दिल्ली NCR की हवा में हुआ सुधार: ग्रेप-3 की पाबंदियां हटी, निर्माण कार्य-ट्रक-ईंट भट्टे फिर से चालू
दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के बाद ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) के तीसरे चरण के सभी प्रतिबंध हटा दिए गए हैं। वायु गुणवत्ता प्रबं ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर
HighLights
ग्रेप-3 के सभी प्रतिबंध दिल्ली-एनसीआर से हटाए गए।
बीएस-3 पेट्रोल, बीएस-4 डीजल वाहनों पर रोक समाप्त।
निर्माण कार्य, ईंट भट्टे, गैर-जरूरी ट्रक फिर से चालू।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली समेत एनसीआर की वायु गुणवत्ता में सुधार के बाद ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) के तीसरे चरण के सभी प्रतिबंध तुरंत प्रभाव से समाप्त कर दिए गए हैं। यह फैसला वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने प्रदूषण स्तर में गिरावट और मौसम में सुधार के आधार पर लिया है। इसके तहत बीएस तीन पेट्रोल और बीएस चार डीजल वाहनों पर लगी रोक भी हटा दी गई है, जिससे पर्यावरण सुधार के बावजूद शहर में आवागमन के लिए सुविधा बढ़ी है। मालूम हो कि ग्रेप तीन के प्रतिबंध 16 जनवरी को लगाए गए थे।
सीएक्यूएम के एक अधिकारी ने बताया, “दिल्ली का एक्यूआइ, जो बुधवार को 330 यानी ''बहुत खराब'' श्रेणी में दर्ज किया गया था, उसमें और सुधार हुआ है। गुरुवार शाम चार बजे यह 322 यानी कि ''बहुत खराब'' श्रेणी में दर्ज किया गया, जो एक सकारात्मक रुझान दर्शाता है। वायु गुणवत्ता के मौजूदा रुझान को देखते हुए ही ग्रेप उप-समिति ने पूरे एनसीआर में ग्रेप तीन के सभी प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से हटाने का निर्णय लिया है।”
अधिकारी ने आगे कहा, “हालांकि एनसीआर में ग्रेप एक और दो के सभी प्रतिबंध पूर्ववत्त लागू रहेंगे।” मौसम विभाग और आइआइटीएम पुणे के पूर्वानुमान अनुसार, आने वाले दिनों में दिल्ली समेत एनसीआर में मौसम अनुकूल रहेगा और वायु गुणवत्ता ''खराब'' से ''बहुत खराब'' श्रेणी के निचले स्तर पर बने रहने की उम्मीद है।
ग्रेप के तीसरे चरण के तहत बंद किए गए निजी निर्माण कार्यों, गैर-जरूरी डीजल ट्रकों, ईंट भट्टों और हाट मिक्स प्लांटों को फिर से काम करने की अनुमति मिली है। अंतर-राज्यीय डीजल बसें जो सीएनजी, इलेक्ट्रिक या बीएस छह मानकों को पूरा नहीं करती हैं, उन्हें भी अब दिल्ली में प्रवेश करने से नहीं रोका जाएगा।
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हालांकि, आयोग ने स्पष्ट किया कि निर्माण और विध्वंस परियोजना स्थलों, जिन्हें वैधानिक निर्देशों, नियमों या दिशानिर्देशों के उल्लंघन या अनुपालन नहीं करने के कारण विशेष रूप से बंद करने के आदेश जारी किए गए थे, उन्हें आयोग के स्पष्ट आदेश के बिना किसी भी परिस्थिति में संचालन फिर से शुरू करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
सरकारी आदेश के अनुसार, पूर्व में लागू शिक्षा व्यवस्था में भी बदलाव होगा, जहां कक्षा पांच तक के विद्यार्थियों के लिए आनलाइन शिक्षा को विकल्प के रूप में रखा गया था।
यहां का एक्यूआइ रहा सबसे खराब
- आनंद विहार- 385
- रोहिणी- 359
- आइटीओ - 300
- आइजीआइ एयरपोर्ट- 298