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    अवैध भूजल दोहन पर लापरवाहों पर गिरेगी गाज, 536 होटलों पर 22.46 करोड़ का जुर्माना; डीजेबी इंजीनियरों पर कार्रवाई तय

    Updated: Mon, 26 Jan 2026 08:32 PM (IST)

    दिल्ली जल बोर्ड के अधीक्षण व कार्यकारी अभियंताओं पर 2014-2024 के दौरान पहाड़गंज में अवैध भूजल दोहन की अनुमति देने के लिए अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। म ...और पढ़ें

    Water (9)
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    HighLights

    1. अवैध भूजल दोहन पर डीजेबी अभियंताओं पर होगी कार्रवाई।

    2. पहाड़गंज के 536 होटलों ने अवैध रूप से भूजल निकाला।

    3. एनजीटी ने भूजल दोहन योजना को घोटाला बताया।

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। वर्ष 2014 से 2024 के बीच दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के अधीक्षण अभियंता व कार्यकारी अभियंता के पद पर तैनात रहे अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी। अभियंताओं पर आरोप है कि उन्होंने इस अवधि के बीच पहाड़गंज इलाके में अवैध भूजल दोहन के काम को होने दिया और अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं किया।

    536 होटलों पर 22.46 करोड़ का पर्यावरण मुआवजा

    इसी क्रम में अवैध भूजल दोहन करने के लिए 536 होटलों पर 22.46 करोड़ रुपये का पर्यावरण मुआवजा भी लगाया गया है। 22.46 करोड़ रुपये में से 4.36 करोड़ रुपये वसूले जा चुके हैं। दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव ने यह जानकारी नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में हलफनामा दाखिल करके दी।

    राजस्व को 11 करोड़ रुपये का नुकसान

    मुख्य सचिव ने रिपोर्ट दाखिल करके जानकारी दी कि 536 होटलों ने बीते 11 सालों से अवैध रूप से भूजल निकाल रहे थे और इससे राजस्व को 11 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मुख्य सचिव ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन न करने वाले इंजीनियरों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की सिफारिश की है।

    योजना की कोई कानूनी मान्यता नहीं

    अदालत ने रिकाॅर्ड पर लिया कि कई होटलों ने स्वैच्छिक प्रकटीकरण योजना (वीडीएस) का हवाला देकर भूजल दोहन को सही ठहराया था लेकिन दिल्ली जल बोर्ड ने कोर्ट को बताया कि इस योजना की कोई कानूनी मान्यता कभी थी ही नहीं। फरवरी 2025 में एनजीटी इस पूरी योजना को एक घोटाला करार दिया था।

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    एनजीटी ने मुख्य सचिव को दिया था जांच का जिम्मा

    एनजीटी ने मुख्य सचिव को मामले की जांच कर यह पता लगाने का निर्देश दिया था कि इससे सरकारी खजाने और पर्यावरण को कितना नुकसान हुआ है और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों कौन हैं। एनजीटी आवेदनकर्ता वरुण गुलाटी के आवेदन पर सुनवाई कर रहा है। इसमें पहाड़गंज में होटलों में अवैध भूजल दोहन करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई करने की मांग की गई है।

    इन अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की सिफारिश

    वर्ष एसई  ईई 
    2014 व 2015 अजय गुप्ता  राधेश्याम 
    2016 से 2020 तक  एमके जैन  आरके सुमन 
    2021 से 2022 तक  आरके सिंघल प्रीति पंत 
    2023 से 2024 तक प्रीति पंत  एचएस गर्ग 
    2024 प्रीति पंत  एसके सिंह 
    स्रोत- एनजीटी में दाखिल की गई रिपोर्ट।

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