दिल्ली के 160 साल पुराने टाउन हॉल की छत गिरी, तेज बारिश के बाद ढह गया प्रवेश द्वार; आवाजाही रोकी गई
चांदनी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल की छत भारी बारिश के कारण ढह गई, जिससे प्रवेश द्वार बुरी तरह क्षतिग्रस्त ...और पढ़ें

बारिश से क्षतिग्रस्त टाउनहॉल। फोटो: जागरण
नेमिष हेमंत, नई दिल्ली। कभी दिल्ली के शासन की धुरी रहने वाला टाउनहाल उपेक्षा का इस कदर शिकार हुआ कि उसके प्रवेश द्वार की छत ही ढह गई है। साथ ही प्रवेश द्वार इतनी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है कि उसका पुनः निर्माण कराना होगा।
तेज वर्षा के कारण ढही छत
मरम्मत योग्य इसकी दीवारें अब बची नहीं हैं। मामला शनिवार का है, जब दिल्ली में तेज वर्षा के कारण छत रात में ढह गई। गनीमत थी कि हादसा रात में हुआ, क्योंकि वैसे तो यह टाउन हाल बंद पड़ा है, लेकिन यहां पर निगम चुनाव में उपयोग होने वाली ईवीएम का स्टोर है, जिसकी सुरक्षा में नागालैंड पुलिस के कर्मी यहां रहते भी हैं।
हादसे के बाद यहां पर एमसीडी ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है। साथ ही यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई और इसके आसपास भी न पहुंचे, क्योंकि क्षतिग्रस्त दीवारें भी अभी गिर सकती हैं। साथ ही चेतावनी भी लिखी गई है कि लोग इसके आसपास से न गुजरें।
निगम के अधिकारी ने बताया कि छत और बीम गिरने के बाद से मलबा हटाने का काम चल रहा है। कुछ मलबा और बीम हटाए जा चुके हैं, लेकिन पूरे हिस्से को साफ करने में कई दिन लग सकते हैं।
एहतियात के तौर पर प्रवेश पोर्च के आसपास आवाजाही रोक दी गई है। दमकल विभाग के अधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं। उल्लेखनीय है कि टाउन हाल ग्रेड-1 संरक्षित विरासत भवन है। इसके रखरखाव की जिम्मेदारी एमसीडी के पास है।
145 साल तक इसी इमारत से चला निगम का कामकाज
निगम ने वर्ष 1866 से 2011-12 तक करीब 145 वर्षों तक इसी इमारत से कामकाज संचालित किया था। सिविक सेंटर में निगम मुख्यालय बन जाने के बाद के 14 वर्षों में यह ऐतिहासिक इमारत उपेक्षा का शिकार होती चली गई।
जबकि कभी इसे रेस्तरां में विकसित करने की बात हुई तो कभी संग्रहालय के तौर पर विकसित करने की बात हुई। लेकिन वह जमीन पर नहीं उतर सकी।
पूर्ववर्ती उत्तरी निगम ने 2018 में यहां पर हेरिटेज होटल बनाने का प्रस्ताव तैयार किया, लेकिन इसमें कोई रुचि नहीं आने के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
जबकि वर्ष 2022 में केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने 33 वर्ष की लीज पर इसे लेकर संग्रहालय, पुस्तकालय, शोध केंद्र और रेस्तरां विकसित करने में रुचि दिखाई थी। हालांकि, राजस्व साझा करने के मुद्दे पर योजना अटक गई।
ग्लोबल हेरिटेज सेंटर के रूप में होगा विकसित
इसके बाद वर्ष 2024 में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) के साथ इसके लिए समझौता हुआ और निगम के पास मौजूद 162 वर्षों के दुर्लभ दस्तावेजों और कलाकृतियों के संरक्षण तथा परिसर के प्रेस भवन वाले हिस्से को निगम संग्रहालय के रूप में विकसित करने की योजना बनी।
लेकिन अप्रैल 2026 में दिल्ली सरकार ने अपने बजट में इसे लेने की घोषणा कर दी और इसे पर्यटन का अंतरराष्ट्रीय स्तर का केंद्र विकसित करने की घोषणा तक कर दी।
इसके बाद सितंबर 2026 में दिल्ली सरकार और एमसीडी के बीच टाउन हाल को ग्लोबल हेरिटेज सेंटर के रूप में विकसित करने के लिए समझौता हुआ है। निगम अधिकारी के अनुसार, अब दिल्ली सरकार का पर्यटन विभाग इस परियोजना को आगे बढ़ाएगा।
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