पूर्वी दिल्ली के SDM कार्यालय में बवाल, तहसीलदार से मारपीट के बाद कामकाज ठप; 10 वकीलों पर केस दर्ज
पूर्वी दिल्ली के गीता कॉलोनी स्थित एसडीएम कार्यालय में तहसीलदार मनोज कुमार सिंह पर वकीलों द्वारा मारपीट और गाली-गलौज का ...और पढ़ें

माररपीट करने वाले वकीलों पर कार्रवाई करने के लिए तहसीलदारों ने काम ठप कर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। जागरण
HighLights
पूर्वी दिल्ली SDM कार्यालय में तहसीलदार पर हमला।
वकीलों ने तहसीलदार मनोज कुमार सिंह से मारपीट की।
घटना के विरोध में दिल्ली के तहसीलदार हड़ताल पर।
जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। गीता काॅलोनी स्थित एसडीएम कार्यालय में तहसीलदार के साथ मारपीट और गाली-गलौज करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि दस वकीलों ने जबरन तहसीलदार कार्यालय में घुसकर पटपड़गंज के तहसीलदार मनोज कुमार सिंह को बुरी तरह से पीटा। इस मामले में दिल्ली के सभी तहसीलदार लामबंद है।
तहसीलदार जमा हुए और वकीलों के खिलाफ प्रदर्शन किया
दिल्ली के सभी तहसीलदार कार्यालय में कामकाज ठप हड़ताल है। पीड़ित तहसीलदार की शिक़ायत पर लक्ष्मी नगर थाना पुलिस ने वकील अभय वोहरा, उनके पिता और अन्य वकीलों पर सरकारी कामकाज के दौरान मारपीट करने, धमकी देने और काम में बाधा डालने का आरोप में केस दर्ज किया है। मंगलवार को डीएम कार्यालय में दिल्ली के सभी तहसीलदार जमा हुए और वकीलों के खिलाफ प्रदर्शन किया।
क्यों आमने-सामने आए वकील-तहसीलदार?
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, 23 अक्टूबर को तहसीलदार एसएन सिंह एसडीएम कार्यालय के कमरा नंबर 17 में सरकारी कामकाज कर रहे थे। इसी दौरान अधिवक्ता अभय वोहरा अपने पिता और अन्य अधिवक्ताओं के साथ वहां पहुंचे।
आरोप है कि एक मुवक्किल के एसएमसी आवेदन को रद करने के मुद्दे पर अधिवक्ता की तहसीलदार से कहासुनी हो गई। तहसीलदार ने शिकायत में बताया कि दो सगे भाइयों की उम्र के अंतर से संबंधित मामले में उन्होंने प्रमाणपत्र जारी करने से इंकार कर दिया था। इसी बात को लेकर विवाद हुआ।
तहसीलदार के साथ भी मारपीट की गई
तहसीलदार का आरोप है कि अधिवक्ता ने करीब एक घंटे तक उनके साथ दुर्व्यवहार किया। इसके बाद मोबाइल से वीडियो बनाने लगे। इस दौरान सिविल डिफेंस वालंटियर राजकुमार ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो उसे धक्का दे दिया गया। आरोप है कि इसके बाद तहसीलदार के साथ भी मारपीट की गई।
जमीन पर गिर गए और उन्हें चोटें आईं
शिकायत के मुताबिक, तहसीलदार ने पुलिस हेल्पलाइन 112 पर कॉल कर सूचना दी। गांधी नगर के एसडीएम जितेंद्र कुमार को भी घटना के बारे में बताया गया। कुछ देर बाद लक्ष्मी नगर थाने से पुलिसकर्मी कार्यालय पहुंचे।
तहसीलदार का आरोप है कि जब वह अपनी शिकायत लिख रहे थे, तभी करीब 10 अधिवक्ता उनके कमरे में घुस आए। उन्होंने उनके साथ गाली-गलौज की और घूंसे व लातों से मारपीट की। इससे वह जमीन पर गिर गए और उन्हें चोटें आईं।
तहसीलदार ने बताया कि घटना के बाद वह भयभीत थे, इसलिए उसी दिन शिकायत दर्ज नहीं करा सके। अगले दिन 24 अक्टूबर को उन्होंने पुलिस को लिखित शिकायत दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर 25 को एफआईआर दर्ज कर ली है।
