दिल्ली दंगा आरोपी ताहिर हुसैन को कोर्ट से राहत, जेल में इस्तेमाल कर सकेगा इलेक्ट्रिक केतली और तख्त
दिल्ली दंगा मामले के आरोपी पूर्व आप पार्षद ताहिर हुसैन को कड़कड़डूमा अदालत ने जेल में इलेक्ट्रिक केतली और लकड़ी का तख्त इस्तेमाल करने की अनुमति दी है।

HighLights
ताहिर हुसैन को जेल में इलेक्ट्रिक केतली उपयोग की अनुमति मिली।
कड़कड़डूमा अदालत ने मेडिकल आधार पर यह फैसला सुनाया।
लकड़ी का तख्त भी इस्तेमाल करने की इजाजत दी गई।
जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े बड़ी साजिश के मामले में आरोपी पूर्व आप पार्षद ताहिर हुसैन को कड़कड़डूमा अदालत ने जेल में इलेक्ट्रिक केतली और लकड़ी का तख्त इस्तेमाल करने की अनुमति दी है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर वाजपेयी ने ताहिर हुसैन की ओर से दाखिल आवेदन पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि दोनों वस्तुओं का इस्तेमाल जेल नियमों के अनुसार ही किया जाएगा।
ताहिर हुसैन की ओर से अदालत में कहा गया कि वह विभिन्न बीमारियों से पीड़ित है और उसे नियमित रूप से गर्म पानी की जरूरत होती है। इसके लिए जेल में इलेक्ट्रिक केतली की आवश्यकता है।
'पांच वर्षों से कर रहा इस्तेमाल, आगे भी दें इजाजत'
साथ ही उसने लकड़ी का तख्त इस्तेमाल करने की अनुमति भी मांगी। बचाव पक्ष ने कहा कि विशेषज्ञ चिकित्सकों और जेल अधिकारियों की सिफारिश पर उसे पहले भी इन दोनों वस्तुओं के इस्तेमाल की अनुमति मिलती रही है।
ताहिर हुसैन ने दावा किया कि वह पिछले पांच वर्षों से इलेक्ट्रिक केतली और लकड़ी के तख्त का इस्तेमाल कर रहा है और आगे भी इसे जारी रखने की अनुमति चाहता है।
अदालत ने ताहिर हुसैन की ओर से पेश किए गए चिकित्सकीय दस्तावेजों का अवलोकन किया। इनमें इलेक्ट्रिक केतली और लकड़ी के तख्त के इस्तेमाल की अनुमति का उल्लेख था। अदालत ने मेडिकल दस्तावेजों और उसके आवेदन को देखते हुए याचिका स्वीकार कर ली।
जेल नियमों के अनुसार कर सकते हैं इस्तेमाल
न्यायाधीश ने आदेश दिया कि ताहिर हुसैन जेल नियमों के अनुसार इलेक्ट्रिक केतली और लकड़ी के तख्त का इस्तेमाल कर सकता है। संबंधित जेल के अधीक्षक को आदेश का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
यह मामला 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े बड़ी साजिश के मामले का है। मामले की जांच स्पेशल सेल ने की थी। ताहिर हुसैन के खिलाफ यूएपीए समेत भारतीय दंड संहिता और अन्य कानूनों के तहत आरोप दर्ज हैं।
मामले की सुनवाई के दौरान ताहिर हुसैन को न्यायिक हिरासत से अदालत में पेश किया गया था। राज्य की ओर से विशेष लोक अभियोजक मधुकर पांडेय और अनिरुद्ध मिश्रा समेत अधिवक्ता मौजूद थे, जबकि ताहिर हुसैन की ओर से अधिवक्ता सुनीधि गुप्ता पेश हुईं।
