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    रोजाना निकलने वाला कचरा अब नहीं बनेगा पहाड़, DDA की मदद से MCD लगाएगी नया वेस्ट प्रोसेसिंग और बायो CNG प्लांट

    Updated: Tue, 12 May 2026 10:51 PM (GMT+05:30)

    राजधानी दिल्ली में कूड़े के पहाड़ों को खत्म करने के लिए डीडीए ने पूर्वी दिल्ली में 10 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई है। ...और पढ़ें

    राजधानी दिल्ली में कूड़े के पहाड़ों को खत्म करने के लिए डीडीए ने पूर्वी दिल्ली में 10 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई है। इमेज एआई

    राजधानी दिल्ली में कूड़े के पहाड़ों को खत्म करने के लिए डीडीए ने पूर्वी दिल्ली में 10 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई है। इमेज एआई

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली उत्पन्न होने वाले नया कचरा कूड़े के पहाड़ों को खत्म करने में बाधा बन रहा है। ऐसे में नए कचरे को लैंडफिल के सिवाय दूसरे स्थानों पर ले जाकर इन कूड़े के पहाड़ों को खत्म करने की योजना में डीडीए मदद की है। डीडीए ने एमसीडी को पूर्वी दिल्ली में 10 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई है।

    गाजीपुर लैंडफिल साइट के पास मिली इस जमीन पर पांचवा नए कचरे के प्रोसेस करने का प्लांट बनाएगा। पांच एकड़ भूमि पर यह संयंत्र बनेगा जबकि पांच एकड़ भूमि पर बायो सीएनजी प्लांट बनाया जाएगा।

    अक्टूबर तक दिल्ली में यह पांचवा प्लांट चालू होने की संभावना है। उल्लेखनीय नरेला बवाना, भलस्वा, ओखला और सिंघोला में संयंत्र बनाने के लिए एमसीडी पहले ही काम कर रही है। अब पांचवे पर काम शुरू होगा।

    एमसीडी के अधिकारियों के अनुसार प्रतिदिन 12500 मीट्रिक टन कूड़ा उत्पन्न होता है। इसमें 7642 मीट्रिक टन कचरा ही खाद बनाकर और वेस्ट टू एनर्जी प्लांट के माध्यम से निस्तारित हो पाता है। शेष 4858 कचरा लैंडफिल साइटों पर जाता है। एमसीडी की योजना है कि इस कचरे को लैंडफिल पर ले जाकर नए कचरे का प्रतिदिन ही प्रोसेस किया जाए।

    इसमें गीला कचरा खाद बनाने के लिए अलग कर लिया जाए जबकि सूखे कचरे को रिसाइकिल करने के लिए भेज दिया जाए। इसलिए एमसीडी ने चार संयंत्र बनाने की योजना पहले ही काम करना शुरू कर दिया था। जबकि पांचवे की योजना की तैयारी कर रखी थी। अब चूंकि जमीन मिल गई है तो पांचवा संयंत्र बनाने की टेंडर प्रक्रिया पूरी कर कार्यादेश जल्द जारी किए जाएंगे। अक्टूबर 2026 तक इन संयंत्रों के चालू होने की संभावना है।

    अधिकारी ने आगे बताया कि ऐसे और संयंत्र बनाने के लिए हमने डीडीए से हर जोन में करीब तीन -तीन एकड़ भूमि और मांगी है। ताकि कूड़े को डलाव घरों या एसीटीएस पर न ले जाकर इन प्रोसेसिंग यूनिट पर प्रोसेस किया जाए। दिल्ली में नए कचरा निस्तारण संयंत्र

    कहाँ बनेंगे नए कचरे के निस्तारण के संयंत्र

    स्थान प्रस्तावित क्षमता
    (मीट्रिक टन/दिन)
    जमीन विशेषता
    गाजीपुर इंटीग्रेटेड फ्रेट कांप्लेक्स के पास 800 10 एकड़ पांच एकड़ में नए कचरे का निस्तारण और पांच एकड़ में बायोगैस प्लांट
    भलस्वा लैंडफिल 1800 12 एकड़ खाली की गई जमीन पर नया संयंत्र
    सिंघोला गाद निस्तारण साइट 700 6.6 एकड़ नए कचरे के निस्तारण पर नया संयंत्र
    ओखला लैंडफिल 1400 10 एकड़ खाली हुई भूमि पर नया संयंत्र
    नरेला-बवाना लैंडफिल साइट 1200 10 एकड़ वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजना के लिए आवंटित भूमि

    नोट: भूमि का माप एकड़ में है जबकि प्रस्तावित क्षमता की मात्रा मीट्रिक टन प्रति दिन में है।

     

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