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बाड़े में सड़ती रही 'रॉकी' की लाश, बदबू फैली तो खुली नींद; इस लापरवाही से दिल्ली चिड़ियाघर पर उठे सवाल

Updated: Thu, 13 Aug 2026 11:34 PM (IST)

दिल्ली चिड़ियाघर में नर हॉग डियर 'राकी' का शव कई दिनों तक बाड़े में पड़ा रहा और सड़ने के बाद मिला, जिससे चिड़ियाघर की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

लापरवाही से सवालों में दिल्ली चिड़ियाघर। फोटो: आर्काइव

लापरवाही से सवालों में दिल्ली चिड़ियाघर। फोटो: आर्काइव

HighLights

  1. हॉग डियर राकी का शव कई दिनों तक बाड़े में पड़ा रहा

  2. गर्दन वायर मेश में फंसी मिली, निगरानी पर सवाल

  3. निदेशक ने जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली चिड़ियाघर में वन्यजीवों की सुरक्षा और बाड़ों की निगरानी व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। एक बाड़े में नर हाग डियर (हिरण) रॉकी का शव कई दिनों तक पड़ा रहा।

सड़ी-गली अवस्था में होने की वजह से शव से तेज दुर्गंध आ रही थी। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक रॉकी की गर्दन बाड़े में लगी लोहे की वायर मेश में फंसी हुई मिली। हालांकि, मौत की असल वजह विस्तृत जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

गर्दन वायर में फंसी मिली, पता ही नहीं चला

घटना ने बाड़ों की नियमित पेट्रोलिंग और वन्यजीवों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रॉकी की मौत के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर बाड़े की नियमित निगरानी हो रही थी तो उसका शव कई दिनों तक वहां कैसे पड़ा रहा।

कर्मचारी ने वरिष्ठ अधिकारियों को लिखा पत्र

सूत्रों के मुताबिक, इस घटनाक्रम में एक कर्मचारी ने सवाल उठाते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखा है। उसने आरोप लगाया है कि उसकी अनुपस्थिति के दौरान बाड़े की नियमित जांच नहीं की गई। कर्मचारी ने ड्यूटी रोस्टर, बीट रजिस्टर और सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने की मांग की है।

पहले भी निगरानी व्यवस्था पर उठ चुके हैं सवाल

कुछ समय पूर्व एक सियार के बाड़े से निकलकर भालू की मांद में पहुंचने की घटना सामने आई थी। उसे निकालने के दौरान मिर्च पाउडर और आग के धुएं के इस्तेमाल की बात सामने आई थी, जिसके बाद सियार की मौत हो गई थी।

वर्ष 2014 में सफेद बाघ के बाड़े में गिरे युवक पर बाघ के हमले की घटना ने भी सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। अब रॉकी की मौत ने एक बार फिर चिड़ियाघर की निगरानी व्यवस्था को कठघरे में ला दिया है। चिड़ियाघर के निदेशक संजीत कुमार ने जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

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