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लाल किला आतंकी मामले में जासिर बिलाल वानी को दिल्ली हाई कोर्ट से नहीं मिली डिफॉल्ट जमानत

Published: Tue, 18 Aug 2026 07:58 PM (IST)

दिल्ली हाई कोर्ट ने लाल किला आतंकी मामले के आरोपित जासिर बिलाल वानी की डिफाल्ट जमानत याचिका खारिज कर दी। ...और पढ़ें

जासिर बिलाल वानी उर्फ दानिश को डिफॉल्ट जमानत देने से मंगलवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने इनकार कर दिया।

जासिर बिलाल वानी उर्फ दानिश को डिफॉल्ट जमानत देने से मंगलवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने इनकार कर दिया।

HighLights

  1. दिल्ली हाई कोर्ट ने जासिर बिलाल वानी की जमानत याचिका खारिज की।

  2. यूएपीए की धारा-43डी के तहत डिफाल्ट जमानत का अधिकार नहीं।

  3. आरोपित लाल किला कार बम धमाके की साजिश में शामिल था।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। लाल किला आतंकी मामले के आरोपित जासिर बिलाल वानी उर्फ दानिश को डिफॉल्ट जमानत देने से मंगलवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति प्रतिबा एम सिंह व न्यायमूर्ति विकास महाजन की पीठ ने कहा कि यूएपीए की धारा-43 डी में बीएनएसएस की धारा-187 का जिक्र न होने से अपीलकर्ता 90 दिनों के बाद डिफॉल्ट जमानत का हकदार नहीं हो जाता।

पीठ ने कहा कि जनरल क्लसजेज अधिनियम की धारा-आठ (एक) के तहत, भारतीय दंड संहिता प्रक्रिया (सीआरपीसी) की धारा-167 के जिक्र को बीएनएसएस की धारा-187 के तौर पर ही समझा जाना चाहिए।

ट्रायल कोर्ट ने पहला, दूसरा और एक्सटेंशन दे दिया था

पीठ ने कहा कि जब यह अपील दायर की गई, तब तक ट्रायल कोर्ट ने पहला, दूसरा और एक्सटेंशन दे दिया था और डिफॉल्ट जमानत की अर्जी खारिज कर दी थी। पीठ ने कहा कि 14 मई, 2026 को आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है और इस स्तर पर अपीलकर्ता आरोपित यह दावा नहीं कर सकता कि वह 90 दिन की अवधि के बाद डिफॉल्ट जमानत का वह हकदार था, क्योंकि इस अदालत की राय में, अब यह मौका निकल चुका है।

जासिर बिलाल की अपील याचिका खारिज

अदालत ने उक्त टिप्पणी करते हुए ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनाैती देने वाली जासिर बिलाल की अपील याचिका खारिज कर दी। जासिर ने तय समयसीमा के भीतर जांच एजेंसी द्वारा जांच न पूरी या आरोपपत्र न दाखिल करने के आधार पर डिफॉल्ट जमानत की मांग की थी। जासिर जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग का रहने वाला है और एनआइए ने उस पर 10 नवंबर 2025 को लाल किला इलाके में हुए कार बम धमाके में सक्रिय रूप से साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया है।

जासिर ने आतंकी हमले करने के लिए दी थी तकनीकी मदद दी थी

एनआईए ने का आरोप है कि जासिर बिलाल ने ड्रोन में बदलाव करके और राकेट बनाने की कोशिश करके आतंकी हमले करने के लिए तकनीकी मदद दी थी। जांच एजेंसी का दावा है कि उसने लाल किले में हुए धमाके की साजिश रचने में आत्मघाती हमलावर उमर-उन-नबी के साथ मिलकर काम किया था।

10 नवंबर 2025 को शाम छह बजकर 52 मिनट पर लाल किले के पास एक हुंडई आइ-20 कार में धमाका हुआ था। इसमें 15 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य घायल हो गए था। इस जानलेवा धमाके में आत्मघाती हमलावर उमर-उन-नबी की मौत हो गई थी।

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