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दिल्ली में अब अधिक झुग्गी बस्तियों को मिलेगा पुनर्वास योजना का लाभ, विधानसभा में विधेयक पेश

Published: Mon, 10 Aug 2026 10:18 PM (IST)

विधानसभा में 'दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (संशोधन) विधेयक, 2026' पेश किया गया है ताकि अधिक झुग्गी बस्तियों को पुनर्वास ...और पढ़ें

विधानसभा में 'दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (संशोधन) विधेयक, 2026' पेश।

विधानसभा में 'दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (संशोधन) विधेयक, 2026' पेश।

HighLights

  1. विधेयक से अधिक झुग्गी बस्तियों को मिलेगा पुनर्वास का लाभ।

  2. पुनर्वास पात्रता तिथि 1 जनवरी, 2006 से बढ़कर 2025 होगी।

  3. निजी क्षेत्र और स्लम सहकारी समितियां भी होंगी शामिल।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। झुग्गी बस्तियों के पुनर्वास योजनाओं का अधिक लोगों को लाभ मिल सके इसके लिए विधानसभा में ''दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया गया। वर्तमान कानून के अनुसार पुनर्ववास योजनाओं का लाभ 1 जनवरी, 2006 तक की झुग्गी बस्तियों में रहने वालों को मिलता है। विधानसभा में शहरी विकास मंत्री आशीष सूद द्वारा पेश किए गए विधेयक में इसकी तिथि 1 जनवरी, 2025 करने का प्रस्ताव है।

राजधानी को झुग्गीमुक्त करने के लिए केंद्र सरकार के साथ मिलकर दिल्ली सरकार काम कर रही है। लेकिन, 1 जनवरी, 2006 के बाद अस्तित्व में आई झुग्गी बस्तियों को पुनर्वास योजना में शामिल नहीं किया जा सकता था। इसे ध्यान में रहकर कानून में बदलाव किया जा रहा है।

निजी क्षेत्र या स्लम सहकारी समितियों की भागीदारी को भी अनुमति

पुनर्विकास परियोजनाओं में निजी क्षेत्र या स्लम सहकारी समितियों की भागीदारी को भी अनुमति मिलेगी। इस विधेयक के अंतर्गत डूसिब झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों को हटाने और उनके निवासियों के पुनर्वास के लिए योजनाएं तैयार कर सकता है। पुनर्विकास के लिए नए घरों की लागत के लिए दिल्ली सरकार और डूसिब के धन के अलावा, भूमि मालिकों और झुग्गीवासियों के योगदान की भी आवश्यकता होगी।

डूसिब को झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों में शौचालय, स्नान सुविधाएं, जल निकासी, जल आपूर्ति और पक्की गलियों सहित अन्य सुविधाओं में सुधार करना होगा। डूसिब भूमि मालिक की सहमति से पुनर्वास, विस्थापन या इन-सीटू उन्नयन यानी बस्ती का उसके वर्तमान स्थान पर ही सुधार करने की योजनाएं भी तैयार कर सकता है।

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