Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    'बचपन का प्यार' गाने के अनधिकृत इस्तेमाल पर हाई कोर्ट की रोक, यूट्यूब चैनलों को जारी आदेश

    Updated: Wed, 20 May 2026 05:03 AM (IST)

    दिल्ली हाई कोर्ट ने वायरल गीत 'बचपन का प्यार' के अनधिकृत इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। अदालत ने यूट्यूब चैनलों और अन्य को बिना अनुमति इसके उपयोग से प्रति ...और पढ़ें

    कोर्ट ने वायरल गीत 'बचपन का प्यार' के अनधिकृत इस्तेमाल पर रोक लगा दी।

    कोर्ट ने वायरल गीत 'बचपन का प्यार' के अनधिकृत इस्तेमाल पर रोक लगा दी।

    HighLights

    1. हाई कोर्ट ने 'बचपन का प्यार' के उपयोग पर रोक लगाई।

    2. यूट्यूब चैनलों को अनधिकृत इस्तेमाल से प्रतिबंधित किया गया।

    3. आइवी एंटरटेनमेंट के पास गीत के कॉपीराइट अधिकार।

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने वायरल गीत बचपन का प्यार और उसकी चर्चित हुक लाइन 'जाने मेरी जानेमन बचपन का प्यार भूल नहीं जाना रे' के अनधिकृत इस्तेमाल पर सख्त रुख अपनाते हुए कई यूट्यूब चैनलों और अज्ञात लोगों को बिना अनुमति इसका उपयोग करने से रोक दिया है।

    अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया गीत के कापीराइट अधिकार आइवी इंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के पास हैं। मामले की अगली सुनवाई 10 अगस्त को संयुक्त रजिस्ट्रार के समक्ष होगी, जबकि 21 अक्टूबर को यह मामला दोबारा हाई कोर्ट में सूचीबद्ध किया जाएगा।

    अंतरिम आदेश कॉपीराइट उल्लंघन से जुड़े एक मुकदमे में पारित

    न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की पीठ ने 15 मई को यह अंतरिम आदेश कॉपीराइट उल्लंघन से जुड़े एक मुकदमे में पारित किया। अदालत ने राहुल सिंह समेत अन्य नामित प्रतिवादियों और अज्ञात पक्षों को गीत, उसकी हुक लाइन या उससे जुड़े किसी हिस्से के उपयोग, वितरण और व्यावसायिक इस्तेमाल से तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिया।

    आइवी एंटरटेनमेंट का कहना है कि उसने सात नवंबर 2025 को हुए बौद्धिक संपदा अधिकार अधिग्रहण समझौते के तहत बचपन का प्यार समेत 1250 गीतों और संबंधित यूट्यूब चैनल के अधिकार प्राप्त किए थे। कंपनी ने दावा किया कि अप्रैल 2026 में उसे पता चला कि कई यूट्यूब चैनलों पर गीत की हुक लाइन, धुन और अन्य हिस्सों का बिना अनुमति इस्तेमाल किया जा रहा है।

    खबरें और भी

    प्रतिवादी गीत का अनधिकृत इस्तेमाल कर गैरकानूनी आर्थिक लाभ कमा रहे

    इनमें कुछ वीडियो पर लाखों से लेकर करोड़ों तक व्यूज आए हैं। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि प्रतिवादी गीत का अनधिकृत इस्तेमाल कर गैरकानूनी आर्थिक लाभ कमा रहे हैं, जिससे वादी कंपनी को वित्तीय नुकसान हो रहा है। कोर्ट ने सभी प्रतिवादियों को निर्देश दिया कि वे अपने यूट्यूब चैनलों पर गीत के इस्तेमाल से हुई आय का पूरा विवरण अदालत में पेश करें।

    यह भी पढ़ें- यूट्यूबर गुलशन पाहुजा को न्यायपालिका पर टिप्पणी करना पड़ा भारी, दिल्ली हाई कोर्ट ने सुनाई छह माह की सजा