दिल्ली में नौकरी पाने का सुनहरा मौका, 10 हजार से अधिक सीटों पर बंपर वैकेंसी
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दिल्ली फायर सर्विस में 10,743 नए पदों पर भर्ती के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब इसे अंतिम स्वीकृति के लिए दिल्ली सरकार के प ...और पढ़ें

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दिल्ली फायर सर्विस में 10,743 नए पदों पर भर्ती के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
HighLights
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 10,743 पदों पर भर्ती को मंजूरी दी।
अंतिम स्वीकृति के लिए दिल्ली सरकार को प्रस्ताव भेजा गया।
कर्मचारियों की कमी दूर होगी, आपातकालीन प्रतिक्रिया सुधरेगी।
मोहम्मद साकिब, नई दिल्ली। राजधानी में लगातार सामने आ रहे बड़े अग्निकांडों और दमकल विभाग में लंबे समय से चली आ रही कर्मचारियों की कमी को दूर करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। दिल्ली फायर सर्विस (डीएफएस) में 10,743 नए पदों पर भर्ती के प्रस्ताव को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है। अब इस प्रस्ताव को अंतिम प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति के लिए दिल्ली सरकार के पास भेजा गया है। सरकार की मंजूरी मिलते ही भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
चीफ फायर आफिसर एके मलिक के मुताबिक, विभाग में कर्मचारियों की भारी कमी को देखते हुए करीब पांच महीने पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय को विस्तृत प्रस्ताव भेजा गया था। गृह मंत्रालय की उच्च स्तरीय समिति ने विभिन्न पहलुओं पर समीक्षा और चर्चा के बाद 10,743 पदों पर भर्ती के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है।
दिल्ली सरकार से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद भर्ती संबंधी फाइल दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (डीएसएसएसबी) को भेजी जाएगी। इसके बाद विज्ञापन जारी कर आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे और लिखित परीक्षा सहित चयन प्रक्रिया शुरू होगी। चयनित अभ्यर्थियों को सीधे फायर स्टेशनों पर तैनात नहीं किया जाएगा। सभी सफल उम्मीदवारों को पहले दिल्ली फायर सर्विस की विशेष पेशेवर ट्रेनिंग से गुजरना होगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद ही उनकी विभिन्न फायर स्टेशनों पर नियुक्ति की जाएगी।
बड़े अग्निकांडों में मैनपावर का मुद्दा प्रमुखता से आया था सामने
हाल के महीनों में हौजरानी, विवेक विहार, पालम और तुगलकाबाद समेत कई बड़े अग्निकांडों में लोगों की जान गई थी। इन घटनाओं के दौरान दमकल विभाग में मैनपावर की कमी का मुद्दा भी प्रमुखता से सामने आया था। ऐसे में 10,743 नई भर्तियां विभाग की क्षमता बढ़ाने और भविष्य में आपातकालीन परिस्थितियों से अधिक प्रभावी ढंग से निपटने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं।
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71 फायर स्टेशनों में 18 आफिसर हैं तैनात
दिल्ली के 71 फायर स्टेशनों के लिए कुल 90 स्टेशन आफिसर के पद मंजूर हैं, लेकिन अभी सिर्फ 18 स्टेशन आफिसर ही तैनात हैं। इससे विभाग के लिए इमरजेंसी के दौरान असरदार और तुरंत आग बुझाने की व्यवस्था बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है। स्थिति और भी चिंताजनक है क्योंकि मौजूदा 18 स्टेशन आफिसर्स में से लगभग 12 जल्द ही रिटायर होने वाले हैं।
इन पदों पर होगी विभाग में नियुक्ति
| पद | नियुक्ति (पदों की संख्या) |
|---|---|
| स्टेशन ऑफिसर | 176 |
| सब ऑफिसर | 294 |
| लीडिंग फायरमैन | 776 |
| फायर ऑपरेटर | 3,823 |
| डिप्टी चीफ फायर ऑफिसर | 4 |
| डिविजनल आफिसर | 11 |
| असिस्टेंट डिविजनल ऑफिसर | 32 |
| इमरजेंसी रेस्क्यू | 3,546 |
| स्टाफ ट्रेनिंग सेंटर (एसटीसी) | 294 |
| प्रवर्तन, निरीक्षण एवं प्रशासनिक कार्य | 170 |
| सर्च एंड रेस्क्यू कंपनी | 44 |
| कम्युनिकेशन, ऑटोमोबाइल वर्कशाप, लीगल, आइटी, आपरेशन बैंड आदि | 420 |
| मल्टी-टास्किंग स्टाफ (एमटीएस) | 1,153 |
अग्निशमन विभाग में वर्तमान स्थिति
| विवरण | संख्या |
|---|---|
| कुल फायर स्टेशन | 71 |
| कुल दमकलकर्मी | 2,480 |
| क्यूआरवी तैनात | 50 |
| ऑनरोड फायर टेंडर | 250 |
छह महीने में 69 लोगों की झुलसने से हुई मौत
इस वर्ष जनवरी से जून के बीच आग लगने की 12,214 घटनाएं दर्ज हुईं, जिनमें 69 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 494 लोग झुलसकर घायल हुए हैं। इनमें अकेले जून महीने में 25 लोगों की जान चली गई, जो वर्ष 2026 के किसी भी महीने में सबसे अधिक है। इस साल जून में आग लगने की कुल 2,111 काल प्राप्त मिलीं। यह संख्या मई के मुकाबले कम है। मई में विभाग को आग लगने की 3,410 कॉल्स मिली थीं, जो इस वर्ष किसी भी महीने में सबसे अधिक थीं।