बसों की छत पर लगाइए और दिल्ली में जहरीली हवा से मुक्ति पाइए! IIT कानपुर के विंड पैनल ने जगाई नई उम्मीद
आईआईटी दिल्ली की प्रदर्शनी में कानपुर के छात्रों द्वारा विकसित 'विंड पैनल' ने वायु प्रदूषण से लड़ने की नई उम्मीद जगाई है। यह पैनल बसों की छत पर लगाकर ...और पढ़ें

विंड पैनल को देखतीं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता। जागरण
HighLights
विंड पैनल बसों की छत पर लगाकर हवा साफ करेगा
सीएम रेखा गुप्ता ने इस तकनीक को सराहा
यह पैनल स्वयं चार्ज होकर प्रदूषण घटाता है
लोकेश शर्मा, नई दिल्ली। राजधानी की दमघोंटू हवा के बीच आईआईटी दिल्ली में आयोजित ‘एग्जीबिशन आफ इनोवेटिव टेक्नोलाॅजिकल साॅल्यूशंस फाॅर काॅम्बेटिंग एयर पाॅल्यूशन’ ने प्रदूषण से लड़ने की नई उम्मीद जगाई।
इस प्रदर्शनी में देशभर के विभिन्न आईआईटी संस्थानों से आए छात्रों ने वायु प्रदूषण को कम करने और स्वास्थ्य जोखिमों से लोगों को बचाने के लिए कई अभिनव तकनीकी माडल पेश किए। इनमें सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरीं आईआईटी कानपुर के 2022 बैच के पूर्व छात्रों अक्षांश और गंगेश द्वारा विकसित ‘विंड पैनल’ ने।
विंड पैनल को खास तौर पर सरकारी बसों की छत पर लगाने के लिए डिजाइन किया गया है। यह पैनल बस के चलने के दौरान हवा के प्रवाह का उपयोग कर प्रदूषित हवा को साफ करता है और साथ ही खुद को चार्ज भी करता है। यानी यह सिस्टम बिजली पर निर्भर नहीं है और बस जितनी देर चलेगी, उतनी देर और जितने इलाके से गुजरेगी, वहां तक वायु प्रदूषण कम करने में योगदान देगा।
तकनीक का कराया गया पेटेंट
करीब 15 किलो वजनी यह पैनल चार साल की मेहनत के बाद तैयार किया गया है और इसे पेटेंट भी कराया जा चुका है। छात्रों के अनुसार यह पैनल एक बार चार्ज होने के बाद 10 घंटे से अधिक समय तक काम कर सकता है, यह किफायती और टिकाऊ समाधान बनता है।
छात्र अक्षांश ने बताया कि इस प्रोजेक्ट पर काम करते समय बजट की कमी के कारण बीच में कुछ समय के लिए काम रोकना पड़ा, लेकिन अब वे इसे व्यावसायिक स्तर पर बाजार में उतारने के लिए तैयार हैं।
उनका कहना है कि यह तकनीक न केवल वायु प्रदूषण को कम करेगी, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को भी घटाने में मददगार साबित होगी। छात्रों ने इस माॅडल को दिल्ली में लागू करने का सुझाव मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को भी दिया है।
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सीएम ने विंड पैनल के बारे में ली पूरी जानकारी
प्रदर्शनी के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विंड पैनल स्टाल पर सबसे अधिक समय बिताया और इसकी तकनीकी बारीकियों को विस्तार से समझा। उन्होंने अपनी टीम को इस प्रोजेक्ट पर गंभीरता से विचार करने के निर्देश भी दिए, जिससे इसके पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू होने की संभावना बढ़ गई है।
विंड पैनल के अलावा प्रदर्शनी में गाड़ियों पर लगाए जाने वाले विशेष मूविंग एयर प्योरिफायर भी आकर्षण का केंद्र रहे। ये प्योरिफायर वाहन के मूवमेंट से बनने वाले एयर फ्लो के साथ हवा को साफ करते हैं और इन्हें अलग से बिजली की जरूरत नहीं होती।
इसके साथ ही वाहनों से निकलने वाले हानिकारक धुएं को कम करने वाले माॅडल, पोल पर लगाए जाने वाले डस्ट कलेक्टर और सड़क किनारे उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करने वाली तकनीक भी प्रदर्शित की गईं। डस्ट कलेक्टर 30 मीटर के दायरे में हवा से धूल को खींचकर एक बार में लगभग तीन किलो मिट्टी जमा कर सकता है और भरने पर ऑटोमैटिक अलर्ट भेजता है।