चमकेगा चांदनी चौक का ऐतिहासिक कॉरिडोर, 6 मार्गों का होगा कायाकल्प; अब प्राइवेट कंपनी करेगी सफाई
दिल्ली सरकार चांदनी चौक की खराब सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए 34 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसके तहत लाल किला ...और पढ़ें

चांदनी चौक को बदहाली से मिलेगी निजात। फोटो: आर्काइव
HighLights
चांदनी चौक के रखरखाव पर 34 करोड़ रुपये खर्च होंगे
निजी कंपनी संभालेगी सफाई, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाएं
लाल किला से फतेहपुरी मस्जिद तक का क्षेत्र शामिल
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली सरकार खराब सफाई व्यवस्था के चलते ऐतिहासिक चांदनी चौक की बदहाल हो रही तस्वीर बदलने की तैयारी में है।
सरकार लाल किला जंक्शन से फतेहपुरी मस्जिद तक करीब 1.3 किलोमीटर लंबे पुनर्विकसित मार्ग और इससे जुड़े पांच अन्य रास्तों के रखरखाव के लिए निजी सुविधा प्रबंधन कंपनी नियुक्त करेगी।
इसके लिए करीब 34 करोड़ रुपये की लागत से टेंडर जारी किया गया है। एजेंसी को शुरुआती तौर पर तीन साल के लिए जिम्मेदारी दी जाएगी।
चांदनी चौक समेत छह मार्गों का होगा रखरखाव
योजना के तहत मुख्य चांदनी चौक कॉरिडोर के अलावा दीवान हाल रोड, एस्प्लेनेड रोड, एचसी सेन मार्ग, राय केदारनाथ मार्ग, टाउन हॉल चौक और शांति देसाई मार्ग समेत जुड़े इलाकों का रखरखाव किया जाएगा। लाल जैन मंदिर और फतेहपुरी मस्जिद के आसपास के क्षेत्र भी इसके दायरे में होंगे।
सुरक्षा और कूड़ा निस्तारण की भी जिम्मेदारी
निजी एजेंसी की जिम्मेदारी केवल सफाई तक सीमित नहीं रहेगी। सुरक्षा गार्डों की तैनाती, सड़कों की जेट मशीनों से धुलाई, शौचालयों और सार्वजनिक सुविधाओं की सफाई, कूड़ा उठाने और उसे एमसीडी के निर्धारित निस्तारण स्थलों तक पहुंचाने का काम भी एजेंसी करेगी। पक्के रास्तों और फुटपाथों की यांत्रिक सफाई के लिए राइड-आन स्क्रबर का इस्तेमाल किया जाएगा।
नालियों की सफाई और जल निकासी पर जोर
इसके अलावा नालियों और उनसे जुड़ी संरचनाओं की सफाई व गाद निकासी, जमा मलबे को हटाने तथा जल निकासी व्यवस्था को सुचारू रखने की जिम्मेदारी भी एजेंसी की होगी। प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा कर्मियों की तीन आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में तैनाती की जाएगी।
PWD-MCD विवाद के बाद बिगड़ी थी व्यवस्था
दरअसल, 2021 में पुनर्विकसित चांदनी चौक मार्ग का उद्घाटन हुआ था। इसके बाद वर्ष 2023 के अंत तक सुविधा प्रबंधन सेवा उपलब्ध थी, लेकिन बाद में पीडब्ल्यूडी और एमसीडी के बीच रखरखाव के अधिकार को लेकर विवाद के चलते इसका अनुबंध आगे नहीं बढ़ाया गया। इसके बाद क्षेत्र में साफ-सफाई और रखरखाव की स्थिति लगातार खराब होती गई।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, जो शाहजहानाबाद पुनर्विकास निगम (एसआरडीसी) की अध्यक्ष भी हैं। उन्होंंने हाल में अधिकारियों के साथ बैठक कर पुरानी दिल्ली की ऐतिहासिक पहचान और वैभव बहाल करने के निर्देश दिए थे। नई व्यवस्था को इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
