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    दिल्ली में एसआईआर से पहले मतदाता सूची दुरुस्त करने की तैयारी, पुनरीक्षण शुरू

    Updated: Mon, 05 Jan 2026 06:59 AM (IST)

    दिल्ली प्रशासन विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से पहले मतदाता सूची को शुद्ध करने के लिए अभियान चला रहा है। बूथ लेवल अधिकारी घर-घर जाकर सत्यापन कर रहे हैं ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. यूपी में एसआईआर पर हुए राजनीतिक विवाद के बाद सतर्कता बरत रहा दिल्ली प्रशासन

    2. एमसीडी के मृत्यु प्रमाण पत्र के डाटा की मदद से सूची से हटाए जा रहे मृतकों के नाम

    सौरभ पांडेय, पूर्वी दिल्ली। तीसरे चरण के अंतर्गत राजधानी दिल्ली में प्रस्तावित विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से पहले मतदाता सूची को अधिक शुद्ध बनाने के उद्देश्य से प्रशासन ने पुनरीक्षण अभियान शुरू कर दिया है।

    चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत दिल्ली के विभिन्न इलाकों में बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह प्रक्रिया आंतरिक स्तर पर संचालित की जा रही है। बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश में एसआईआर को लेकर उत्पन्न हुए राजनीतिक विवाद को देखते हुए दिल्ली प्रशासन यह सतर्कता बरत रहा है।

    दूसरे चरण में 12 अन्य राज्यों में SIR की प्रक्रिया जारी

    देश में पहले चरण में बिहार में एसआईआर किया गया था। दूसरे चरण में 12 अन्य राज्यों में एसआईआर की प्रक्रिया जारी है। तीसरे चरण में दिल्ली में एसआईआर प्रस्तावित है। अधिकारियों के अनुसार पिछली बार दिल्ली में जब एसआईआर हुआ था उसे बीस वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है। इतने लंबे अंतराल के कारण मतदाता सूची को अपडेट करना आवश्यक हो गया है।

    इस प्रक्रिया के तहत मृतकों के नाम तो काटे ही जा रहे हैं, उन पात्र नागरिकों को भी सूची में शामिल किया जा रहा है, जो अब तक पंजीकरण नहीं करा सके हैं । इनमें वे भी हैं जो कुछ वर्ष पहले स्थाई रूप से अन्य राज्यों अथवा क्षेत्रों से आकर यहां निवास करने लगे हैं। बूथ लेवल अधिकारी मौके पर ही नागरिकों को पंजीकरण प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी दे रहे हैं।

    एमसीडी के अभिलेखों से की जा रही मृत मतदाताओं की पहचान

    अधिकारियों के अनुसार बीते 20 साल में ऐसे लाखों मतदाता होंगे जिनका निधन हो चुका है लेकिन इनका नाम अभी भी मतदाता सूची में दर्ज है। ऐसे नामों की संख्या लाखों में है, ऐसे में एसआईआर के दौरान ये नाम कटते हैं तो आंकड़ा बड़ा होगा और इससे फिर उत्तर प्रदेश जैसा राजनीतिक विवाद पैदा हो सकता है।

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    ऐसे में एसआईआर से पहले ही ये अभियान शुरु हुआ है। इसके अंतर्गत प्रशासन दिल्ली नगर निगम से प्राप्त मृत्यु से संबंधित आधिकारिक अभिलेखों का उपयोग कर रहा है। इन अभिलेखों के आधार पर मृतकों के नाम मतदाता सूची से काटे जा रहे हैं।

    इसके बाद बूथ लेवल अधिकारी संबंधित पते पर जाकर भौतिक सत्यापन कर रहे हैं। साथ ही मृतक के स्वजन से फोन पर संपर्क कर तथ्यात्मक पुष्टि भी की जा रही है। पूरी पुष्टि के बाद ही मतदाता सूची से नाम हटाने की कार्रवाई की जा रही है।

    पुनरीक्षण प्रक्रिया के तहत जांच जारी है। फिलहाल स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के औपचारिक आदेश नहीं आए हैं, लेकिन प्रशासन अपनी ओर से मतदाता सूची को बेहतर बनाने के लिए स्क्रूटनी कर रहा है। हमारा मानना है कि इस पूर्व तैयारी से भविष्य में एसआईआर प्रक्रिया अधिक सुचारू, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से पूरी की जा सकेगी तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता का भरोसा और मजबूत होगा।


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    अमोल श्रीवास्तव, जिलाधिकारी, पूर्वी दिल्ली