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    दिल्ली में बेघरों को जल्द मिलेगा पक्का मकान, द्वारका में EWS के 2700 फ्लैटों का अलॉटमेंट करने की तैयारी

    Updated: Wed, 05 Aug 2026 11:17 PM (GMT+05:30)

    दिल्ली सरकार द्वारका में 2700 जेएनएनयूआरएम फ्लैटों की मरम्मत के लिए 12 करोड़ रुपये खर्च करेगी, जिसके लिए नया टेंडर जारी हुआ है। मरम्मत के बाद ये फ्लैट ...और पढ़ें

    दिल्ली में ईडब्ल्यूएस फ्लैटों के आवंटन की तैयारी। फोटो: आर्काइव

    दिल्ली में ईडब्ल्यूएस फ्लैटों के आवंटन की तैयारी। फोटो: आर्काइव

    HighLights

    1. द्वारका में 2700 जेएनएनयूआरएम फ्लैटों की मरम्मत होगी

    2. दिल्ली सरकार 12 करोड़ रुपये खर्च कर रही है

    3. मरम्मत के बाद EWS लाभार्थियों को आवंटित होंगे

    राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली सरकार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लोगों को लंबे समय से तैयार पड़े फ्लैट आवंटित करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।

    इसी क्रम में द्वारका स्थित जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन (जेएनएनयूआरएम) के तहत निर्मित करीब 2700 फ्लैटों की मरम्मत और आवश्यक सुधार कार्य के लिए सरकार ने दोबारा टेंडर जारी किया है।

    इससे पहले निकाला गया टेंडर निरस्त कर दिया गया था, जिसके बाद संशोधित प्रक्रिया के तहत नया टेंडर आमंत्रित किया गया है।

    12 करोड़ रुपये से होंगे मरम्मत और सुधार कार्य

    सरकार इस मरम्मत कार्य पर लगभग 12 करोड़ रुपये खर्च करेगी। फ्लैट काफी समय से खाली पड़े हैं, जिसके कारण इनमें कई स्थानों पर मरम्मत और रखरखाव की आवश्यकता पैदा हो गई है।

    निर्माण संबंधी कमियों को दूर करने, क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत, विद्युत एवं जलापूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने, पेंटिंग तथा अन्य जरूरी कार्य इस परियोजना के तहत किए जाएंगे ताकि फ्लैट आवंटन के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें।

    मरम्मत के बाद शुरू होगी आवंटन प्रक्रिया

    दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डूसिब) के अधिकारियों का कहना है कि मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद पात्र लाभार्थियों को इन फ्लैटों का आवंटन करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

    सरकार का उद्देश्य पहले से निर्मित लेकिन खाली पड़े आवासों का उपयोग सुनिश्चित करना है, ताकि जरूरतमंद परिवारों को जल्द आवास उपलब्ध कराया जा सके।

    जेएनएनयूआरएम योजना के तहत इन फ्लैटों का निर्माण शहरी गरीबों को किफायती आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया था। हालांकि विभिन्न कारणों से इनका आवंटन लंबे समय तक लंबित रहा।

    अब सरकार मरम्मत कार्य पूरा कर इन्हें शीघ्र आवंटित करने की तैयारी में है। अधिकारियों का मानना है कि इससे हजारों जरूरतमंद परिवारों को पक्का आवास मिलने का रास्ता साफ होगा।