दिल्ली एयरपोर्ट के नियमों में बदलाव, कनेक्टिंग यात्रियों को मिलेगी 24 घंटे स्पेशल एस्कॉर्ट सुविधा; गाइडलाइंस जारी
दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर सुरक्षा चूक के बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने नए कड़े दिशानिर्देश जारी किए हैं। अब ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर एआई जनरेटेड
HighLights
आईजीआई एयरपोर्ट पर गंभीर सुरक्षा चूक के बाद नए नियम।
घरेलू से अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को 24/7 फिजिकल एस्कॉर्ट।
इमिग्रेशन और ट्रांसफर कॉरिडोर में सख्त जांच होगी।
गौतम कुमार मिश्रा, नई दिल्ली। आईजीआई एयरपोर्ट पर सुरक्षा और इमिग्रेशन प्रक्रिया में एक गंभीर चूक के सामने आने के बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय, गृह मंत्रालय और ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन ने कड़े सुरक्षा दिशानिर्देश जारी किए हैं।
सूत्रों का कहना है कि नई व्यवस्था के तहत घरेलू उड़ानों से दिल्ली (हब) पहुंचकर आगे अंतरराष्ट्रीय उड़ान पकड़ने वाले यात्रियों को अब 24 घंटे तैनात रहने वाली नोडल टीमें खुद फिजिकल एस्कार्ट कर सही इमिग्रेशन काउंटर तक पहुंचाएंगी।
क्या है मामला?
यह सख्त कदम तीन सितंबर की मध्यरात्रि को हुई एक गंभीर सुरक्षा चूक के बाद उठाया गया है। इटली के तीन नागरिक अमृतसर से एअर इंडिया की उड़ान से दिल्ली पहुंचे थे।
दिल्ली उतरने के बाद, उन्हें निर्धारित निकासी द्वार से बाहर निकालकर इमिग्रेशन क्लीयरेंस कराने के बजाय, ग्राउंड स्टाफ की गलती के कारण सीधे 'इंटरनेशनल-टू-इंटरनेशनल' ट्रांसफर कॉरिडोर में भेज दिया गया।
इसके बाद तीनों यात्री बिना पासपोर्ट और इमिग्रेशन क्लीयरेंस कराए ही म्यूनिख जाने वाली लुफ्थहंसा की उड़ान में सवार होकर विदेश रवाना हो गए।
इस घटना का पता बाद में दस्तावेजों के मैनुअल मिलान के दौरान हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एअर इंडिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया, वहीं गृह मंत्रालय ने शीर्ष सुरक्षा एजेंसियों के साथ आपात बैठक बुलाई।
क्या है 'हब-एंड-स्पोक' योजना?
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यात्रियों को सुगम और निर्बाध यात्रा का अनुभव देने के लिए एअर इंडिया के माध्यम से 'हब-एंड-स्पोक' (जिसे 'ईजी कनेक्ट' भी कहा जाता है) मॉडल इसी वर्ष जून में शुरू किया था।
इसके तहत छोटे शहरों (स्पोक, जैसे- अमृतसर, वाराणसी) से दिल्ली (हब) आकर विदेश जाने वाले यात्रियों का इमिग्रेशन और कस्टम्स क्लीयरेंस मूल एयरपोर्ट पर ही कर दिया जाता है, ताकि दिल्ली में उन्हें दोबारा लंबी कतारों में न लगना पड़े।
हालांकि, इस मामले में तीनों यात्रियों के पास अमृतसर से जारी 'डी' (डोमेस्टिक, घरेलू) श्रेणी के बोर्डिंग पास थे और वे इस सीधी सेवा के पात्र नहीं थे। इसके बावजूद उन्हें गलती से अंतरराष्ट्रीय ट्रांसफर एरिया में जाने दिया गया।
नए नियमों के तहत क्या बदलेगा?
- 24/7 नोडल टीमें: ग्राउंड हैंडलिंग एजेंसियों के लिए 24 घंटे समर्पित नोडल क्रू स्टाफ तैनात करना अनिवार्य कर दिया गया है।
- फिजिकल एस्कार्ट: स्पोक उड़ानों से आने वाले ऐसे यात्री, जिन्हें दिल्ली में इमिग्रेशन कराना है, उन्हें नोडल टीम अपनी देखरेख में इमिग्रेशन काउंटर तक ले जाएगी।
- सख्त सेग्रिगेशन: डोमेस्टिक और इंटरनेशनल ट्रांसफर कॉरिडोर के बीच डिजिटल और फिजिकल चेकिंग को मजबूत किया जा रहा है ताकि भविष्य में किसी भी यात्री द्वारा सुरक्षा प्रोटोकाल को बाईपास न किया जा सके।
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