DTC में व्यवस्थाएं सुधारने में जुटे MD जितेंद्र यादव का लक्षद्वीप तबादला, ई-बस प्रोजेक्ट को दी थी रफ्तार
डीटीसी के प्रबंध निदेशक जितेंद्र यादव का गृह मंत्रालय द्वारा तत्काल प्रभाव से दिल्ली से लक्षद्वीप तबादला कर दिया गया ...और पढ़ें

केंद्र सरकार ने एजीएमयूटी कैडर के 2010 बैच के आईएएस जितेंद्र यादव का दिल्ली से लक्षद्वीप तबादला कर दिया है।
HighLights
डीटीसी एमडी जितेंद्र यादव का लक्षद्वीप तबादला।
गृह मंत्रालय ने तत्काल प्रभाव से आदेश जारी किया।
यादव डीटीसी में कई सुधार कार्यों में लगे थे।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। व्यवस्थाओं काे ढर्रे पर लाने में जुटे डीटीसी (दिल्ली परिवहन निगम) के प्रबंध निदेशक जितेंद्र यादव का लक्ष्यद्वीप तबादला हो गया है। केंद्र सरकार ने एजीएमयूटी कैडर के 2010 बैच के आईएएस जितेंद्र यादव का दिल्ली से लक्षद्वीप तबादला कर दिया है। गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को इस संबंध में आदेश जारी किया। आदेश के अनुसार यादव को तत्काल प्रभाव से और अगले आदेश तक लक्षद्वीप स्थानांतरित किया गया है।
इलेक्ट्रिक बसों की परियोजना को धरातल पर लाए
गृह मंत्रालय की ओर से जारी संशोधित आदेश में उनके स्थानांतरण को सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद लागू करने की बात कही गई है। आदेश की प्रतियां दिल्ली सहित जम्मू-कश्मीर, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, पुडुचेरी, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, चंडीगढ़, लद्दाख और गोवा समेत एजीएमयूटी कैडर से जुड़े विभिन्न प्रशासनिक क्षेत्रों को भेजी गई हैं।
बता दें कि पिछले कुछ समय में डीटीसी में कई उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। जिनमें नई इलेक्ट्रिक बसों को शामिल करने और उनके संचालन का विस्तार प्रमुख प्राथमिकताओं में रहा है। 2025-26 में नई ई-बसों के संचालन और उनके लिए व्यवस्थाएं तैयार करने संबंधी गतिविधियां नजर आती हैं।
चार्जिंग स्टेशन, चार्जर और बिजली संबंधी ढांचे का विकास
पुराने बस डिपो को इलेक्ट्रिक बसों के लिए अपग्रेड करने की प्रक्रिया तेज हुई है। कंझावला डिपो-II, राजघाट डिपो-III और दिलशाद गार्डन डिपो के उन्नयन से संबंधित निविदा प्रक्रियाएं सामने आई हैं। राजघाट डिपो सहित विभिन्न स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन, चार्जर और बिजली संबंधी ढांचे के विकास पर काम हुआ है।
राजस्व बढ़ाने के लिए एजेंसियों का चयन शुरू
डीटीसी में इंटलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम (आईटीएस) के जरिए रियल-टाइम बस ट्रैकिंग, संसाधनों के बेहतर आवंटन और डिपो स्तर पर प्रदर्शन समीक्षा की दिशा में काम हुआ है। इसका उद्देश्य बसों की उपलब्धता और ब्रेकडाउन की समस्या को कम करना है। अंतरराज्यीय बस कनेक्टिविटी का विस्तार हुआ है तथा राजस्व बढ़ाने के नए प्रयास शुरू हुए हैं। डीटीसी ने इलेक्ट्रिक बसों पर बस बाॅडी रैप विज्ञापन के जरिए गैर-किराया राजस्व बढ़ाने के लिए एजेंसियों के चयन की प्रक्रिया शुरू की है।
