द्वारका हादसा: 'सॉरी से मेरा बच्चा वापस नहीं आएगा…', नाबालिग आरोपी के पिता को साहिल की मां का जवाब
द्वारका में स्कॉर्पियो हादसे में बेटे साहिल को खोने वाली मां इन्ना माकन ने आरोपी नाबालिग के पिता की माफी ठुकरा दी है। उन्होंने कहा कि 'सॉरी' से उनका ब ...और पढ़ें
HighLights
मां इन्ना माकन ने आरोपी पिता की माफी ठुकराई
बोलीं, 'सॉरी' से मेरा बेटा वापस नहीं आएगा
नाबालिगों को वाहन न देने की अपील की
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। द्वारका के सेक्टर-11 में 3 फरवरी को हुए स्कॉर्पियो से हुए हादसे में 23 वर्षीय साहिल धनैशरा की मौत के बाद उनकी मां इन्ना माकन का दर्द और आक्रोश दोनों सामने आया है।
आरोपी नाबालिग के पिता की ओर से मीडिया के जरिए माफी मांगी गई, जिसमें उन्होंने कहा कि बेटे की गलती पर शर्मिंदा हैं। इसके जवाब में हादसे में अपने बेटे साहिल को खो देने वाली मां ने साफ शब्दों में कहा- ‘सॉरी’ कह देने से मेरी दुनिया वापस नहीं आएगी।

‘किस बात की माफी?’
आरोपी के पिता ने घटना पर दुख जताते हुए माफी मांगी थी। इस पर इन्ना माकन ने कहा, 'वह किस बात की माफी मांग रहे हैं? मेरी जिंदगी खत्म करने की? अगर यही उनके बच्चे के साथ होता तो… सिर्फ ‘सॉरी’ कह देने से कुछ नहीं होता। ‘सॉरी’ मेरी दुनिया वापस नहीं आ सकती।'
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उन्होंने कहा कि अपने इकलौते बेटे को अकेले पाला और उसकी पढ़ाई-लिखाई के लिए जीवनभर संघर्ष किया। 'मैंने पहले कभी किसी की अस्थियां नहीं देखी थीं, और जब देखीं तो वह मेरे अपने बच्चे की थीं'।
‘मेरे बच्चे की बलि सबक बने’
इन्ना माकन ने समाज और खासकर माता-पिता से अपील की कि वे नाबालिग बच्चों को वाहन की चाबी न दें। 'मेरे बच्चे की बलि सबके लिए सबक बने। अपने बच्चों का भविष्य सुरक्षित करें। अगर लोग अब भी नहीं समझेंगे तो और मांएं अपने बच्चों को खोती रहेंगी।'

आरोपी के पिता पर एफआईआर
मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 (लापरवाही से वाहन चलाना), 106(1) (लापरवाही से मृत्यु) और 125(ए) (जीवन को खतरे में डालने वाला कृत्य) के तहत केस दर्ज किया गया है।
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द्वारका के डीसीपी अंकित सिंह के अनुसार, नाबालिग चालक के पिता के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 199A के तहत भी मामला दर्ज किया गया है, जिसमें नाबालिग द्वारा ट्रैफिक अपराध किए जाने पर अभिभावक या वाहन मालिक की जिम्मेदारी तय की जाती है।
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उम्र को लेकर पहले गलत जानकारी दी थी
पुलिस ने यह भी बताया कि शुरुआत में किशोर ने अपनी उम्र को लेकर गलत जानकारी दी थी। 4 फरवरी को उसे जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश किया गया, जहां से उसे ऑब्जर्वेशन होम भेजा गया। 10 फरवरी को उसे कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा में शामिल होने के लिए अंतरिम जमानत दे दी गई।

मानसिक तौर से परेशान है किशोर: वकील
किशोर के वकील लाल सिंह ठाकुर का कहना है कि हादसे के बाद किशोर मानसिक रूप से परेशान है और बोर्ड परीक्षाओं पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पा रहा। परिवार को धमकी और आपत्तिजनक कॉल भी मिल रहे हैं।

क्या था पूरा मामला
पुलिस के अनुसार, 3 फरवरी को सुबह करीब 11:50 बजे सेक्टर-11 स्थित लाल बहादुर शास्त्री इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के पास एक स्कॉर्पियो ने साहिल की यामाहा R15 बाइक को टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी तेज थी कि साहिल की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद स्कॉर्पियो एक खड़ी स्विफ्ट डिजायर से भी टकराई, जिससे कैब चालक अजीत सिंह घायल हो गए। हादसे के समय स्कॉर्पियो 17 वर्षीय नाबालिग चला रहा था। उसे मौके पर ही पकड़ लिया गया था।