अंतरिम राहत लेकर कोर्ट से क्यों दूर हुए विवेक ओबराय? दिल्ली हाई कोर्ट ने उठाए सवाल
दिल्ली हाई कोर्ट ने अभिनेता विवेक ओबेरॉय पर व्यक्तिगत अधिकारों पर सुरक्षा के अंतरिम आदेश के बाद अदालत की कार्यवाही ...और पढ़ें

विवेक ओबेरॉय पर कार्यवाही से बचने को लेकर हाई कोर्ट ने सवाल उठाए।
HighLights
विवेक ओबेरॉय पर कार्यवाही से बचने को लेकर हाई कोर्ट ने सवाल उठाए।
एक्स की याचिका पर दो यूआरएल आदेश के दायरे से बाहर किए गए।
विवेक ओबेरॉय के वकील ने मामले से खुद को अलग किया।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। व्यक्तिगत अधिकारों पर सुरक्षा के मामले में अंतरिम आदेश हासिल करने के बाद से अदालत की कार्यवाही से बचने को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने अभिनेता विवेक ओबराय पर सवाल उठाया है। न्यायमूर्ति अनूप जयराम भंभानी की पीठ ने कहा कि रिकार्ड देखने से ऐसा लगता है कि इस कोर्ट से पांच फरवरी 2026 को अपने पक्ष में आदेश मिलने के बाद वादी अब इस मामले की आगे की कार्यवाही में शामिल होने से बच रहे हैं।
इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स ने पांच फरवरी के आदेश के दायरे से दो यूआरएल को हटाने के लिए एक आवेदन दायर किया था। एक्स का तर्क था कि ये पोस्ट विवेक ओबेराय के व्यक्तिगत अधिकारों पर सुरक्षा से जुड़े नहीं थे और ये उसके प्लेटफार्म पर किसी उपयोगकर्ता द्वारा अभिव्यक्ति की आजादी के तहत की गई सामान्य बातें थीं।
कोर्ट से समय मिलने के बावजूद विवेक ओबेराय ने एक्स के आवेदन पर अब तक जवाब दाखिल नहीं किया। मामले के तथ्यों को देखते हुए पीठ ने चेतावदी दी कि अगर विवेक ओबेराय ने सात दिनों के भीतर जवाब नहीं दिया तो यह मान लिया जाएगा कि उन्हें एक्स के आवेदन पर कोई आपत्ति नहीं है।
वहीं, सुनवाई के दौरान विवेक ओबराय के अधिवक्ता ने बताया गया कि उन्हें उनके मुवक्किल की तरफ से कोई सूचना या निर्देश नहीं मिला है और उन्होंने केस से हटने की अनुमति मांगी। यह भी कहा कि 17 जुलाई के आदेश की जानकारी ओबेराय को ईमेल और स्पीड पोस्ट के जरिए दी गई थी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इस पर अदालत ने अधिवक्ता को केस से मुक्त कर दिया और मान लिया कि विवेक ओबेराय को एक्स के अनुरोध पर कोई आपत्ति नहीं है।
कोर्ट ने माना कि उन दो यूआरएल का विवेक ओबेराय के व्यक्तिगत अधिकारों पर सुरक्षा से कोई लेना-देना नहीं है और आदेश दिया कि उन्हें पांच फरवरी के आदेश के दायरे से बाहर रखा जाए। साथ ही विवेक ओबराय के लिए अधिवक्ता रोहन जे. अल्वा को एमिकस क्यूरी नियुक्त किया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अभिनेता का पक्ष भी रखा जाए।
कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि मुंबई के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश और संबंधित पुलिस स्टेशन के एसएचओ के माध्यम से विवेक ओबराय को आदेश की सूचना दी जाए।
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