दिल्ली में महिलाओं और ट्रांसजेंडरों को मिलेंगे 1,300 ई-ऑटो परमिट; शुरू होगी 13 जिलों में 'दुर्गा' योजना
दिल्ली सरकार सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं और ट्रांसजेंडरों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 'दुर्गा' योजना शुरू करेगी। इसके तहत 13 ...और पढ़ें

जधानी के 13 जिलों में महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को कुल 1,300 इलेक्ट्रिक ऑटो (ई-ऑटो) परमिट दिए जाएंगे। एआई इमेज
HighLights
दिल्ली में 'दुर्गा' योजना से 1300 ई-ऑटो परमिट मिलेंगे।
महिलाओं को 90%, ट्रांसजेंडरों को 10% परमिट आरक्षित।
लाभार्थियों को 50,000 रुपये प्रोत्साहन, ऑनलाइन कैब से जुड़ाव।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार ‘दुर्गा’ (Driving Upliftment and Rozgar for Women/Transgender Green e-Auto) योजना शुरू करने जा रही है।
इस पहल के तहत राजधानी के 13 जिलों में महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को कुल 1,300 इलेक्ट्रिक ऑटो (ई-ऑटो) परमिट दिए जाएंगे। हर जिले के लिए 100 परमिट निर्धारित किए गए हैं। योजना से संबंधित प्रस्ताव जल्द ही कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
90 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित
कुल 1,300 ई-ऑटो परमिटों में से 90 प्रतिशत महिलाओं के लिए और शेष 10 प्रतिशत ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए आरक्षित रहेंगे। चयनित लाभार्थियों को वाहन खरीदने के लिए लेटर ऑफ इंटेंट जारी किए जाएंगे। ऑनलाइन आवेदन के लिए एक समर्पित पोर्टल विकसित किया जा रहा है, और आवेदकों की संख्या अधिक होने पर आवंटन लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा।
पात्रता और आवेदन के नियम
- योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक की आयु 20 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- वार्षिक पारिवारिक आय 5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- आवेदक के पास पहले से कोई तीन-पहिया वाहन पंजीकृत नहीं होना चाहिए।
- एक परिवार से केवल एक ही व्यक्ति पात्र होगा।
- विवाहित महिलाओं के मामले में उनके बच्चों की उम्र 18 वर्ष से कम होना अनिवार्य है।
वित्तीय सहायता और विशेष पहचान
- दिल्ली ईवी नीति के तहत ई-ऑटो खरीदने पर लाभार्थियों को पहले वर्ष 50,000 रुपये का प्रोत्साहन (इंसेंटिव) दिया जाएगा।
- पंजीकरण शुल्क और रोड टैक्स में 100 प्रतिशत की छूट मिलेगी।
- चालकों को नियमित सवारी उपलब्ध कराने के लिए उन्हें ऑनलाइन कैब-एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म्स से जोड़ा जाएगा।
- ड्राइवरों की सुरक्षा और पहचान के लिए उन्हें विशेष ‘दुर्गा’ जैकेट, कैप और पहचान पत्र दिए जाएंगे।
प्रमुख स्टेशनों पर मिलेगी चार्जिंग और पार्किंग सुविधा
ये ई-ऑटो मुख्य रूप से दिल्ली मेट्रो और आरआरटीएस स्टेशनों जैसे अधिक आवाजाही वाले क्षेत्रों में संचालित किए जाएंगे। यात्रियों की सुविधा के लिए ऑटो पर हेल्पलाइन नंबर अंकित रहेंगे। इसके अलावा, मेट्रो और आरआरटीएस स्टेशनों के समीप ई-ऑटो चालकों के लिए निर्धारित पार्किंग और पर्याप्त चार्जिंग बुनियादी ढांचा भी विकसित किया जाएगा।
