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दिल्ली SIR में आडवाणी, पूर्व सेनाध्यक्ष और बांसुरी स्वराज को भी नोटिस, वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों पर EC की कार्रवाई

Published: Sun, 20 Sep 2026 07:57 PM (IST)Updated: Mon, 21 Sep 2026 09:05 AM (IST)

दिल्ली में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची में खामियां सामने आई हैं, जिसके चलते पूर्व ...और पढ़ें

दिल्ली एसआईआर में कई दग्गजों को नोटिस। फाइल फोटो

दिल्ली एसआईआर में कई दग्गजों को नोटिस। फाइल फोटो

HighLights

  1. दिल्ली में मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान कई खामियां मिलीं

  2. पूर्व सीजेआई, उपराष्ट्रपति, आडवाणी जैसे प्रमुख लोगों को नोटिस

  3. दिवंगत बिबेक देबराय का नाम भी मतदाता सूची में मिला

संजीव गुप्ता, नई दिल्ली। दिल्ली में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाता सूची में सामने आ रही खामियों के चलते कई नामचीन हस्तियों के नाम भी जांच के दायरे में आए हैं।

पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, सांसद बांसुरी स्वराज, पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता समेत कई प्रमुख मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं या नोटिस के लिए चिह्नित किया गया है।

इनमें अधिकतर मामले पिछली SIR की मतदाता सूची से मैपिंग नहीं होने या नाम और अन्य विवरणों में तार्किक विसंगतियों के बताए गए हैं। सबसे चौंकाने वाला मामला दिवंगत अर्थशास्त्री और पद्म पुरस्कार से सम्मानित बिबेक देबराय का सामने आया है। वर्ष 2024 में निधन के बावजूद उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज मिला और उन्हें भी नोटिस जारी कर दिया गया।

नो-मैपिंग पर कई दिग्गजों को नोटिस

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी सूची के अनुसार करीब 33.13 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाने हैं। इनमें 31.63 लाख से अधिक मतदाताओं को नोटिस जारी किए जा चुके हैं।

चुनाव आयोग के सॉफ्टवेयर से सामने आई 11 तरह की 'लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी' और पिछली SIR सूची से 'नो-मैपिंग' के आधार पर ये नोटिस दिए जा रहे हैं।

नो-मैपिंग या अनमैप्ड श्रेणी में पूर्व राज्यसभा सदस्य सुब्रमण्यम स्वामी, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और उनकी पत्नी सुदेश धनखड़, पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, उनकी पुत्री प्रतिभा और बहू गीतिका आडवाणी, पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और उनकी पत्नी कल्पना दास, सांसद बांसुरी स्वराज, विधायक कैलाश गहलोत तथा पूर्व विदेश सचिव विक्रम मिसरी के नाम शामिल हैं।

नाम और उम्र में भी मिली विसंगतियां

निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू को गणना प्रपत्र और मतदाता सूची में नाम के अंतर के कारण नोटिस के लिए चिह्नित किया गया है। रिकॉर्ड में नाम 'डॉ. एसएस संधू' और 'सुखबीर सिंह संधू' दर्ज होने का अंतर सामने आया है।

पूर्व मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई की पत्नी तेजस्विनी भूषण गवई को 'सेल्फ नेम मिसमैच' पर नोटिस दिया गया है। पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, उनकी पत्नी सीमा और बेटे मीर के नाम भी नोटिस सूची में हैं। सिसोदिया को रिकॉर्ड मैपिंग न होने, जबकि परिवार के सदस्यों को नाम में अंतर के कारण नोटिस दिया गया है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को उम्र में विसंगति और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को 'अनमैप्ड वोटर' श्रेणी में नोटिस मिला है

कई वीआईपी नाम सूची में शामिल

इनके अलावा दिल्ली के कैबिनेट मंत्री प्रवेश वर्मा, राज्यसभा सदस्य अजय माकन, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा, पूर्व उपराज्यपाल नजीब जंग, पूर्व थल सेनाध्यक्ष उपेंद्र द्विवेदी, सीबीआई निदेशक प्रवीण सूद, सेबी अध्यक्ष तुहिन कांत पांडे, नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष अरविंद पनगड़िया और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल का नाम भी सूची में सामने आया है।

निधन के बाद भी दर्ज मिला नाम

प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के पूर्व चेयरमैन बिबेक देबराय का वर्ष 2024 में निधन हो चुका है। इसके बावजूद दिल्ली कैंट विधानसभा क्षेत्र के पोलिंग पार्ट-73 में उनका नाम 70 साल के मतदाता के रूप में दर्ज मिला। मैपिंग न होने के आधार पर उन्हें नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों के अनुसार अंतिम सूची प्रकाशित होने से पहले ऐसे नामों को हटा दिया जाएगा।

अंतिम सूची से पहले होगा सत्यापन

वरिष्ठ चुनाव अधिकारियों के मुताबिक नोटिस एन्यूमरेशन फॉर्म और डेटा मिलान में सामने आई विसंगतियों के आधार पर जारी किए गए हैं। नोटिस का अर्थ नाम काटना नहीं है। दस्तावेजों के सत्यापन और सही जानकारी मिलने के बाद पात्र मतदाताओं के नाम 04 नवंबर 2026 को प्रकाशित होने वाली अंतिम मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे।

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