से अाइजीएल बिल का लिंक आया था। पीड़ित ने जैसे ही उसपर क्लिक किया, उनके फोन में अज्ञात एप डाउनलोड हो गया। इसके बाद उनका फोन हैक हो गया। उनके बैंक खाते से 2.24 लाख रुपये निकाले गए। एसआइ निखिलेश, हेड कांस्टेबल राहुल व भावना की टीम बनाई। पुलिस को जांच में पता चला कि ठगी की इस रकम में से 1.82 लाख रुपये का बिजली का बिल भरा गया है।

    पुलिस ने बिजली कंपनी से पता करके उपभोक्ता की जानकारी जुटाई और एक महिला तक पहुंची। महिला ने बताया कि उसकी फैक्ट्री का बिल लंबित था। उन्होंने एक साइबर कैफे संचालक को नकद देकर बिल भरने को दिया था। पुलिस उस कैफे संचालक तक पहुंची।

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    उसने पुलिस को बताया कि उसने फूल सिंह को बिल दिया था। उस बिल को फूल सिंह ने अपने परिचित सुशील तक पहुंचाया। पुलिस ने फूल व सुशील को गिरफ्तार किया। दोनों ने बताया कि गिरोह का सरगना राकेश नाम का व्यक्ति है। फूल का काम था कैफे पर जाकर बिजली के सभी बिल इकट्ठे करने का।

    इस काम का उसे पांच प्रतिशत कमीशन मिलता था। इसके बाद वह उन बिल को सुशील कुमार को देता था। उसे दस प्रतिशत कमीशन मिलता था। आरोपितों ने बताया कि वह ठगी की रकम से बिजली व गैस बिल भरते थे। गिरो का सरगना राकेश है जो फरार है।

    पकड़े गए आरोपितों ने पहले भी मुंबई, कर्नाटक समेत कई राज्यों के लोगों को अपना शिकार बनाया है। पुलिस ने लोगों से कहा कि वह बिजली व गैस के बिलो का भुगतान कंपनी के कार्यालय में जाकर करें, इससे वह ठगी से बच जाएंगे।

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