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भजनपुरा हिंसा के 5 दोषियों की सजा पर फैसला आज, कड़कड़डूमा कोर्ट में सुनवाई; दिल्ली पुलिस पर किया था हमला

Published: Mon, 21 Sep 2026 12:11 PM (IST)

दिल्ली दंगों के दौरान भजनपुरा पेट्रोल पंप हिंसा मामले में दोषी ठहराए गए पांच आरोपियों की सजा पर कड़कड़डूमा अदालत ...और पढ़ें

आज होगी मामले में सुनवाई। फोटो: आर्काइव

आज होगी मामले में सुनवाई। फोटो: आर्काइव

HighLights

  1. भजनपुरा पेट्रोल पंप हिंसा मामले में पांच दोषी ठहराए गए

  2. आज कड़कड़डूमा अदालत में सजा की अवधि पर सुनवाई

  3. दोषी दंगा, गैर-कानूनी भीड़, पुलिस पर हमले के लिए

जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। दिल्ली दंगों के दौरान भजनपुरा स्थित पेट्रोल पंप के पास हुई हिंसा के मामले में दोषी ठहराए गए पांच आरोपितों की सजा की अवधि पर कड़कड़डूमा अदालत में सोमवार को सुनवाई होगी।

अदालत की ओर से आज ही सजा का ऐलान किए जाने की भी संभावना है। इस मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह की अदालत ने आरिफ, मोहम्मद खालिद, अब्दुल सत्तार, तनवीर अली और हुनैन को दंगा करने, गैर-कानूनी भीड़ का हिस्सा बनने, सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिस पर हमला करने का दोषी ठहराया था।

24 फरवरी 2020 को हुई थी हिंसा

मामला 24 फरवरी 2020 को भजनपुरा पेट्रोल पंप के पास हुई हिंसा से जुड़ा है। अभियोजन के अनुसार, बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुटे थे और पुलिसकर्मियों पर पथराव करने के साथ पेट्रोल पंप में तोड़फोड़ और आगजनी की गई थी।

मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से 26 गवाह पेश किए गए थे। अदालत ने कुछ पुलिसकर्मियों के बयानों और मौके के वीडियो व तस्वीरों के आधार पर पांचों की भीड़ में सक्रिय मौजूदगी को स्वीकार किया था।

महत्वपूर्ण साक्ष्य रिकॉर्ड पर नहीं लाए गए

हालांकि अदालत ने पेट्रोल पंप में आग लगाने, वाहनों को जलाने, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, घातक हथियारों से लैस होने और आम नागरिकों को गंभीर चोट पहुंचाने के आरोपों को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में साबित नहीं माना।

आगजनी के मामले में अदालत ने पुलिस जांच पर भी गंभीर सवाल उठाए थे। अदालत ने कहा था कि पेट्रोल पंप जैसे ज्वलनशील स्थान पर आग लगने की स्थिति में दमकल की कार्रवाई से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य रिकॉर्ड पर नहीं लाए गए। जली हुई गाड़ियों के संबंध में भी जांच को पर्याप्त नहीं माना गया था।

अब दोषी ठहराए गए पांचों की सजा की अवधि को लेकर अदालत में सुनवाई होगी। अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अदालत सजा पर आदेश सुना सकती है।

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