दिल्ली सरकार ने जारी किया EV पॉलिसी 2026 का ड्राफ्ट, इलेक्ट्रिक वाहन खरीद पर मिलेगी भारी छूट
दिल्ली सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए EV पॉलिसी 2026 का ड्राफ्ट जारी किया है। इस नीति में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर, ...और पढ़ें
-1775884162968_m.webp)
दिल्ली सरकार ने EV पॉलिसी 2026 का ड्राफ्ट जारी किया। जागरण

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने बहु प्रतिशत नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति का मसौदा जारी कार दिया है। जनता 30 दिनों तक इस पर अपने सुझाव दे सकेगी। नई इलेक्ट्रिक दिल्ली में 3 साल बाद आ रही है।
नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति इससे पहले अगस्त 2020 में पहली बार दिल्ली में लागू की गई थी, इलेक्ट्रिक जो 2023 में समाप्त हो गई थी। उसी नीति को अभी तक विस्तार दिया जाता रहा है। नई नीति में जनता के लिए कई तरह की रियायतें मिलने जा रही हैं।
31 मार्च 2030 तक के लिए प्रस्तावित
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रस्तावित ड्राफ्ट दिल्ली ईवी नीति 2026 राजधानी में स्वच्छ, सुलभ और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने बताया कि यह नीति 31 मार्च 2030 तक के लिए प्रस्तावित है और इसके तहत इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए व्यापक वित्तीय प्रोत्साहन, कर छूट, अनिवार्य प्रावधान और बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष जोर दिया गया है।
सीधे सब्सिडी के लिए कर सकेंगे आवेदन
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस नीति के अंतर्गत सभी खरीद प्रोत्साहन सीधे लाभ अंतरण के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को दिए जाएंगे। इसमें वे व्यक्ति, स्वामित्व फर्म, एजेंसियां और कंपनियां शामिल होंगी जो राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के निवासी हैं और जिनके वाहन दिल्ली में पंजीकृत होंगे। लाभार्थी परिवहन विभाग, जीएनसीटीडी द्वारा अधिसूचित तंत्र के माध्यम से सीधे सब्सिडी के लिए आवेदन कर सकेंगे।
अधिकतम 10,000 रुपये तक मिलेगी छूट
उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के लिए एक्स-फैक्ट्री मूल्य 2.25 लाख रुपये तक निर्धारित किया गया है। ऐसे वाहनों पर अधिसूचना की तिथि से पहले वर्ष में प्रति किलोवाट घंटा 10,000 रुपये की दर से अधिकतम 30,000 रुपये, दूसरे वर्ष में 6,600 रुपये प्रति किलोवाट घंटा की दर से अधिकतम 20,000 रुपये और तीसरे वर्ष में 3,300 रुपये प्रति किलोवाट घंटा की दर से अधिकतम 10,000 रुपये तक प्रोत्साहन दिया जाएगा।
खबरें और भी
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इलेक्ट्रिक तीनपहिया (एल5एम श्रेणी) वाहनों को बढ़ावा देने के लिए अधिसूचना की तिथि से पहले वर्ष में 50,000 रुपये, दूसरे वर्ष में 40,000 रुपये और तीसरे वर्ष में 30,000 रुपये का प्रोत्साहन दिया जाएगा। वहीं इलेक्ट्रिक चार पहिया माल वाहनों (एन1 श्रेणी) के लिए पहले वर्ष में 1,00,000 रुपये, दूसरे वर्ष में 75,000 रुपये और तीसरे वर्ष में 50,000 रुपये का प्रोत्साहन निर्धारित किया गया है।
उन्होंने आगे बताया कि स्क्रैपिंग प्रोत्साहन के तहत पुराने प्रदूषणकारी वाहनों को हटाने के लिए इलेक्ट्रिक दोपहिया पर 10,000 रुपये, तीनपहिया पर 25,000 रुपये, गैर-परिवहन इलेक्ट्रिक कारों पर 1,00,000 रुपये और चार पहिया माल वाहनों पर 50,000 रुपये का प्रोत्साहन दिया जाएगा।
30 लाख से अधिक मूल्य के वाहन पर नहीं मिलेगा लाभ
इसके लिए आवश्यक होगा कि नई इलेक्ट्रिक वाहन की खरीद अधिकृत स्क्रैपिंग सुविधा से प्रमाणपत्र जारी होने के छह माह के भीतर की जाए। यह लाभ दिल्ली में पंजीकृत बीएस-IV और उससे नीचे के वाहनों पर लागू होगा, जबकि इलेक्ट्रिक कारों के मामले में यह लाभ पहले 1,00,000 पात्र आवेदकों तक सीमित रहेगा और वाहन का एक्स-फैक्ट्री मूल्य 30 लाख रुपये से अधिक नहीं होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों को सड़क कर और पंजीकरण शुल्क में व्यापक छूट प्रदान की जाएगी। नीति अवधि के दौरान राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में पंजीकृत सभी इलेक्ट्रिक वाहनों को 100 प्रतिशत छूट मिलेगी। 30 लाख रुपये तक की इलेक्ट्रिक कारों को 31 मार्च 2030 तक पूर्ण छूट दी जाएगी, जबकि स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड वाहनों को 50 प्रतिशत छूट मिलेगी। 30 लाख रुपये से अधिक मूल्य की इलेक्ट्रिक कारों को किसी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी।
उच्च स्तरीय समिति का का किया जाएगा गठन
चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग अवसंरचना को मजबूत करने के लिए दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड को नोडल एजेंसी बनाया जाएगा, जो योजना, समन्वय और कार्यान्वयन का कार्य करेगा। इसके तहत एक समर्पित डिजिटल पोर्टल विकसित या एकीकृत किया जाएगा, जिसके माध्यम से चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग अवसंरचना के अनुमोदन, निगरानी और संचालन की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाएगा। इस कार्य में जिला मजिस्ट्रेट, उप आयुक्तों, राजस्व विभाग तथा अन्य संबंधित एजेंसियों का समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही मुख्य सचिव, जीएनसीटीडी की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें संबंधित विभागों और एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
31 मार्च 2030 तक 30 प्रतिशत बसों को करना होगा इलेक्ट्रिक
मुख्यमंत्री ने बताया कि नीति में भविष्य के लिए स्पष्ट अनिवार्य प्रावधान भी किए गए हैं। 1 जनवरी 2027 से दिल्ली में नए पंजीकरण के लिए केवल इलेक्ट्रिक तीनपहिया (एल5) वाहनों की अनुमति होगी, जबकि 1 अप्रैल 2028 से केवल इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का ही पंजीकरण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त स्कूल बसों के लिए चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक रूपांतरण अनिवार्य किया गया है, जिसके तहत अधिसूचना के दूसरे वर्ष की समाप्ति तक न्यूनतम 10 प्रतिशत, तीसरे वर्ष की समाप्ति तक 20 प्रतिशत और 31 मार्च 2030 तक 30 प्रतिशत बसों को इलेक्ट्रिक करना होगा। यह प्रावधान स्वामित्व, लीज या किराए पर चलने वाली सभी स्कूल बसों पर लागू होगा।
उन्होंने कहा कि सरकारी बेड़े में भी इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता दी जाएगी। नीति अधिसूचना के बाद जीएनसीटीडी के अंतर्गत सभी किराए या लीज पर लिए गए वाहन केवल इलेक्ट्रिक होंगे, सिवाय आपातकालीन या विशेष छूट प्राप्त वाहनों के। इसके अलावा दिल्ली परिवहन निगम और परिवहन विभाग द्वारा शामिल की जाने वाली सभी नई अंतर-राज्यीय बसें इलेक्ट्रिक होंगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इस नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ईवी फंड की स्थापना की जाएगी, जिसमें राज्य बजटीय आवंटन, केंद्र और राज्य सरकार की योजनाएं एवं अनुदान, एयर एम्बियंस फंड, पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क, पीएम ई-ड्राइव योजना, कर और अन्य अनुमोदित स्रोत शामिल होंगे। परिवहन मंत्री की अध्यक्षता में दिल्ली ईवी एपेक्स समिति का गठन किया जाएगा, जो नीति के कार्यान्वयन और फंड के प्रबंधन की निगरानी करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महत्वाकांक्षी नीति के लिए कुल 3954.25 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। इसमें खरीद प्रोत्साहन हेतु 1236.25 करोड़ रुपये, स्क्रैपिंग प्रोत्साहन हेतु 1718 करोड़ रुपये तथा चार्जिंग अवसंरचना के विकास हेतु 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वर्षवार व्यय के अनुसार अधिसूचना के पहले वर्ष में 965.5 करोड़ रुपये, दूसरे वर्ष में 1012.75 करोड़ रुपये, तीसरे वर्ष में 1231.5 करोड़ रुपये और चौथे वर्ष में 744.5 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रस्तावित ड्राफ्ट दिल्ली ईवी नीति 2026 दिल्ली को स्वच्छ, हरित और आधुनिक परिवहन प्रणाली की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाएगी और प्रदूषण में कमी लाने के साथ-साथ नागरिकों को बेहतर और सुलभ परिवहन सुविधाएं प्रदान करेगी।
10 मई तक भेज सकते हैं सुझाव या आपत्ति
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग ने दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति 2026 का मसौदा आधिकारिक रूप से प्रकाशित कर दिया है। यह मसौदा परिवहन विभाग, जीएनसीटीडी की आधिकारिक वेबसाइट https://transport.delhi.gov.in पर सभी हितधारकों एवं आम जनता की जानकारी के लिए अपलोड किया गया है।
विभाग ने इस मसौदा नीति पर सुझाव और टिप्पणियां आमंत्रित करते हुए कहा है कि सूचना के प्रकाशन की तिथि से 30 दिनों के भीतर, यानी 10.05.2026 तक, इच्छुक व्यक्ति अपने अभिमत भेज सकते हैं। इसके लिए ई-मेल के माध्यम से evpolicy2026@gmail.com पर सुझाव भेजे जा सकते हैं, जबकि डाक द्वारा संयुक्त आयुक्त (ईवी), परिवहन विभाग, जीएनसीटीडी, 5/9, अंडर हिल रोड, दिल्ली-110054 के पते पर भी आवेदन भेजने की व्यवस्था की गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अवधि के पश्चात प्राप्त अभ्यावेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।
दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी 2026–2030 (ड्राफ्ट)
खरीद प्रोत्साहन
A) इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर
- कीमत की लिमिट: ₹2.25 लाख
- साल 1: ₹10,000/kWh (ज्यादा से ज्यादा ₹30,000)
- साल 2: ₹6,600/kWh (ज्यादा से ज्यादा ₹20,000)
- साल 3: ₹3,300/kWh (ज्यादा से ज्यादा ₹10,000)
B) इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर (ई-ऑटो)
- साल 1: ₹50,000
- साल 2: ₹40,000
- साल 3: ₹30,000
C) इलेक्ट्रिक गुड्स व्हीकल (N1)
- साल 1: ₹1,00,000
- साल 2: ₹75,000
- साल 3: ₹50,000
D) स्क्रैपिंग इंसेंटिव
- टू-व्हीलर: ₹10,000
- थ्री-व्हीलर: ₹25,000
- कार (₹30 लाख): ₹1,00,000
- गुड्स व्हीकल: ₹50,000
टैक्स बेनिफिट
- EV के लिए रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस पर 100% छूट।
- ₹30 लाख तक की कारों के लिए पूरी छूट।
- ₹30 लाख से ज्यादा की कारों के लिए कोई छूट नहीं।
31 मार्च 2030 तक लागू (जब तक इसे बढ़ाया या बदला न जाए)।