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नंदलाला की किलकारियों से खिलखिलाएगा पूरा शहर, दिल्ली में जन्मोत्सव की तैयारियां तेज

Published: Wed, 02 Sep 2026 05:27 PM (IST)

दिल्ली में जन्माष्टमी की तैयारियां जोरों पर हैं, शहर कान्हा के जन्मोत्सव के लिए सज रहा है। बाजारों में लड्डू ...और पढ़ें

दिल्ली में जन्माष्टमी की तैयारियां जोरों पर।

दिल्ली में जन्माष्टमी की तैयारियां जोरों पर।

HighLights

  1. दिल्ली में जन्माष्टमी की तैयारियां जोरों पर, शहर सज रहा।

  2. बाजारों में लड्डू गोपाल की पोशाकों और झूलों की मांग।

  3. बिरला मंदिर में विशेष भजन-कीर्तन और नृत्य नाटिका।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की...मन हर्षित है। जन्माष्टमी में महज एक दिन रह गए हैं। शुक्रवार मध्य रात्रि कान्हा की किलकारियों से घर-मंदिर, कॉलोनियां गूंजेंगी तो गोविंदाओं की टोली मटकी फोड़े नंदगोपाल के नटखट की प्रस्तुति देगी। इस बीच, शोभायात्रा के माध्यम से आध्यात्मिकता व धार्मिक संदेश अभी से बांटे जाने लगे हैं।

हर ओर कान्हा जन्मोत्सव की तैयारियां जोरो पर हैं। मंदिरों में विशेष सजावट व आयोजन के साथ घरों में लड्डू गोपाल के स्वागत की तैयारियां तेज हो गई हैं। जिसका खास असर बाजारों पर दिखाई दे रहा है।

सदर बाजार व चांदनी चौक के किनारी बाजार में कृष्ण भक्ति के साथ खरीदारी का उत्साह है। कहीं रंग- बिरंगी पोशाकें सजी हैं तो कहीं मोती- मोर पंख से दमकते मुकुट और झूले ग्राहकों को अपनी ओर खींच रहे हैं।

छोटे से लेकर बड़े आकार तक के आकर्षक झूले मौजूद

इस बार लोगों में परंपरागत के साथ ही कुछ आकर्षक खरीदने की चाह दिख रही है। लोग लड्डू गोपाल के लिए हाथों से तैयार की गई मोती, सितारे और मोर पंख से जड़ी पोशाकें खास पसंद कर रहे हैं। इनके साथ कुंडल, माला, मुकुट, बांसुरी और मोर पंख की भी खूब मांग है। दुकानों पर छोटे से लेकर बड़े आकार तक के आकर्षक झूले मौजूद हैं। इनमें जड़े हुए झूले और बाल गोपाल को विराजमान किए हुए तैयार झूले सबसे ज्यादा पसंद किए जा रहे हैं।

जन्माष्टमी का उत्साह केवल घरों तक सीमित नहीं है। स्कूलों में होने वाले कार्यक्रमों के लिए भी बाजार में खरीदारी बढ़ गई है। अभिभावक बच्चों के लिए बाल गोपाल, माखन चोर और राधा-कृष्ण के परिधान खरीद रहे हैं। कई दुकानों पर पोशाक के साथ मुकुट, बांसुरी और आभूषण का पूरा सेट उपलब्ध है, जिससे अभिभावकों को अलग-अलग सामान तलाशने की जरूरत नहीं पड़ रही।

दुकानदारों के मुताबिक महंगाई से कपड़े और सजावटी सामान की लागत बढ़ी है। जिससे उत्पादों के दाम बढ़े हैं। बावजूद इसके कृष्ण भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं है। जन्माष्टमी से करीब एक महीने पहले शुरू हुई पोशाकों वह सामानों की बिक्री अब अंतिम दौर में है। उम्मीद है कि पर्व से पहले के दो दिन बाजार के लिए सबसे ज्यादा कारोबार वाले साबित होंगे।

बिरला मंदिर में भजन से लेकर नृत्य नाटिका

मंदिर मार्ग स्थित लक्ष्मी नारायण (बिरला) मंदिर में वृंदावन से रासलीला के कलाकारों के साथ दक्षिण भारत और पांच अन्य राज्यों से आए कलाकार भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। सुबह आठ बजे से ही विविध अनुष्ठान आरंभ हो जाएंगे। भक्तिमय भजन, इसके बाद दशावतार की प्रस्तुति के साथ ही शाम को सात बजे तक श्याम रंग नृत्य नाटिका की प्रस्तुति होगी। रात्रि साढ़े सात से 10 बजे तक कृष्ण लीला व रात्रि 12 बजे तक कृष्ण वंदे होगा और मध्य रात्रि के साथ ही महाआरती व भोग होगा।

जन्माष्टमी से करीब एक-डेढ़ माह पहले ही कान्हा की पोशाकें बनवाने का काम शुरू कर देता हूं। इस बार हाथ से तैयार मोती, सितारे और मोर पंख वाली पोशाकों की मांग सबसे ज्यादा है। महंगाई से लागत बढ़ी है, लेकिन ग्राहकों का उत्साह देखकर लगता है कि बिक्री अच्छी रहेगी। - श्याम अग्रवाल, दुकानदार, किनारी बाजार

इस बार ग्राहक सामान्य पोशाक के बजाय डिजाइनर और अलग तरह की पोशाक मांग रहे हैं। झूले, मुकुट, बांसुरी और आभूषण भी खूब बिक रहे हैं। शाम के समय बाजार में खरीदारों की भीड़ और बढ़ जाती है। - आलोक गुप्ता, संरक्षक, गोटा जरी व्यापार मंडल किनारी बाजार

स्कूलों के कार्यक्रमों की वजह से बच्चों के राधा- कृष्ण के पोशाकों में काफी मांग बढ़ी है। बाल गोपाल, माखन चोर और राधा-कृष्ण के परिधान लगातार बिक रहे हैं। अब जन्माष्टमी तक बाजार में बिक्री और तेज होने की उम्मीद है। - राजेंद्र शर्मा, महामंत्री, फेडरेशन ऑफ सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन (फेस्टा)

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