लाल किले पर परिंदा भी नहीं मार पाएगा पर, 10000 पुलिसकर्मी और हाईटेक कैमरों का सख्त पहरा; हेडकाउंट कैमरे भी तैयार
स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए दिल्ली में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, जिसमें दिल्ली पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं।

HighLights
दिल्ली में स्वतंत्रता दिवस के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम।
लाल किले पर 10,000 से अधिक पुलिसकर्मी और हाई-टेक निगरानी।
16 अगस्त तक दिल्ली के हवाई क्षेत्र में उड़ानों पर प्रतिबंध।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए दिल्ली में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली पुलिस व केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ बेहतर तालमेल बनाते हुए केंद्रीय एजेंसियों ने पूरी दिल्ली को अपने हवाले ले लिया है।
दिल्ली में चप्पे-चप्पे पर पुलिस और सुरक्षा बलों की पैनी नजर है। किसी भी आतंकी घटना से निपटने के लिए दिल्ली पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां पूरी तरह तैयार है। जमीन से आसमान तक पुलिस व सुरक्षा बलों का कड़ा पहरा रहेगा।
शुक्रवार आधी रात से दिल्ली की सभी सीमाएं सील कर दी जाएगी। इस दौरान किसी भी वाणिज्यिक वाहन और भारी वाहनों को दिल्ली में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। केवल निजी वाहनों और आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को ही दिल्ली में प्रवेश करने दिया जाएगा।
इन सीमाओं पर बरती जाएगी विशेष चौकसी
दिल्ली पुलिस के अधिकारी के मुताबिक, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद से लगी सीमाओं पर विशेष चौकसी बरती जाएगी। इन स्थानों पर पुलिस और अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त तैनाती की जाएगी।
सीमाओं पर स्थापित नाकों पर हर वाहन की सघन चेकिंग होगी। लाल किले पर आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्र को संबोधित किया जाएगा, जिसमें विशेष अतिथि, गणमान्य नागरिक और हजारों की संख्या में लोग शामिल होंगे।
लाल किला के चारों तरफ तैनात होंगे 10 हजार से अधिक पुलिसकर्मी
ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों ने सभी प्रवेश मार्गों, सार्वजनिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
लाल किला के चारों तरफ 10 हजार से अधिक पुलिसकर्मी और तीन हजार ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात किए रहेंगे जिन्हें अंडर-व्हीकल सिस्टम, फेस रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) और स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (एएनपीआर) कैमरों सहित हाई-टेक सर्विलांस की मदद मिलेगी।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, भौतिक तैनाती के अलावा, सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन डिटेक्शन सिस्टम और चेहरे की पहचान तकनीक के जरिए आयोजन स्थल और उसके आसपास के इलाकों की निगरानी की जाएगी।
क्या है UVSS तकनीक जिससे होगी वाहनों की जांच?
लाल किले के पांच पार्किंग क्षेत्रों में विस्फोटकों, हथियारों या प्रतिबंधित वस्तुओं की जांच के लिए वाहनों के नीचे की तरफ़ से जांच करने के लिए अंडर-व्हीकल सर्विलांस सिस्टम (यूवीएसएस) तैनात किए जाएंगे।
यह तकनीक खतरों या विसंगतियों का पता लगाने के लिए कैमरों और स्कैनर का उपयोग करती है, जिससे संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा मजबूत होती है।
शनिवार को लाल किले में प्रवेश केवल निमंत्रण पत्रों के माध्यम से ही होगा और केवल चिन्हित वाहनों को ही इसके आसपास जाने की अनुमति होगी।
हेडकाउंट कैमरे भी लगे होंगे
भीड़ की संख्या पर नजर रखने के लिए हेडकाउंट कैमरे और लावारिस या संदिग्ध वस्तुओं को चिह्नित करने वाले उपकरण भी लगाए जाएंगे, जबकि घुसपैठ का पता लगाने वाले कैमरे प्रतिबंधित क्षेत्रों की निगरानी करेंगे।
विशेष आयुक्त कानून एवं व्यवस्था देवेश चंद्र श्रीवास्तव के मुताबिक, लाल किले के आस पास की सभी ऊंची इमारतों पर स्नाइपर तैनात किए जाएंगे, जबकि निर्दिष्ट प्रतिबंधित क्षेत्रों में आवाजाही को प्रवेश नियंत्रण तंत्र के माध्यम से सख्ती से नियंत्रित किया जाएगा।
16 अगस्त तक आसमान में इन चीजों के उड़ान पर प्रतिबंध
पुलिस आयुक्त ने 16 अगस्त तक के लिए दिल्ली में आसमान में पैराग्लाइडर, हैंग-ग्लाइडर, यूएवी, ड्रोन, हाट एयर बैलून और अन्य रिमोट से संचालित विमानों जैसे उप-पारंपरिक हवाई प्लेटफार्मों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है।
क्योंकि हवाई प्लेटफार्मों का असामाजिक तत्वों या आतंकवादी संगठनों द्वारा पैरा-जंपिंग या हवाई हमले करने के लिए दुरुपयोग किया जा सकता है, जिससे स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान सार्वजनिक सुरक्षा, वीआइपी सुरक्षा और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को गंभीर खतरा हो सकता है।

