दिल्ली में पैरेंट्स को मनमानी से छुटकारा, तय दुकान से ही किताबें-यूनिफार्म खरीदने को मजबूर नहीं कर सकते स्कूल
दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने निजी स्कूलों द्वारा विद्यार्थियों और अभिभावकों को विशेष दुकानों से किताबें, कापियां और यूनिफार्म खरीदने के लिए मजबूर करने पर ...और पढ़ें

स्कूलों की मानमानी ने शिक्षा निदेशालय ने लगाई लगाम। फोटो: एआई जनरेटेड
HighLights
निजी स्कूल तय दुकान से सामग्री खरीदने को मजबूर नहीं कर सकते
स्कूलों को किताबें, यूनिफार्म सूची और 5 विक्रेताओं की जानकारी देनी होगी
नियम उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई, शिकायत के लिए हेल्पलाइन भी जारी
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राजधानी में निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए शिक्षा निदेशालय ने सख्ती दिखाई है। निदेशालय ने एक अप्रैल 2026 दिशानिर्देश जारी कर कहा कि कोई भी निजी स्कूल विद्यार्थियों या अभिभावकों को किसी एक तय दुकान या वेंडर से किताबें, कापियां, यूनिफार्म या अन्य सामग्री खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकता।
महंगे सामान खरीदने के दबाव की शिकायतें
शिक्षा निदेशालय ने पाया कि कई स्कूल विद्यार्थियों और अभिभावकों पर दबाव बनाकर तय दुकानों से महंगे दामों पर सामान खरीदने के लिए मजबूर कर रहे थे, जिससे परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा था। इसी को रोकने के लिए यह आदेश लागू किया गया है।
बतानी होगी किताबों और यूनिफार्म की लिस्ट
निदेशालय के अधिकारियों के मुताबिक अब सभी स्कूलों को कक्षा-वार किताबों और यूनिफार्म की पूरी सूची स्कूल परिसर और वेबसाइट पर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करनी होगी।
कम से कम पांच दुकानों की जानकारी देना अनिवार्य
साथ ही कम से कम पांच दुकानों, वेंडर्स के नाम, पते और फोन नंबर भी बताने होंगे, जहां से ये सामान उपलब्ध हो सके। हालांकि, अभिभावक अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी दुकान से खरीदारी करने के लिए स्वतंत्र होंगे।
यूनिफार्म में तीन साल तक नहीं होगा बदलाव
निदेशालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि स्कूल निर्धारित यूनिफार्म के रंग, डिजाइन या अन्य विशेषताओं में कम से कम तीन वर्ष तक बदलाव नहीं कर सकेंगे। इसके अलावा अतिरिक्त किताबें या गाइड खरीदने का दबाव डालना भी पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है।
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शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी
आदेश में चेतावनी दी गई है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अभिभावकों की शिकायत दर्ज कराने के लिए हेल्पलाइन नंबर 9818154069 और ईमेल की सुविधा भी दी गई है।
पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी : शिक्षा निदेशक
शिक्षा निदेशक वेदिता रेड्डी ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और गैर-व्यावसायिक बनाए रखना जरूरी है, इसलिए किसी भी तरह का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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