दिल्ली हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी, हिंसा स्थल पर खड़े लोगों की मौजूदगी के आधार पर नहीं होगी गिरफ्तारी
दिल्ली हाई कोर्ट ने तुर्कमान गेट पत्थरबाजी मामले में महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि हिंसा स्थल पर भीड़ का हिस्सा होने या खड़े रहने मात्र से ...और पढ़ें

दिल्ली हाई कोर्ट ने तुर्कमान गेट पत्थरबाजी मामले में महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। फाइल फोटो
जागरण संवाददता, नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने तुर्कमान गेट के पास फैज-ए-इलाही मस्जिद के निकट ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान हुई पत्थरबाजी के एक मामले में मौखिक टिप्पणी की है। अदालत ने कहा कि हिंसा स्थल के आसपास भीड़ का हिस्सा होने या खड़े रहने वाले लोगों को मात्र उसी आधार पर हिरासत में नहीं लिया जा सकता।
अदालत ने दिल्ली पुलिस को आरोपी की विशिष्ट भूमिका स्पष्ट करने और वीडियो सबूत पेश करने का निर्देश दिया। यदि वीडियो में आरोपी उकसाते या हिंसा में सक्रिय दिखे, तो कार्रवाई उचित होगी, लेकिन केवल क्षेत्र में मौजूद होने पर गिरफ्तारी नहीं हो सकती। अदालत ने पुलिस से स्थिति रिपोर्ट मांगी और मामले की अगली सुनवाई अगले सप्ताह तय की।
यह टिप्पणी जनवरी 2026 में एमसीडी द्वारा हाईकोर्ट के आदेश पर अतिक्रमण हटाने के दौरान हुई हिंसा से जुड़े मामलों में आई है, जहां पत्थरबाजी में कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे।
अधिक जानकारी आते ही खबर को अपडेट कर दी जाएगी।