दिलशाद गार्डन में पानी संकट पर फूटा गुस्सा, जल बोर्ड कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन
यमुनापार के दिलशाद गार्डन में पानी की किल्लत से परेशान लोगों ने दिल्ली जल बोर्ड कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। सांसद मनोज तिवारी ने सोमवार तक पानी ...और पढ़ें

यमुनापार के दिलशाद गार्डन में पानी की किल्लत से परेशान लोगों ने दिल्ली जल बोर्ड कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। इमेज एआई
HighLights
दिलशाद गार्डन में पानी की किल्लत से लोग परेशान।
जल बोर्ड कार्यालय पर लोगों ने किया जोरदार प्रदर्शन।
सांसद मनोज तिवारी ने जल्द समाधान का आश्वासन दिया।
जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। यमुनापार में पानी की किल्लत से लोग बहुत परेशान हैं। जल बोर्ड दफ्तर में अधिकारियों को रोजाना काफी संख्या में शिकायतें मिल रही हैं। भीषण गर्मी में जहां लोग पहले से ही परेशान हैं, वहीं पेयजल संकट ने समस्या को दोगुना कर दिया है। दिलशाद गार्डन जनता फ्लैट के लोग उस समय सड़कों पर उतर आए, जब लगातार तीन दिनों से शिकायत के बाद भी लोगों को पानी नसीब नहीं हुआ।
जीटीबी एन्क्लेव में करीब 5 हजार घरों में 15 हजार लोग रहते हैं, जिन्हें दो माह बीत जाने के बाद भी पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। शनिवार को गुस्साए सैकड़ों लोगों ने जल बोर्ड कार्यालय का घेराव कर अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। मौके पर विधायक वीर सिंह धिंगान भी पहुंचे और लोगों को शांत कराने की कोशिश करते हुए जल्द पानी उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
खाली बाल्टी लेकर जल बोर्ड कार्यालय पहुंचे लोग
दिलशाद गार्डन के कई इलाकों में पानी की किल्लत के चलते लोग खाली बाल्टी व अन्य बर्तन लेकर जल बोर्ड कार्यालय पहुंचे। गुस्साए लोगों ने ‘जल बोर्ड मुर्दाबाद’ के नारे भी लगाए। लोगों का कहना है कि लगातार दो माह से शिकायत करने के बावजूद घरों में पानी नहीं आ रहा है।
यदि पानी आता भी है तो वह गंदा और बदबूदार होता है, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सुरेश सिन्हा ने बताया कि जल बोर्ड के अधिकारी लगातार लापरवाही बरत रहे हैं, जिसके चलते लोगों को मजबूर होकर सड़कों पर उतरना पड़ा।
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तीन दिन का दिया अल्टीमेटम
गुस्साए लोगों ने जल बोर्ड अधिकारियों को तीन दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि क्षेत्र में पानी की समस्या जल्द ठीक नहीं हुई तो बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरेंगे, जिसकी जिम्मेदारी जल बोर्ड अधिकारियों की होगी।
आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने बताया कि पानी की किल्लत को लेकर कई बार शिकायत दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। गंदा पानी पीने से लोग बीमार हो रहे हैं। जल बोर्ड अधिकारियों को लोगों के स्वास्थ्य की कोई चिंता नहीं है। क्षेत्र के कई लोग दूषित पानी पीने से बीमार भी हो चुके हैं।
पिछले कई दिनों से पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। रोजाना जल बोर्ड जाते हैं, लेकिन अब तक सुनवाई नहीं हुई। पार्षद से लेकर सांसद तक से मिलकर परेशानी बताई, पर अभी तक कोई समाधान नहीं निकला।
-पंकज चौहानभीषण गर्मी में बिना पानी के दिन निकालना बेहद मुश्किल हो गया है। नीचे रहने वाले लोग तो किसी तरह टैंकर से काम चला लेते हैं, लेकिन ऊपरी मंजिल तक पानी पहुंचाना काफी कठिन है।
-ब्रज मोहन गुप्तापानी न आने से घर के कामकाज भी प्रभावित हो रहे हैं। भीषण गर्मी में बच्चों को कई-कई दिन तक नहलाना मुश्किल हो रहा है। बिना पानी के घरों में रहना कठिन हो गया है। जल बोर्ड और जनप्रतिनिधियों से निवेदन है कि जल्द पानी की व्यवस्था कराई जाए।
-गीता गर्गपानी न आना एक गंभीर समस्या है। सरकार को लोगों की मूलभूत जरूरतों को पूरा करना चाहिए। बिना पानी के लोग कैसे रह रहे हैं, यह देखने के लिए अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को क्षेत्र में आना चाहिए।
-पुरुषोत्तमदिलशाद गार्डन के लोग पानी की समस्या को लेकर मेरे पास आए थे। जल बोर्ड अधिकारियों को लोगों की समस्या का जल्द समाधान करने के निर्देश दे दिए गए हैं। सोमवार तक सभी घरों में पानी की सप्लाई शुरू हो जाएगी। जल बोर्ड के लापरवाह अधिकारियों की वजह से यह समस्या उत्पन्न हुई है। जो भी अधिकारी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-मनोज तिवारी, सांसद