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जर्मनी की नागरिकता दिलाने के नाम पर 60 लाख की ठगी, पूर्व नौकरशाह की बेटी IGI एयरपोर्ट से गिरफ्तार

By Jagran NewsEdited By: Shiv Govind Mishraa
Published: Fri, 16 Oct 2026 01:00 AM (IST)Updated: Fri, 16 Oct 2026 02:02 AM (IST)

वसंत कुंज नार्थ पुलिस ने जर्मनी की नागरिकता दिलाने के नाम पर 60 लाख रुपये की ठगी करने के आरोप ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक फोटो।

प्रतीकात्मक फोटो।

HighLights

  1. पूनम जेजलर जर्मनी नागरिकता दिलाने के नाम पर गिरफ्तार।

  2. 60 लाख रुपये की ठगी का आरोप, पुलिस हिरासत में।

  3. दिल्ली हवाई अड्डे से विदेश भागने की कोशिश में पकड़ी गई।

जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। वसंत कुंज नार्थ थाना पुलिस ने जर्मनी की नागरिकता दिलाने के नाम पर 60 लाख रुपये की ठगी करने के आरोप में एक पूर्व नौकरशाह की बेटी पूनम जेजलर को मंगलवार रात गिरफ्तार कर लिया है। उसे दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वह विदेश भागने की फिराक में थी।

गुरुवार को आरोपित पूनम जेजलर को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अनिमेष कुमार ने आरोपित को 16 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में रखने का आदेश दिया है। आरोपित महिला खुद को मध्य प्रदेश के पूर्व कानून सचिव की बेटी बताती है। ठगी को लेकर तिमारपुर निवासी शिकायतकर्ता ने चार अक्टूबर 2025 को वसंत कुंज नार्थ थाने में एफआइआर दर्ज कराई थी। उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी था।

अंतरराष्ट्रीय संपर्कों के जाल में फंसाया

दर्ज एफआइआर के अनुसार, आरोपित महिला ने खुद को स्विट्जरलैंड की रसूखदार हस्ती और 'वर्ल्ड बुक आफ रिकार्ड्स स्विट्जरलैंड' की अध्यक्ष बताया था। साथ ही उसने वर्ष 2022 में 'भारत कीर्ति चक्र' से सम्मानित होने का झूठा दावा कर पीड़ित को अपने अंतरराष्ट्रीय संपर्कों के जाल में फंसाया।

जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि 29 जुलाई 2023 से 22 नवंबर 2024 के बीच 60 लाख रुपये दो बैंक खातों में ट्रांसफर कराई गई थी। आरोपित ने पीड़ित को रजत अरोड़ा नाम के व्यक्ति से भी मिलवाया, जिसे जर्मन दूतावास का कर्मचारी बताया गया था। पुलिस अब दूतावास के अधिकारियों की भूमिका की जांच कर रही है।

आरोपित का मुंबई का पता फर्जी पाए जाने पर पुलिस ने लुकआउट सर्कुलर जारी कर उसके खाते फ्रीज किए थे। गिरफ्तारी की सूचना जर्मन दूतावास और विदेश मंत्रालय को दे दी गई है, जबकि आरोपित की जमानत याचिका कुछ दलीलों के बाद अदालत से वापस ले ली गई है।