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मालवीय नगर अग्निकांड के बाद दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला, मानसून सत्र में खत्म होगा ब्रेड एंड ब्रेकफस्ट कानून

Published: Wed, 05 Aug 2026 11:11 PM (IST)

मालवीय नगर अग्निकांड के बाद दिल्ली सरकार आगामी मानसून सत्र में बेड एंड ब्रेकफास्ट (बीएंडबी) कानून को रद करने वाला विधेयक पेश करेगी। तीन महत्वपूर्ण विधेयक भी लाए जाएंगे।

दिल्ली में ब्रेड एंड ब्रेकफस्ट कानून को रद करने की तैयारी। फोटो: आर्काइव

दिल्ली में ब्रेड एंड ब्रेकफस्ट कानून को रद करने की तैयारी। फोटो: आर्काइव

HighLights

  1. मालवीय नगर अग्निकांड के बाद बीएंडबी कानून रद होगा

  2. दिल्ली विधानसभा का मानसून सत्र 7 से 11 अगस्त तक

  3. समयबद्ध सेवाओं पर नया विधेयक भी पेश किया जाएगा

राज्य ब्यूरो, जागरण, नई दिल्ली। मालवीय नगर स्थित एक बेड एंड ब्रेकफस्ट (बीएंडबी) प्रतिष्ठान में हुए भीषण अग्निकांड के बाद दिल्ली सरकार आगामी मानसून सत्र में 'द नेशनल कैपिटल टेरिटरी ऑफ दिल्ली (इनक्रेडिबल इंडिया) बेड एंड ब्रेकफास्ट एस्टैब्लिशमेंट्स (रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन) एक्ट, 2007' को निरस्त करने संबंधी विधेयक पेश करेगी।

विधानसभा का मानसून सत्र 7 से 11 अगस्त तक आयोजित होगा, जिसमें सरकार तीन महत्वपूर्ण विधेयक लाने के साथ कई अहम मुद्दों पर चर्चा करेगी।

मानसून सत्र की तैयारियां पूरी

विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि सत्र के शांतिपूर्ण और व्यवस्थित संचालन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि इस बार विधानसभा परिसर में सुरक्षित, अनुशासित और प्रभावी वातावरण बनाए रखने के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं।

अग्निकांड के बाद कानून वापस लेने का फैसला

बता दें कि हाल ही में मालवीय नगर के एक बीएंडबी प्रतिष्ठान में लगी आग में 21 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें 11 विदेशी नागरिक भी शामिल थे।

इस घटना के बाद दिल्ली के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने बीएंडबी कानून को वापस लेने की घोषणा की थी। वर्ष 2023 तक दिल्ली सरकार की बीएंडबी योजना के तहत राजधानी में 432 संपत्तियों के 2,200 से अधिक कमरे पंजीकृत थे।

विपक्ष कई मुद्दों पर सरकार को घेरेगा

मानसून सत्र के दौरान विपक्षी आम आदमी पार्टी सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है। पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी के अनुसार, आप चिकित्सा उपकरण घोटाला, हाल की अग्निकांड घटनाओं में प्रशासनिक लापरवाही, साइकिल वितरण घोटाले सहित राजधानी से जुड़े अन्य मुद्दों को सदन में उठाएगी।

अन्य विधेयक भी किए जाएंगे पेश

सरकार इस सत्र में दिल्ली (नागरिकों को समयबद्ध सेवाएं प्रदान करने का अधिकार) विधेयक, 2026 पेश करेगी। पिछले महीने दिल्ली मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी थी, जिसका उद्देश्य समयबद्ध सरकारी सेवाओं को नागरिकों का कानूनी अधिकार बनाना है।

प्रस्तावित कानून में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट दंड प्रविधान रखा गया है। यदि कोई सरकारी अधिकारी बिना उचित कारण किसी सेवा में देरी करता है, तो उस पर जुर्माना लगाया जा सकेगा।

इस नए विधेयक के लागू होने पर दिल्ली (नागरिकों को समयबद्ध सेवाएं प्रदान करने का अधिकार) कानून 2011 निरस्त हो जाएगा।

मानसून सत्र में रखे जाने वाले तीन विधेयक

  • दिल्ली (नागरिकों को समयबद्ध सेवाएं प्रदान करने का अधिकार) विधेयक, 2026' और 'दिल्ली (नागरिकों को समयबद्ध सेवाएं प्रदान करने का अधिकार) अधिनियम, 2011' को निरस्त करने के लिए।
  • 'दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड अधिनियम, 2010 और दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (संशोधन) अधिनियम, 2015, दिल्ली अधिनियम 2020 का 5 की धारा 2, खंड (जी), उप-खंड में संशोधन।
  • 'दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (अतुल्य भारत) बेड एंड ब्रेकफस्ट प्रतिष्ठान (पंजीकरण और विनियमन) अधिनियम, 2007' (2007 का दिल्ली अधिनियम संख्या 11) और इसके संशोधन अधिनियमों, 2010 और 2021 का निरस्त करना।

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