द्वारका हादसा: पुलिस जांच अब पूरी तरह साइंटिफिक, CCTV और फोरेंसिक से स्पीड-एंगल का पता लगाने की कोशिश
द्वारका में 3 फरवरी को हुए सड़क हादसे की जांच अब फोरेंसिक और तकनीकी पहलुओं पर केंद्रित है। दिल्ली पुलिस सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो का उपयोग कर रही ...और पढ़ें

द्वारका में 3 फरवरी को हुए सड़क हादसे की जांच अब फोरेंसिक और तकनीकी पहलुओं पर केंद्रित है। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, वेस्ट दिल्ली। 3 फरवरी को द्वारका इलाके में हुए भयानक सड़क हादसे की जांच अब पूरी तरह साइंटिफिक और टेक्निकल पहलुओं पर फोकस हो गई है। दिल्ली पुलिस किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले पूरी घटना की बारीकी से जांच कर रही है। पुलिस टीमें मौके से CCTV फुटेज और वायरल वीडियो का इस्तेमाल कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि जानलेवा टक्कर के समय दोनों गाड़ियां किस जगह पर थीं।
इस हादसे में जान गंवाने वाले बाइकर साहिल की सेफ्टी को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं। जांच के दौरान पुलिस को मौके से हेलमेट नहीं मिला। पुलिस अब यह कन्फर्म करने की कोशिश कर रही है कि साहिल ने हेलमेट नहीं पहना था या टक्कर इतनी तेज थी कि हेलमेट उसके सिर से उड़कर दूर चला गया। एक्सपर्ट साहिल के सिर पर लगी चोटों की भी जांच कर रहे हैं ताकि सेफ्टी स्टैंडर्ड की स्थिति साफ हो सके।
बाइक की स्पीड इस मामले का एक अहम पहलू
हादसे के समय स्कॉर्पियो और साहिल की बाइक की स्पीड इस मामले का एक अहम पहलू है। पुलिस ने इसके लिए फोरेंसिक एक्सपर्ट और रोड एक्सीडेंट एक्सपर्ट की मदद ली है। एक्सपर्ट्स टायर के निशान और दोनों गाड़ियों के डैमेज के आधार पर स्पीड का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं, जिन्हें एक्सीडेंट के बाद पहुंची पुलिस, क्राइम सीन और फोरेंसिक टीमों ने इकट्ठा किया था।
यह जांच मुख्य रूप से टक्कर के एंगल, बाइक कितनी दूर गिरी और टक्कर के समय दोनों गाड़ियों की स्पीड पर फोकस है। जांच में गाड़ियों की दिशा और स्पीड की तुलना पास के कैमरों के फुटेज से की जा रही है। यह दोनों गाड़ियों की जांच भी कर रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि डैमेज किस हालत में हुआ था।
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एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, हम इस एक्सीडेंट से जुड़े हर वीडियो को एनालाइज कर रहे हैं। फोरेंसिक टीम की रिपोर्ट मिलने के बाद यह साफ हो जाएगा कि गलती किसकी थी और क्या स्पीड तय लिमिट से ज़्यादा थी।