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    आंध्र प्रदेश के डिप्टी सीएम की अनुमति के बिना नाम-फोटो और आवाज का नहीं हो सकेगा इस्तेमाल, दिल्ली HC ने लगाई रोक

    Updated: Fri, 02 Jan 2026 06:14 PM (IST)

    दिल्ली हाई कोर्ट ने आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण के व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा की है। कोर्ट ने वेबसाइटों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को उनकी अन ...और पढ़ें

    दिल्ली हाई कोर्ट ने आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण के व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा की है। फाइल फोटो

    दिल्ली हाई कोर्ट ने आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण के व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा की है। फाइल फोटो

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और अभिनेता पवन कल्याण के पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा करते हुए कई वेबसाइटों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को उनकी अनुमति के बिना उनके नाम, फोटो, आवाज़ और इमेज का कमर्शियल इस्तेमाल करने से रोक दिया है।

    जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की बेंच ने पवन कल्याण की याचिका पर सुनवाई करते हुए 14 संस्थाओं, अज्ञात व्यक्तियों और कई ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के खिलाफ अंतरिम रोक लगाते हुए उन्हें अगली सुनवाई तक AI और डीपफेक टेक्नोलॉजी के जरिए उनकी इमेज का इस्तेमाल करने से मना किया है। अगली सुनवाई 12 मई को होनी है।

    कोर्ट ने कहा कि सुविधा का संतुलन याचिकाकर्ता के पक्ष में है और आपत्तिजनक कंटेंट की उपलब्धता से उन्हें अपूरणीय क्षति होगी। कोर्ट ने कहा कि पवन कल्याण एक पब्लिक फिगर हैं और फिलहाल आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री हैं, फिर भी उनके नाम, फोटो, आवाज़ और पहचान का इस्तेमाल उनकी सहमति के बिना सामान बेचने और कमर्शियल फायदे के लिए किया जा रहा है।

    हाई कोर्ट ने माना कि संबंधित संस्थाएं अपनी वेबसाइटों पर AI-आधारित सॉफ्टवेयर के जरिए उनके पर्सनैलिटी गुणों का कमर्शियल फायदा उठा रही थीं। कोर्ट ने पवन कल्याण की इस आशंका पर भी ध्यान दिया कि कई सोशल मीडिया अकाउंट उनके नाम का इस्तेमाल करके लोगों को गुमराह कर रहे थे। कोर्ट ने ऐसे अकाउंट्स को निर्देश दिया कि वे अपनी प्रोफाइल में साफ तौर पर "फैन अकाउंट" लिखें।

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