नए मेट्रो कॉरिडोर से बदलेगा दिल्ली का ट्रैवल मैप; एयरपोर्ट, सेंट्रल विस्टा और बाहरी दिल्ली तक सीधी कनेक्टिविटी
दिल्ली मेट्रो नेटवर्क का बड़ा विस्तार हो रहा है, जिससे दिल्ली और एनसीआर के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी। चौथे चरण में दो नए कॉरिडोर (मजेंटा और पिंक लाइन ...और पढ़ें

किस रंग की लाइन से किन इलाकों की कनेक्टिविटी होगी मजबूत। फोटो: जागरएा

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में मेट्रो नेटवर्क के बड़े विस्तार के साथ शहर और एनसीआर के बीच कनेक्टिविटी और मजबूत होने जा रही है। मेट्रो के चौथे चरण के तहत दो नए कॉरिडोर तैयार हो चुके हैं।
फेज-पांच (ए) में तीन नए कॉरिडोर का निर्माण शुरू किया जाएगा। इन परियोजनाओं के पूरा होने से बाहरी दिल्ली, पूर्वी दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और एयरपोर्ट तक यात्रा पहले से अधिक आसान हो जाएगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार इन मेट्रो परियोजनाओं की कुल लागत 18,300 करोड़ रुपये से अधिक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 मार्च को नए कॉरिडोर का उद्घाटन और आगामी परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। नीचे समझिए कि कौन सी मेट्रो लाइन से किन क्षेत्रों को सीधा फायदा मिलेगा।

मजेंटा लाइन: बाहरी दिल्ली से सेंट्रल दिल्ली तक कनेक्टिविटी
मेट्रो के चौथे चरण में जनकपुरी पश्चिम-आरके आश्रम मार्ग विस्तार परियोजना के तहत दीपाली चौक (पीतमपुरा) से मजलिस पार्क तक लगभग 9.92 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर तैयार हुआ है। इस कॉरिडोर पर कुल सात स्टेशन होंगे:
- दीपाली चौक
- मधुबन चौक
- उत्तरी पीतमपुरा-प्रशांत विहार
- हैदरपुर गांव
- हैदरपुर बादली मोड़
- भलस्वा
- मजलिस पार्क
मधुबन चौक, हैदरपुर बादली मोड़ और मजलिस पार्क इंटरचेंज स्टेशन होंगे। इस विस्तार के बाद मजेंटा लाइन की कुल लंबाई करीब 49 किलोमीटर हो जाएगी। इससे पीतमपुरा, प्रशांत विहार, भलस्वा और आसपास के इलाकों से सेंट्रल दिल्ली की यात्रा अधिक आसान हो जाएगी।
पिंक लाइन: दिल्ली की पहली रिंग मेट्रो
मजलिस पार्क से मौजपुर तक 12.31 किलोमीटर लंबा नया कॉरिडोर तैयार हो चुका है। इसके शुरू होने से पिंक लाइन देश की पहली रिंग मेट्रो लाइन बन जाएगी, जो दिल्ली के कई हिस्सों को सर्कुलर नेटवर्क से जोड़ेगी। इस कॉरिडोर के प्रमुख स्टेशन होंगे:
खबरें और भी
- मजलिस पार्क
- बुराड़ी
- झड़ौदा माजरा
- जगतपुर-वजीराबाद
- सूरघाट
- नानकसर-सोनिया विहार
- खजूरी खास
- भजनपुरा
- यमुना विहार
- मौजपुर-बाबरपुर
इसके शुरू होने से बाहरी दिल्ली, उत्तर-पूर्वी दिल्ली और पूर्वी दिल्ली के बीच यात्रा तेज होगी। साथ ही नोएडा और गाजियाबाद से आने वाले यात्रियों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।

गोल्डन लाइन: एयरपोर्ट और दक्षिण-पूर्वी दिल्ली को फायदा
फेज-पांच (ए) में गोल्डन लाइन पर दो नए कॉरिडोर बनाए जाएंगे।
एरोसिटी-आईजीआई एयरपोर्ट टर्मिनल-1 कॉरिडोर
- लंबाई: 2.26 किमी
- स्टेशन: एरोसिटी, एयरपोर्ट टर्मिनल-1
इससे एयरपोर्ट के तीनों टर्मिनल मेट्रो नेटवर्क से बेहतर तरीके से जुड़ जाएंगे और यात्रियों को टर्मिनल बदलना आसान होगा।
तुगलकाबाद-कालिंदी कुंज कॉरिडोर
- लंबाई: 3.9 किमी
- स्टेशन: सरिता विहार डिपो, मदनपुर खादर, कालिंदी कुंज
इससे दक्षिण और दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के साथ नोएडा और फरीदाबाद के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
सेंट्रल विस्टा क्षेत्र को जोड़ेगा नया कॉरिडोर
मजेंटा लाइन पर बनने वाला आरके आश्रम मार्ग-इंद्रप्रस्थ कॉरिडोर लगभग 9.9 किलोमीटर लंबा होगा। इस पर नौ स्टेशन होंगे:
- आरके आश्रम मार्ग
- शिवाजी स्टेडियम
- केंद्रीय सचिवालय
- कर्तव्य भवन
- बड़ौदा हाउस
- इंडिया गेट
- वार मेमोरियल-हाई कोर्ट
- भारत मंडपम
- इंद्रप्रस्थ
यह कॉरिडोर सेंट्रल विस्टा क्षेत्र से गुजरते हुए कई सरकारी कार्यालयों और प्रमुख संस्थानों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ेगा।
एनसीआर के यात्रियों को भी मिलेगा फायदा
फरीदाबाद और बल्लभगढ़ के यात्री वायलेट लाइन से तुगलकाबाद पहुंचकर गोल्डन लाइन से सीधे एयरपोर्ट टर्मिनल-1 तक जा सकेंगे। नोएडा के यात्री मजेंटा लाइन से कालिंदी कुंज पहुंचकर गोल्डन लाइन के माध्यम से एयरपोर्ट और दक्षिणी दिल्ली के कई इलाकों तक आसानी से यात्रा कर सकेंगे।